Best Tips योगा कà¥à¤¯à¤¾ है / कà¥à¤¯à¤¾ योगा करने से हमें लाभ होगा /what is yoga  / Will we benefit from doing yoga

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योगा कà¥à¤¯à¤¾ है ?योगा करने से हमें कà¥à¤¯à¤¾ लाभ होगा ? कà¥à¤¯à¤¾ योगा सभी के लिठहै? Benefits of yoga ?  इन सभी सवालों का जवाब हम आप को विसà¥à¤¤à¤¾à¤° पूरà¥à¤µà¤• बताते हैं । इस लेख / आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल को पूरा पढ़ने के बाद फिर कभी आपको योगा के विषय में जानने की जरूरत नहीं पड़ेगी ।


योगा à¤à¤• जीवन जीने की कला है । à¤à¤• पूरà¥à¤£ चिकितà¥à¤¸à¤¾ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ है । जैसे धरà¥à¤® लोगों को खूंटे से बांधता है तो योगा सभी तरह के खूंटे से आजाद करता है। बाहरी विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में आइंसà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ का नाम सरà¥à¤µà¤ªà¥à¤°à¤¥à¤® है ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार शरीर की भितरी विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में पंतजलि का नाम पà¥à¤°à¤¥à¤® है।

योगा à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है । जिसमें शरीर , मन और आतà¥à¤®à¤¾ को à¤à¤• साथ लाने का काम करता है। बहà¥à¤¤ से लोग योगा और कसरत à¤à¤• ही समà¤à¤¤à¥‡ हैं । पर दोनों में जमीन अकाश का अंतर है । दोनों का अपना अपना महतà¥à¤µ है । कसरत में आप सिरà¥à¤« शारीरिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करते हैं । लेकिन योगा से आप शारीर, मन और आतà¥à¤®à¤¾ को à¤à¤• साथ लाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करते हैं । योगा करते समय आप अपने सांसों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाते हैं।  पर कसरत करते समय आपको सांसो पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं लगाना पड़ता है।
कसरत , वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®Â  या à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से हमारे शरीर की उरà¥à¤œà¤¾ का खपत बहà¥à¤¤ तीवà¥à¤° गति से होता है लेकिन योगा करने से शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ का खपत  (खरà¥à¤š) धीरे-धीरेहोता है पर ऊरà¥à¤œà¤¾ का खरà¥à¤š होता है
ऊपर लिखे सभी सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त आज से नहीं  सैकड़ों – हजारों साल से है । पर कà¥à¤¯à¤¾ योगा करने से हम और आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रह सकते हैं ? कà¥à¤¯à¤¾ योगा सभी लोगों के लिठहै ? इन सवालों का जवाब आप अपने दिल से पूछो , आपको जवाब मिल जाà¤à¤—ा । अगर जवाब नहीं मिलता है तो आप को नीचे लिखे मिल जाà¤à¤—ा ।

आप अपने शरीर की गणित को समà¤à¤¨à¥‡ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें । अपने शरीर की विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ को समà¤à¤¨à¥‡ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें । आपका शरीर आपसे कà¥à¤¯à¤¾ कहता है?


आपका शरीर पूरà¥à¤£ रूप से तभी सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहेगा । जब आपके शरीर में पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ की मातà¥à¤°à¤¾ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• रहेगी। जैसे पà¥à¤°à¥‡à¤® ,करà¥à¤£à¤¾ , दया , सेवा , मदद और छोटे बड़ों की समà¥à¤®à¤¾à¤¨ की भावना आप में है तो आप पूरà¥à¤£ रूप से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहेंगे ।आपको कोई भी योगा  की जरूरत नहीं । आप जानते हैं कि आपके शरीर में 230 पà¥à¤°à¤•ार का  हारमोंस है पर यह 230 हारमोंस किन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपका शरीर हारमोंस  को रिलीज करता है । यह हारमोंस आपका शरीर तभी  रिलीज करता है जब आपके शरीर के अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होता है  तो ही आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रह सकते हैं
अगर आपके शरीर के अंदर नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ है तो आप हमेशा बीमार पड़ते रहेंगे । जैसे कà¥à¤°à¥‹à¤§ ,गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ ,नफरत, ईरà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾ ,लोभ लालच की भावना आपके शरीर के अंदर सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ है तो आप हमेशा बीमार होते रहेंगे । बीमार शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ करने के लिठआपको योगा का सहारा लेना पड़ेगा। डॉकà¥à¤Ÿà¤° का सहारा लेना पड़ेगा । आप जानते हैं जब आपके शरीर में नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होता है तो शरीर हारमोंस रिलीज करने के सारे दरवाजे को लॉक कर देता है । बंद कर देता है । जिस वजह से शरीर हारमोंस को  नहीं करता है । इसके लिठहमें योगा या डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सहारा लेना पड़ता है । ताकि हम मैनà¥à¤¯à¥à¤…ल रूप से हारमोंस को शरीर से रिलीज करा सकें।

