पाप और पà¥à¤£à¥à¤¯ हमारे मन का à¤à¤¾à¤µ है जिस पà¥à¤°à¤•ार देव करà¥à¤® और दानव करà¥à¤® होते हैं या जिस पà¥à¤°à¤•ार से सà¥à¤– दà¥à¤– का अनà¥à¤à¤µ हम लोगों को होता है । यह सब मन का à¤à¤¾à¤µ है । पाप और पà¥à¤£à¥à¤¯ का सरल परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ है कि जो काम हम खà¥à¤²à¥‡à¤†à¤® करते हैं वह पà¥à¤£à¥à¤¯ करà¥à¤® है और जो काम हम छिप कर करते हैं वह पाप करà¥à¤® है ।
लेकिन पाप या पà¥à¤£à¥à¤¯ का करà¥à¤® कोई करता नहीं , वह अपने आप होता है ।इसे आप समà¤à¤¨à¥‡ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें कोई à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पाप करà¥à¤® नहीं करता । जैसे चोर चोरी नहीं करता । वह अपने आप होता है। अपराधी हतà¥à¤¯à¤¾ या रेप नहीं करता । वह होता है । इसको आप समà¤à¥‡à¤‚ कि आपका दिमाग ऑटोमेटिक है वह आपसे काम करवाता है और आप काम करते हैं । जैसे कà¥à¤°à¥‹à¤§ या गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आपको आता है । यह कà¥à¤°à¥‹à¤§ या गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ अपने आप आता है । आप कà¥à¤°à¥‹à¤§ या गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ करते नहीं । कà¥à¤°à¥‹à¤§ या गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आपके बस में नहीं था । अगर बस में होता तो आप कà¥à¤°à¥‹à¤§ या गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ नहीं करते । कोई हतà¥à¤¯à¤¾ नहीं करता । à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है ?
जब तक आपकी आतà¥à¤®à¤¾ सोई हà¥à¤ˆ है , मूरà¥à¤›à¤¿à¤¤ है । अगर चितà¥à¤¤ की दशा मूरà¥à¤›à¤¿à¤¤ है , चेतना सोई है । à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जो à¤à¥€ काम करेगा वह पाप ही करेगा । à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को आप गाली दो तो बदले में वह à¤à¥€ आपको गाली से जवाब देगा । यह à¤à¥€ हो सकता है कि वह आपके ऊपर हाथ à¤à¥€ छोड़ दे । अगर उसके बस में होता तो उसे रोक सकता था । गाली देने से बच सकता था । पर à¤à¤¸à¤¾ नहीं होता । उसके बस में नहीं था । उसको सामने वाला गाली दिया तो बदलें में उसने à¤à¥€ उसको गाली दिया । कोई सोच विचार करके किसी को गाली नहीं देता है । यह अपने आप होता है। इसे कोई करता नहीं । करना या होना , दोनों के बीच जमीन आसमान की दूरी है । यह अपने आप होता हैं जब à¤à¥€ चित की दशा मूरà¥à¤›à¤¿à¤¤ हो या आतà¥à¤®à¤¾ सोई हो à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जो à¤à¥€ काम करेगा वह पाप ही काम करेगा । à¤à¤²à¥‡ ही वह हजारों लोगों को खाना खिलाता हो, दान करता हो , मंदिर मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ बनवाया हो। आपको दिखने में लगेगा कि वह अचà¥à¤›à¤¾ काम करता है पर उसका पाप का बाप उसके अंदर ही छà¥à¤ªà¤¾ रहता है। यस का , नाम का , धन दौलत का पाप उसके अंदर छिपा होता है । यह मंदिर मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ के दीवारों पर उसका नाम लिखा आपको देखने को मिल जाà¤à¤—ा । अखबारों में , टेलीविजन पर उसका नाम आपको दिख जाà¤à¤—ा ।
ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार कोई à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जैसे संत महातà¥à¤®à¤¾ पà¥à¤£à¥à¤¯ का काम नहीं करता उससे पà¥à¤£à¥à¤¯ का काम अपने आप होता हैं । कोई करता नहीं । सà¥à¤•रात को जहर दिया गया । उसने हंसते हंसते सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया । उसके बदले में उसने जवाब नहीं दिया । जीसस को सूली पर चढ़ा दिया गया । उनसे अंतिम इचà¥à¤›à¤¾ पूछी गई । उसने कहा , हे परमातà¥à¤®à¤¾ इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤·à¤®à¤¾ कर दें ।इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह पता नहीं, यह कà¥à¤¯à¤¾ काम कर रहे हैं । जिसकी चितà¥à¤¤ की दशा अमूरà¥à¤›à¤¿à¤¤ हो , चेतना जागृत हो , à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से जो à¤à¥€ काम होगा , वह पà¥à¤£à¥à¤¯ का काम ही होगा । उनसे à¤à¤¸à¥‡ ही कारà¥à¤¯ अपने आप होते हैं । उसके लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ को सोचना विचारना नहीं पड़ता । आपने सà¥à¤¨à¤¾ होगा यूनान का गà¥à¤°à¤œà¤¿à¤à¤ª नाम का à¤à¤• फकीर था उसे बाजार में पकड़ कर हजारों गालियां दी गई । पर उसने गाली का जवाब नहीं दिया।उसने कहा इसका जवाब मैं कल दूंगा । उन लोगों ने कहा मैं अà¤à¥€ आपको गाली देता हूं आप कल जवाब देंगे इसका कà¥à¤¯à¤¾ मतलब हà¥à¤† । उसने कहा अगर जरूरत हà¥à¤ˆ तो इसका जवाब दूंगा । अगर जरूरत नहीं हà¥à¤ˆ तो इसका जवाब नहीं दूंगा ।
या आप महावीर के जीवन को देखें तो आपको बहà¥à¤¤ कà¥à¤› समठमें आने लगेगा । महावीर को पतà¥à¤¥à¤°à¥‹à¤‚ से मारा गया फिर à¤à¥€ उसने पतà¥à¤¥à¤°à¥‹à¤‚ का जवाब नहीं दिया । बà¥à¤¦à¥à¤§ करà¥à¤£à¤¾ के पà¥à¤œà¤¾à¤°à¥€ थे । उनके करà¥à¤® से करà¥à¤£à¤¾ बहा करती थी । à¤à¤¸à¥‡ लोगों की आतà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚ जागृत होती है । जिन लोगों का चित अमूरà¥à¤›à¤¿à¤¤ होता है । उनसे à¤à¤¸à¥‡ करà¥à¤® अपने आप होते हैं । उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ करना नहीं पड़ता ।
आप जानते होंगे कि महातà¥à¤®à¤¾ गांधी जी ने à¤à¤• बार à¤à¤• गाय के बछड़े को जहर दिया ।आपको लगता होगा कि उसने पाप किया । गाय के बछड़े को मारने का पाप गांधी को लगा , लेकिन आप उनके अंतरà¥à¤®à¤¨ में à¤à¤¾à¤•र देखे तो आपको पता चलेगा कि वह बछड़ा बहà¥à¤¤ तकलीफ में था। उसे बचाठजाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल था। गांधी जी के बस में नहीं था कि बछड़े को बचा सके । इसलिठउसने बछड़े को जहर दिया ताकि उसकी तकलीफ कम हो जाठ। अब आप इसे कà¥à¤¯à¤¾ कहेंगे कि गांधी जी ने पाप किया । आपको दिखने में लगेगा कि गांधी जी ने पाप करà¥à¤® किया । लेकिन वह पà¥à¤£à¥à¤¯ करà¥à¤® था। आतà¥à¤®à¤¾ की जागृत अवसà¥à¤¥à¤¾ में किया गया कोई à¤à¥€ करà¥à¤® पà¥à¤£à¥à¤¯ करà¥à¤® ही होता है ।
आतà¥à¤®à¤¾ की जागृत अवसà¥à¤¥à¤¾ में à¤à¤¸à¥‡ कारà¥à¤¯ होता है , कोई करता नहीं। चितà¥à¤¤ की दशा जागृत हो तो à¤à¤¸à¥‡ करà¥à¤® अपने आप होते हैं । इसे करना नहीं पड़ता । जिस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का चित जागृत अवसà¥à¤¥à¤¾ में होता है । वह चाहे जो à¤à¥€ काम करेगा , वह पà¥à¤£à¥à¤¯ करà¥à¤® ही करेगा ।
अगर आप इसे बदलना चाहे तो आप ऊपर लेवल से कà¤à¥€ नहीं बदल सकते हैं । आपको बहà¥à¤¤ गहरे में जाना होगा। आतà¥à¤®à¤¾ के लेवल पर जाना होगा तो ही आप पाप को पà¥à¤£à¥à¤¯ में बदल सकते हैं । जैसे आपने आम का पेड़ लगाया तो आपको आम का फल ही मिलेगा , सेव का नहीं ।आप चाहे कितना à¤à¥€ उस पेड़ का सेवा करें । उस पेड़ से आपको आम ही मिलेगा , सेव नहीं । सेव के लिठआपको बहà¥à¤¤ गहरे में जाना होगा । बीच के रूप में जाना होगा । सेब का बीज आपको लगाना होगा तà¤à¥€ आपको सेव का फल मिलेगा। कोई à¤à¥€ महान कारà¥à¤¯ आतà¥à¤®à¤¾ की जागृत अवसà¥à¤¥à¤¾ में होती है चितà¥à¤¤ की अमूरà¥à¤›à¤¿à¤¤ अवसà¥à¤¥à¤¾ में ही पूरा होता है ।
अगर आपको यह लेख /Article अचà¥à¤›à¤¾ लगे तो इसे लाइक करें , कॉमेंटà¥à¤¸ करें । जितना हो सके इसे अपने दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को या सोशल मीडिया में शेयर करें ताकि लोगों में जागृति पैदा हो सके , लोगों का अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ सके , सारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• हो सके, सारे देशों की सरहद खतà¥à¤® हो सके । लोगों की आपसी लड़ाई – à¤à¤—ड़ा खतà¥à¤® हो सके ।

