गांधीजी के तीन भूत और 142 करोड़ मूरà¥à¤¦à¥‹ का देश चीन/ Gandhi’s three ghosts and 142 crore dead country of China

 

मेरे दोसà¥à¤¤, आप कैसे हो ? मैं आशा करता हूं कि आप सभी लोग अचà¥à¤›à¥‡ होंगे ।
गांधीजी के तीन बंदर या तीन भूत कà¥à¤¯à¤¾ है और 142 करोड़ों मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹ का देश चाइना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है । तो चलिठइस विषय पर आपसे अपनी मन की बात करता हूं । आप जानते हैं गांधीजी के तीन बंदर या तीन भूत है ।  जो न बà¥à¤°à¤¾ देखता है ,  न बà¥à¤°à¤¾ सà¥à¤¨à¤¤à¤¾ है और न बà¥à¤°à¤¾ बोलता है। पà¥à¤°à¤•ृति या ईशà¥à¤µà¤° ने मनà¥à¤·à¥à¤¯ को आंख , कान और मà¥à¤‚ह किस लिठदिया है । इसलिठदिया है अगर कहीं पर किसी समय अचà¥à¤›à¥‡ कारà¥à¤¯ हो रहे हो , पà¥à¤£à¥à¤¯ कारà¥à¤¯ हो रहे हो , या सेवा , मदद का कारà¥à¤¯ हो रहे हो या लोग आनंद और खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मना रहे हो इस कà¥à¤·à¤£ को लंबा करने के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक ने मà¥à¤‚ह दिया ताकि आप सभी लोग अपने मà¥à¤‚ह के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ और भी लोगों तक इस खà¥à¤¶à¥€ को पहà¥à¤‚चा सको ,  कानों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दूसरे लोगों को सà¥à¤¨à¤¾ सको , आंखों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लोगों को अचà¥à¤›à¥‡ कारà¥à¤¯ दिखा सको । लेकिन आज मनà¥à¤·à¥à¤¯ बिना आंख , कान , मà¥à¤‚ह के पैदा होने लगे हैं यही कारण है कि आज मनà¥à¤·à¥à¤¯ गांधीजी के तीन बंदरों के समान हो गठहैं ।  न अचà¥à¤›à¤¾ देखना चाहते हैं , न अचà¥à¤›à¤¾ बोलना चाहते हैं और न अचà¥à¤›à¤¾Â  सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ चाहते हैं । इसका उलà¥à¤Ÿà¤¾ ही आज का मनà¥à¤·à¥à¤¯ अपना कारà¥à¤¯ करता है । बà¥à¤°à¤¾ देखना , बà¥à¤°à¤¾ सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ , बà¥à¤°à¤¾ बोलना आज के मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ का जनà¥à¤®à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ अधिकार बन गया है । आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚? खà¥à¤¦à¤¾ ने आंख , कान और मà¥à¤‚ह मनà¥à¤·à¥à¤¯ को कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ दिया है। आप खà¥à¤¦ सोचो ,  विचार करो ।
और हां दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ 142 करोड़ मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ का देश चाइना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है ?  आज पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में कोरोनावायरस का खौफ की  महामारी दिन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ बढ़ रही है । कोरोनावायरस ने अब तक ४.५ लाख से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोगों का जीवन खा गई और लगभग  9५ लाख से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोग इस बीमारी से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हैं। चारों तरफ डर और भय का माहौल बना हà¥à¤† है। लोग अपने अपने घरों में छिपे हà¥à¤ हैं । सारे उदà¥à¤¯à¥‹à¤— धंधे बंद पड़ी है । मंदिर मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ के सारे देवी , देवताओं , अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ , जीसस और  नानक सभी भागे हà¥à¤ हैं । सभी देवी ,देवता अपने अपने घरों में छिपे हà¥à¤ हैं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? आज कà¥à¤› देशों की सरकार ने अपने यहां लॉकडाउन को खोल दिया है । लॉकडाउन खà¥à¤²à¤¨à¥‡ से कोरोनावायरस बहà¥à¤¤ तेज गति से बढ़ रहा है ।जैसे जंगल में आग फैलता है । वैसे ही आज कोरोनावायरस चारों तरफ फैल रहा है।  इस वायरस का जनà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ कौन है ? आप सभी जानते हैं । चीन कोरोनावायरस का जनà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ है । शी जिनपिंग की सरकार ने कोरोनावायरस को पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक आपदा कहती है । अगर  कोरोनावायरस पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक आपदा है तो कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चाइना अपने लैब को किसी देश को जांच करने नहीं देती ? कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चाइना कोरोनावायरसना का डाटा विशà¥à¤µ से छà¥à¤ªà¤¾à¤ रखी? आज पूरी मानव जाति डर और भय के साठमें अपनी जिंदगी गà¥à¤œà¤¾à¤°à¤¨à¥‡ को मजबूर हैं । चीन की 142 करोड जनता की आंख , कान और मà¥à¤‚ह होते हà¥à¤ भी चाइना का à¤à¤• भी नागरिक अपने देश की सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ विरोध नहीं किया । इसका कà¥à¤¯à¤¾ मतलब होता है , यही न कि चाइना देश के लोग मà¥à¤°à¥à¤¦à¤¾ हैं उनमें जान नहीं और न उनमें मानवता के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¥‡à¤® संवेदनाà¤à¤‚ नहीं या चाइना की जनता अपनी सरकार से डरती है , डरपोक कायर है । जबकि कोरोनावायरस से चीन में भी हजारों लोग मारे गà¤à¥¤ अगर यही कोरोनावायरस का जनà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ कोई और देश होता तो चीन में भी लाखों लोग मरते फिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चीन की जनता चà¥à¤ª बैठी है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ अपने देश की सरकार के विरà¥à¤¦à¥à¤§ आवाज तक नहीं उठाती। कà¥à¤¯à¤¾ वे मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ हैं ? कà¥à¤¯à¤¾ चीन की जनता शकà¥à¤¤à¤¿à¤¹à¥€à¤¨ है। अगर आज मानव की मानवता जीवित रहती है तभी मानव धरती पर लंबे समय तक उसका असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ बना रह सकता है , अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ नहीं । जैसे धरती से डायनासोर पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ गायब हो गठ, ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार मानव भी धरती से गायब हो जाà¤à¤—ा । अभी भी समय है जागो , अपनी आंखें खोलो , अपने चारों तरफ देखो कà¥à¤¯à¤¾ हो रहा है। अगर कहीं गलत होता है तो उसका विरोध करें और अचà¥à¤›à¤¾ होता है तो उसे अपने अंदर गà¥à¤°à¤¹à¤£ करें । उसका पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करें , उसे अपना सहयोग दें , उसका समरà¥à¤¥à¤¨ करें । ताकि मानव की मानवता जीवित रहे और चाइना वासियों में भी जन जागृति पैदा हो । अगर कहीं बà¥à¤°à¥‡ कारà¥à¤¯ होते हो तो उस कारà¥à¤¯à¥‹ का आप विरोध करें ।बà¥à¤°à¥‡ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपना विरोध पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करे ।