आपको अपने शरीर को ऊरà¥à¤œà¤¾ भोजन – पानी और सांस के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मिलती है । लगभग 10% ऊरà¥à¤œà¤¾ आपको भोजन- पानी से मिलता है और लगभग 90% ऊरà¥à¤œà¤¾ आपको सांसो के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मिलता है।

आपको कोई भी काम करने के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है ।  सांस लेने के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है , खाना खाने के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है, उठने , बैठने , सोने और चलने  के लिठया मेरे कहने का मतलब कि हर कारà¥à¤¯ के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है । यहां तक कि हम अगर सोचते हैं तो सोचने के लिठभी ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है । भोजन को पचाने के लिठभी ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है , हाथ- पाव हिलाने के लिठभी ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है। सांस लेने के लिठभी ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है अगर हमारे शरीर में पहले से ऊरà¥à¤œà¤¾ का सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° न हो तो हम सांस नहीं ले सकते ।

आपके शरीर को दो ही माधà¥à¤¯à¤® से ऊरà¥à¤œà¤¾ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है । à¤à¤• मà¥à¤‚ह दूसरा नाक। लेकिन ऊरà¥à¤œà¤¾ की खपत शरीर के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• अंगों से होती है । जबकि उरà¥à¤œà¤¾ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ का रासà¥à¤¤à¤¾ सिरà¥à¤« दो ही है ,और ऊरà¥à¤œà¤¾ की खपत का रासà¥à¤¤à¤¾ अनेकों है।
आपको अपने जीवन में अनेकों काम है सà¥à¤¬à¤¹ , उठना नहाना, धोना , काम पर जाना , काम करना , वापस घर आना , कà¥à¤› पासà¥à¤Ÿ या फà¥à¤¯à¥‚चर के बारे में सोचना या सोना। यहां तक कि आपको पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• कारà¥à¤¯ के लिठआपको ऊरà¥à¤œà¤¾ चाहिठ।अब सवाल यह पैदा होता है कि आप अपने शरीर को ऊरà¥à¤œà¤¾ कहां से देंगे जबकि ऊरà¥à¤œà¤¾ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ का रासà¥à¤¤à¤¾ सिरà¥à¤« दो है मà¥à¤‚ह और नाक । आप कितना खाना खाà¤à¤‚गे या आप  कितना सांस लेंगे । न आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सांस ले सकते हैं और न आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाना खा सकते हैं ।तो फिर आप अपने शरीर को ऊरà¥à¤œà¤¾ कहा देंगे? जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाओगे तो बीमार पड़ोगे और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सांस लोगे तो बीमार पड़ोगे। तो ऊरà¥à¤œà¤¾Â  कहां से लाओगे ।
आपके बैंकों खातों में पैसा न हो तो चल जाà¤à¤—ा लेकिन शरीर में उरà¥à¤œà¤¾ ना हो तो कभी नहीं चल पाà¤à¤—ा।

उसमें भी आप योगा करेंगे तो आपका कà¥à¤¯à¤¾ हाल होगा आप खà¥à¤¦ ही समठसकते हैं । योगा करने से शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾Â  खपत होती है । à¤à¤¸à¤¾ नहीं कि ऊरà¥à¤œà¤¾ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है। हां यह जरूर है कि ऊरà¥à¤œà¤¾ की खपत (खरà¥à¤š ) धीरे धीरे होती है ।
जैसे गाड़ी में तेल न हो तो आप लंबी यातà¥à¤°à¤¾ नहीं कर सकते । ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार जब शरीर में उरà¥à¤œà¤¾ का मातà¥à¤°à¤¾ अधिक न  हो तो आप कभी भी लंबी जीवन नहीं जी सकते और लंबे समय तक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ नहीं रह सकते।
आपके बैंक खातों में जितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पैसा होगा वह कभी भी अचà¥à¤›à¥‡ या बà¥à¤°à¥‡ कामों में आपका मदद कर सकता है ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार आपके शरीर में जितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ जमा होगा तो वह आपके अचà¥à¤›à¥‡ या बà¥à¤°à¥‡ समय में (बीमारी में) या  हर à¤à¤• परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में ऊरà¥à¤œà¤¾ आपके शरीर को मदद  करेगा।  बीमारी से लड़ने के लिठभी आपकी ऊरà¥à¤œà¤¾ आपके शरीर को मदद करेगा।

आप जानते हैं कि इस धरती पर मनà¥à¤·à¥à¤¯ को छोड़कर कोई भी पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ योगा नहीं करता सिरà¥à¤« मनà¥à¤·à¥à¤¯ ही है जो अपने शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठयोगा करता है। पशॠ,पकà¥à¤·à¥€ , पेड़ पौधे या कीड़े मकोड़े कोई भी योगा नहीं करता,  अपने शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठ। फिर भी वह सब सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है।  उनका कोई डॉकà¥à¤Ÿà¤° हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² नहीं। आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है ?  मनà¥à¤·à¥à¤¯ योगा करता है,।  फिर भी आज मनà¥à¤·à¥à¤¯ बीमार है । डॉकà¥à¤Ÿà¤° की  हर गली मोहलà¥à¤²à¥‡ या चौराहे पर  कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• मिल जाà¤à¤—ा , हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² मिल जाà¤à¤‚गे । à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚? ? कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब से मनà¥à¤·à¥à¤¯ धरती पर आया है तभी से लेकर आज तक मनà¥à¤·à¥à¤¯ नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ रहा है जर, जोरू और जमीन के लिठसदियों से लड़ता रहा और लड़ता आ रहा है । पà¥à¤°à¥‡à¤® कà¥à¤¯à¤¾ होता है ? आज मानव पà¥à¤°à¥‡à¤® का मतलब ही भूल चà¥à¤•ा है ।यही वजह है कि आज सारा मनव तंतà¥à¤° बीमार हो चà¥à¤•ा है।

अगर आप अपने जीवन में आखरी समय तक सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहना चाहते हैं तो 3 सूतà¥à¤°à¥€à¤¯ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को अपने जीवन में धारण करें पहला खà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें, दà¥à¤¸à¤°à¤¾ अपन परिवार के सारे सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें, तीसरा आपके पड़ोस में रहने वाले सभी पड़ोसी  से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें ।वह चाहे किसी भी जात धरà¥à¤® का कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो । सभी से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें तो आप कभी भी बीमार नहीं पड़ेंगे। अगर आप बीमार हैं तो आप तीन सूतà¥à¤°à¥€à¤¯ कारà¥à¤¯à¥‹ को अपने जीवन में धारण करे तो बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦ ही आप बीमारी से मà¥à¤•à¥à¤¤ हो जाà¤à¤‚गे ।  चाहे वह बीमारी कैसा भी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो ।

Note :- अगर आप बीमार हैं तो सबसे पहले आप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° के संपरà¥à¤• में रहे और दूसरा  अपने जीवन में तीन  सूतà¥à¤°à¥€à¤¯  कारà¥à¤¯à¥‹ (जैसे खà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¥‡à¤® , परिवार के सारे सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से पà¥à¤°à¥‡à¤® और अपने सारे पड़ोसियों से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें ) को अपने जीवन में धारण करें तो बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦ ही आप अपने सारी बीमारियों से मà¥à¤•à¥à¤¤ हो जाà¤à¤‚गे ।

अगर आप लंबी जीवन जीना चाहते है। सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहना चाहते है तो योगा आपके लिठयोगा किसी काम का नहीं और न ही बीमार लोगों के लिठयोगा उपयोगी है ।  हम योगा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करूं ? किस लिठयोगा करूं ?  योगा करने के लिठभी हमें ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है। योगा करने में ऊरà¥à¤œà¤¾ की खपत होती है ।जब हम बिना मतलब का किसी को ₹1 नहीं देते हैं तो हम अपने शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ बिना मतलब का कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ खरà¥à¤š करू कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यही शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ हमारी जीवन है


बैंक में पैसा न हो तो आप कंगाल हो जाà¤à¤‚गे और आपके शरीर में ऊरà¥à¤œà¤¾ न हो तो आपका शरीर बेकार हो जाà¤à¤—ा।

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गांधीजी के तीन भूत और 142 करोड़ मूरà¥à¤¦à¥‹ का देश चीन/ Gandhi’s three ghosts and 142 crore dead country of China

 