अगर आप गलत कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का विरोध करना नहीं चाहते हैं और अचà¥à¤›à¥‡ कारà¥à¤¯à¥‹ या विचारों को गà¥à¤°à¤¹à¤£ करना नहीं चाहते हैं तो आप न करें । सिरà¥à¤« खà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें , अपने परिवार से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें और अपने आसपास के लोगों से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें । सिरà¥à¤« आप इतना ही करें तो मानव कि मानवता अपने आप जीवित होने लगेगी । आपका पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ ही आपका सारा कारà¥à¤¯ कर देगी । जहां आप नहीं पहà¥à¤‚च सकते हैं , वहां आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ पहà¥à¤‚च जाà¤à¤—ी । अगर आपको अमेरिका जाना हो तो आपको पैसा , विजà¥à¤œà¤¾ या पासपोरà¥à¤Ÿ की जरूरत होगी , तभी आप अमेरिका जा सकते हैं अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ नहीं। लेकिन अगर आपके पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ को अमेरिका जाना हो या किसी देश में टà¥à¤°à¥ˆà¤µà¤² करना हो तो उसे न पैसों की जरूरत , न विजà¥à¤œà¤¾ की जरूरत , न पासपोरà¥à¤Ÿ की जरूरत है और न कोई भी भौतिक पदारà¥à¤¥ की जरूरत है। यह चारों तरफ है धरती के हर जगह , हरेक पदारà¥à¤¥à¥‹ में है । à¤à¤¸à¤¾ कोई जगह ख़ाली नहीं जहां उरà¥à¤œà¤¾ का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ न हो ।धरती हो या बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚ड सभी जगह ऊरà¥à¤œà¤¾ का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ है à¤à¤¸à¤¾ कोई जगह खाली नहीं जहां ऊरà¥à¤œà¤¾ का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ न हो । इसके लिठआपके शरीर में सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ का सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होना बहà¥à¤¤ जरूरी है ।

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