मेरे दोसà¥à¤¤, आप कैसे हो ? मैं आशा करता हूं कि आप सभी लोग अचà¥à¤›à¥‡ होंगे ।
गांधीजी के तीन बंदर या तीन भूत कà¥à¤¯à¤¾ है और 142 करोड़ों मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹ का देश चाइना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है । तो चलिठइस विषय पर आपसे अपनी मन की बात करता हूं । आप जानते हैं गांधीजी के तीन बंदर या तीन भूत है ।  जो न बà¥à¤°à¤¾ देखता है ,  न बà¥à¤°à¤¾ सà¥à¤¨à¤¤à¤¾ है और न बà¥à¤°à¤¾ बोलता है। पà¥à¤°à¤•ृति या ईशà¥à¤µà¤° ने मनà¥à¤·à¥à¤¯ को आंख , कान और मà¥à¤‚ह किस लिठदिया है । इसलिठदिया है अगर कहीं पर किसी समय अचà¥à¤›à¥‡ कारà¥à¤¯ हो रहे हो , पà¥à¤£à¥à¤¯ कारà¥à¤¯ हो रहे हो , या सेवा , मदद का कारà¥à¤¯ हो रहे हो या लोग आनंद और खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मना रहे हो इस कà¥à¤·à¤£ को लंबा करने के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक ने मà¥à¤‚ह दिया ताकि आप सभी लोग अपने मà¥à¤‚ह के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ और भी लोगों तक इस खà¥à¤¶à¥€ को पहà¥à¤‚चा सको ,  कानों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दूसरे लोगों को सà¥à¤¨à¤¾ सको , आंखों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लोगों को अचà¥à¤›à¥‡ कारà¥à¤¯ दिखा सको । लेकिन आज मनà¥à¤·à¥à¤¯ बिना आंख , कान , मà¥à¤‚ह के पैदा होने लगे हैं यही कारण है कि आज मनà¥à¤·à¥à¤¯ गांधीजी के तीन बंदरों के समान हो गठहैं ।  न अचà¥à¤›à¤¾ देखना चाहते हैं , न अचà¥à¤›à¤¾ बोलना चाहते हैं और न अचà¥à¤›à¤¾Â  सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ चाहते हैं । इसका उलà¥à¤Ÿà¤¾ ही आज का मनà¥à¤·à¥à¤¯ अपना कारà¥à¤¯ करता है । बà¥à¤°à¤¾ देखना , बà¥à¤°à¤¾ सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ , बà¥à¤°à¤¾ बोलना आज के मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ का जनà¥à¤®à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ अधिकार बन गया है । आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚? खà¥à¤¦à¤¾ ने आंख , कान और मà¥à¤‚ह मनà¥à¤·à¥à¤¯ को कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ दिया है। आप खà¥à¤¦ सोचो ,  विचार करो ।
और हां दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ 142 करोड़ मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ का देश चाइना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है ?  आज पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में कोरोनावायरस का खौफ की  महामारी दिन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ बढ़ रही है । कोरोनावायरस ने अब तक ४.५ लाख से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोगों का जीवन खा गई और लगभग  9५ लाख से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोग इस बीमारी से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हैं। चारों तरफ डर और भय का माहौल बना हà¥à¤† है। लोग अपने अपने घरों में छिपे हà¥à¤ हैं । सारे उदà¥à¤¯à¥‹à¤— धंधे बंद पड़ी है । मंदिर मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ के सारे देवी , देवताओं , अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ , जीसस और  नानक सभी भागे हà¥à¤ हैं । सभी देवी ,देवता अपने अपने घरों में छिपे हà¥à¤ हैं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? आज कà¥à¤› देशों की सरकार ने अपने यहां लॉकडाउन को खोल दिया है । लॉकडाउन खà¥à¤²à¤¨à¥‡ से कोरोनावायरस बहà¥à¤¤ तेज गति से बढ़ रहा है ।जैसे जंगल में आग फैलता है । वैसे ही आज कोरोनावायरस चारों तरफ फैल रहा है।  इस वायरस का जनà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ कौन है ? आप सभी जानते हैं । चीन कोरोनावायरस का जनà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ है । शी जिनपिंग की सरकार ने कोरोनावायरस को पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक आपदा कहती है । अगर  कोरोनावायरस पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक आपदा है तो कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चाइना अपने लैब को किसी देश को जांच करने नहीं देती ? कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चाइना कोरोनावायरसना का डाटा विशà¥à¤µ से छà¥à¤ªà¤¾à¤ रखी? आज पूरी मानव जाति डर और भय के साठमें अपनी जिंदगी गà¥à¤œà¤¾à¤°à¤¨à¥‡ को मजबूर हैं । चीन की 142 करोड जनता की आंख , कान और मà¥à¤‚ह होते हà¥à¤ भी चाइना का à¤à¤• भी नागरिक अपने देश की सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ विरोध नहीं किया । इसका कà¥à¤¯à¤¾ मतलब होता है , यही न कि चाइना देश के लोग मà¥à¤°à¥à¤¦à¤¾ हैं उनमें जान नहीं और न उनमें मानवता के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¥‡à¤® संवेदनाà¤à¤‚ नहीं या चाइना की जनता अपनी सरकार से डरती है , डरपोक कायर है । जबकि कोरोनावायरस से चीन में भी हजारों लोग मारे गà¤à¥¤ अगर यही कोरोनावायरस का जनà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ कोई और देश होता तो चीन में भी लाखों लोग मरते फिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चीन की जनता चà¥à¤ª बैठी है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ अपने देश की सरकार के विरà¥à¤¦à¥à¤§ आवाज तक नहीं उठाती। कà¥à¤¯à¤¾ वे मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ हैं ? कà¥à¤¯à¤¾ चीन की जनता शकà¥à¤¤à¤¿à¤¹à¥€à¤¨ है। अगर आज मानव की मानवता जीवित रहती है तभी मानव धरती पर लंबे समय तक उसका असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ बना रह सकता है , अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ नहीं । जैसे धरती से डायनासोर पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ गायब हो गठ, ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार मानव भी धरती से गायब हो जाà¤à¤—ा । अभी भी समय है जागो , अपनी आंखें खोलो , अपने चारों तरफ देखो कà¥à¤¯à¤¾ हो रहा है। अगर कहीं गलत होता है तो उसका विरोध करें और अचà¥à¤›à¤¾ होता है तो उसे अपने अंदर गà¥à¤°à¤¹à¤£ करें । उसका पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करें , उसे अपना सहयोग दें , उसका समरà¥à¤¥à¤¨ करें । ताकि मानव की मानवता जीवित रहे और चाइना वासियों में भी जन जागृति पैदा हो । अगर कहीं बà¥à¤°à¥‡ कारà¥à¤¯ होते हो तो उस कारà¥à¤¯à¥‹ का आप विरोध करें ।बà¥à¤°à¥‡ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपना विरोध पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करे ।

अगर आप गलत कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का विरोध करना नहीं चाहते हैं और अचà¥à¤›à¥‡ कारà¥à¤¯à¥‹ या विचारों को गà¥à¤°à¤¹à¤£ करना नहीं चाहते हैं तो आप न करें । सिरà¥à¤« खà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें , अपने परिवार से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें और अपने आसपास के लोगों से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें । सिरà¥à¤« आप इतना ही करें तो मानव कि मानवता अपने आप जीवित होने लगेगी । आपका पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ ही आपका सारा कारà¥à¤¯ कर देगी । जहां आप नहीं पहà¥à¤‚च सकते हैं , वहां आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ पहà¥à¤‚च जाà¤à¤—ी । अगर आपको अमेरिका जाना हो तो आपको पैसा , विजà¥à¤œà¤¾ या पासपोरà¥à¤Ÿ की जरूरत होगी , तभी आप अमेरिका जा सकते हैं अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ नहीं। लेकिन अगर आपके पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ को अमेरिका जाना हो या किसी देश में टà¥à¤°à¥ˆà¤µà¤² करना हो तो उसे न पैसों की जरूरत , न विजà¥à¤œà¤¾ की जरूरत , न पासपोरà¥à¤Ÿ की जरूरत है और न कोई भी भौतिक पदारà¥à¤¥ की जरूरत है। यह चारों तरफ है धरती के हर जगह , हरेक पदारà¥à¤¥à¥‹ में है । à¤à¤¸à¤¾ कोई जगह ख़ाली नहीं जहां उरà¥à¤œà¤¾ का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ न हो ।धरती हो या बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚ड सभी जगह ऊरà¥à¤œà¤¾ का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ है à¤à¤¸à¤¾ कोई जगह खाली नहीं जहां ऊरà¥à¤œà¤¾ का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ न हो । इसके लिठआपके शरीर में सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ का सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होना बहà¥à¤¤ जरूरी है ।

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मौत कब आती है ?(When does death come? )

जिंदगी और मौत का फासला जमीन और आसमान के समान है । à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अपनी मौत को बà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ पड़ता है और बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को मौत बिन बà¥à¤²à¤¾à¤ आती है । Yes या No

मैं धरती मां हूं , मेरे बचà¥à¤šà¥‡ आà¤à¤‚गे , मà¥à¤à¥‡ आजाद कराने ‌(I am mother earth , my children will come to liberate me )

मेरे बचà¥à¤šà¥‡ आà¤à¤‚गे । मà¥à¤à¥‡ आजाद कराने और सरहद मà¥à¤•à¥à¤¤ देशों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करेंगे । तब धरती पर मानव का जीवन में शांति , खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤²à¥€ , आनंदमय, , आनंदित और उलà¥à¤²à¤¾à¤¸ पूरà¥à¤£ होगा । मेरे पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ , जब तक देशों की, धरà¥à¤®- जातियों की सरहदें है । तब तक तà¥à¤® सब अनेकों बिमारी , वायरस या कोरोना वायरस जैसे बिमारीयों से लड़ते और मरते रहोगे और आपस में भी तà¥à¤® सब लड़ते रहोगे और मरते रहोगे । देश , देश से लड़ेगा, धरà¥à¤® ,धरà¥à¤® से लड़ेगा और भाई – भाई लड़ेगा । जब तक मैं आजाद नहीं होऊंगा और सरहद मà¥à¤•à¥à¤¤ हमारी धरती नहीं होगी तब तक यà¥à¤¦à¥à¤§ , लड़ाई-à¤à¤—ड़ा और अनेकों बिमारीयों से तà¥à¤® सब पिड़ीत रहोगे ।

योगा कà¥à¤¯à¤¾ है ? कहीं योगा से आप बीमार तो नहीं हो रहे हैं ? योगा करने से आपको शरीर को à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है या शरीर को à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ का ( loss) नà¥à¤•सान होता है ?

353 जेलों में कैद सारी मानव जाति

पà¥à¤°à¥‡à¤® कà¥à¤¯à¤¾ है ? What is love ?

अगर आपको यह लेख /Article अचà¥à¤›à¤¾ लगे तो इसे लाइक करें , कॉमेंटà¥à¤¸ करें । अगर अचà¥à¤›à¤¾ न लगे तो आप हमें बताà¤à¤‚ ताकि मैं  सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकूं । जितना हो सके इसे आप अपने दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को या सोशल मीडिया में शेयर करें ताकि लोगों में जागृति पैदा हो सके , लोगों का अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® की भावना बढ़ सके , सारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• हो सके, सारे देशों की सरहद खतà¥à¤® हो सके । लोगों की आपसी लड़ाई – à¤à¤—ड़ा खतà¥à¤® हो सके । आपने यहां तक पढ़ा इसके लिठमैं आपको बहà¥à¤¤-बहà¥à¤¤ धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ देता हूं । आप सदा हंसते रहे मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¤à¥‡ रहें भगवान आपका सदा खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखे  । फिर मिलते हैं आपसे अगले लेख या Article में ।

कोरोना वायरस से बचे , भूख से मरेंगे /If you survive the Corona virus, will die of hunger

अगर हम सब कोरोना वायरस से किसी तरह से बच गठतो हम सब को
पेट की भूख से मरना पड़ेगा । आज हमारा भगवान, खà¥à¤¦à¤¾ भी हमें बचाने नहीं आà¤à¤—ा , कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह हमारा करà¥à¤®à¥‹à¤‚ का फल है। इसे हम सब को भोगना पड़ेगा। चाहे हम सब अपनी खà¥à¤¶à¥€ से या दà¥à¤–ी मन से अपने करà¥à¤®à¥‹à¤‚ के फलों को भोगे , पर अपने करà¥à¤®à¥‹à¤‚ के फलों को भोगना सभी को पड़ेगा।

à¤à¤• रासà¥à¤¤à¤¾ है कि हम सब न कोरोना वायरस के पà¥à¤°à¤•ोप से मरेंगे और न पेट की भूख से मरेंगे। इसके लिठयह जानना जरूरी है कि हमारे जीवन के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ है ? यह जानना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ नहीं कि कोरोना वायरस का जनà¥à¤® किसने दिया । अमेरिका दिया या चाइना दिया। महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ यह है कि कैसे हम सब कà¥à¤°à¥Œà¤¨à¤¾ वायरस के कहर से बचें। जब कोरोना वायरस का जनà¥à¤® धरती पर हो चà¥à¤•ा है तो इससे बचने का रासà¥à¤¤à¤¾ निकालना होगा न कि à¤à¤• दूसरे की आलोचना या निंदा करने से रासà¥à¤¤à¤¾ मिलेगा। किसने कोरोना वायरस को जनà¥à¤® दिया, यह जानना हमारे लिठजरूरी नहीं, अगर जिंदा रहे तो बाद में भी हम इसकी जानकारी कर सकते हैं, खोज कर सकते हैं। किसने कोरोना वायरस को जनà¥à¤® दिया । पर अभी जरूरी यह है कि कैसे हम सब कोरोना वायरस के खौफ से बचे , उसके कहर पà¥à¤°à¤•ोप से बचे। जितना हम सब à¤à¤• दूसरे का आलोचना करेंगे उतना ही हम सब अपना समय की बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦à¥€ करेंगे ।उससे अचà¥à¤›à¤¾ है कि हम सब मिलकर कोरोना वायरस के फैलाव के उस कारक को खोजे, ढूंढे, नहीं तो हम सब के शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ ही कोरोना वायरस को फैलने में मदद करने लगेगी।

अगर हम सब किसी तरह से कोरोना वायरस के पà¥à¤°à¤•ोप से किसी तरह से बच गठतो पेट की भूख से नहीं बच पाà¤à¤‚गे। कोरोना वायरस से भी खतरनाक वायरस पेट की भूख है। आज चारों तरफ लॉक डाउन है । लॉक डाउन की वजह सेअमीर और गरीब सब के सब बेहाल है ,असहाय है। अमीरों की कंपनियां बंद तोगरीबों की रोजगार बंद है । कब तक सरकार मदद करेगी? उनके पास भी अनà¥à¤¨- धन सब लिमिट में है ।कहां से सरकार अनà¥à¤¨ धन को लाà¤à¤—ी ।अगर कंपनीयों को सरकार चालू करती है तो कोरोना वायरस उतना ही तेज गति से के साथ हमारे जीवन पर हमला करेगी। आज लगभग सभी देशों में लोग डाउन है। लोग अपने-अपने घरों में छिपे पड़े हैं फिर भी कोरोना वायरस अपनी गति के साथ बढ़ रहा है ।फैल रहा है । किसी भी देश की सरकार में इतनी हिमà¥à¤®à¤¤ नहीं कि कोरोना वायरस के फैलाव को रोक सके उसके पà¥à¤°à¤•ोप को कमजोर कर सकें। दवा वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ तो नहीं। दवा वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ कब बनेगी, कब बाजारों में आà¤à¤—ी या मालूम नहीं। कोरोना वायरस से लड़ने के लिठदवा वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ बनेगी भी या नहीं ।यह किसी को मालूम नहीं। जब अभी à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ या डेंगू जैसे वायरस की दवा या वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ बनी नहीं तो कà¥à¤¯à¤¾ पता कोरोना वायरस की दवा बनेगी भी या नहीं।

इसलिठहम सबको कोरोना वायरस की दवा या वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ के बनने का इंतजार नहीं करना होगा इंतजार कहीं à¤à¤¸à¤¾ ना हो कितने लोगों की जिंदगी खा जाठ।आपके पास सिरà¥à¤« à¤à¤• रासà¥à¤¤à¤¾ बचा है। जिस रासà¥à¤¤à¥‡ से चलकर आप कोरोना वायरस को अपने जीवन से निकाल कर बाहर कर सकते हैं। उसके पà¥à¤°à¤•ोप को कमजोर और असहाय कर सकते हैं ।आप जानते हैं कि अगर हमारा शतà¥à¤°à¥ हमसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ताकतवर है । हम उससे लड़ नहीं सकते हैं तो सिरà¥à¤« à¤à¤• ही रासà¥à¤¤à¤¾ बचता है शतà¥à¤°à¥ को अपना दोसà¥à¤¤ बना लेना । तो आप कहेंगे कि कोरोना वायरस को दोसà¥à¤¤ कैसे बनाà¤à¤‚ ? यह तो आंखों से दिखता नहीं जब आंखों से दिखता नहीं तो दोसà¥à¤¤ कैसे बनाà¤à¤‚ ? दोसà¥à¤¤ बनाने के लिठवह आपके आंखों से दिखे या ना दिखे पर आपके हृदय में पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी ऊरà¥à¤œà¤¾ का दीपक को जलाना होगा। अपने जीवन में पà¥à¤°à¥‡à¤® के महतà¥à¤µ को देना होगा अपने घरों के आसपास पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी दीपक जलाना होगा। तभी हम सब कोरोना वायरस से लड़ कर जीत सकते हैं। अपने जीवन से दूर भगा सकते हैं।

आप जानते हैं कि ईशà¥à¤µà¤° ने, पà¥à¤°à¤•ृति ने जो भी पदारà¥à¤¥ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ किया है। वह चाहे पेड़ पौधा हो, पशॠ– पकà¥à¤·à¥€, कीड़े मकोड़े , सूरà¥à¤¯ – धरती , आग- पानी , हवा हो या मानव या कोरोना वायरस हो। हर पदारà¥à¤¥ में उसने नेगेटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ या पॉजिटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ दोनों समान रूप से उसका निरà¥à¤®à¤¾à¤£ किया है। जिस तरह की ऊरà¥à¤œà¤¾ हमारे शरीर के अंदर सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होती है उसी तरह की ऊरà¥à¤œà¤¾ हमारे आसपास मौजूद पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होती है चाहे कोरोना वायरस ही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ना हो ।अगर हमारे शरीर के अंदर नेगेटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ है कà¥à¤°à¥‹à¤§ नफरत लोभ लालच है तो हमारा नेगेटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ बाहर मौजूद नेगेटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ को आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करेगी । कोरोना वायरस के अंदर मौजूद नेगेटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ को आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करेगी पर पॉजिटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ को नहीं।आप खà¥à¤¦ अपनी आंखों से देखो तो आपको पता चल जाà¤à¤—ा यही कोरोना वायरस पशॠपकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का शिकार नहीं करती अपना भोजन नहीं बनाती ।आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? पशà¥-पकà¥à¤·à¥€ भी जीवित जीवित पदारà¥à¤¥ है ।जैसे मानव जीवित पदारà¥à¤¥ है ।कोरोना वायरस पशॠपकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के ऊपर सवारी करती है पर उसे मारती नहीं। आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ?

यही कोरोना वायरस को जब मनà¥à¤·à¥à¤¯ दिख जाठतो मनà¥à¤·à¥à¤¯ को मारे बगैर छोड़ती नहीं पर पशॠपकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को छूती नहीं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚? इसका कà¥à¤¯à¤¾ कारण है ? आप इसके पीछे छिपे कारणों को देखें ।मानव जीवन को देखें , पशॠ– पकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के जीवन को देखें तो आपको पता चल जाà¤à¤—ा। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ कोरोना वायरस मनà¥à¤·à¥à¤¯ को छोड़ती नहीं और पशà¥-पकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को छूती नहीं ।

धरती हो या बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚ड सभी जगहों पर ऊरà¥à¤œà¤¾ मौजूद है । à¤à¤¸à¤¾ कोई खाली जगह नहीं जहां ऊरà¥à¤œà¤¾ का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ न हो । यह आपको आंखों से दिखे या न दिखे पर उरà¥à¤œà¤¾ का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ है। à¤à¤¸à¤¾ कोई जगह नहीं जहां उरà¥à¤œà¤¾ मौजूद नहीं हो । सारा खेल ऊरà¥à¤œà¤¾ का है जीवन के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है तो मृतà¥à¤¯à¥ के लिठभी ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है जीवन के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है तो मृतà¥à¤¯à¥ के लिठनफरत कà¥à¤°à¥‹à¤§ लोभ लालच की ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है।

हमें जीना है तो हमें अपने जीवन में अपने हृदय में पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी दीपक को जलाना होगा । मरने के लिठसिरà¥à¤« à¤à¤• नकारातà¥à¤®à¤• विचार काफी है तो जीने के लिठà¤à¤• सकारातà¥à¤®à¤• विचार काफी है। कब हम सबके घरों में कोरोनावायरस दखल दे, पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाठइससे पहले हम सब को अपने अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी दीपक को अपने अंदर, अपने घरों के अंदर , अपने घरों के आस-पास रहने वाले लोगों के अंदर जलाà¤à¤‚ । कोरोनावायरस हम सब का कà¥à¤› नहीं बिगाड़ सकती। वह पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक के नियम के विरà¥à¤¦à¥à¤§ नहीं चल सकता ।आपके अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी दीपक जलता है तो वह आपके आसपास मौजूद सभी पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी दीपक जलेगा तभी तो आपका पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी ऊरà¥à¤œà¤¾ का दीपक आपके आसपास मौजूद पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी ऊरà¥à¤œà¤¾ को आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करेगी । इसके लिठआपके साथ कौन कà¥à¤¯à¤¾ किया । सब भà¥à¤²à¤¾ दे ,सबको माफ कर दे और पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी दीपक को अपने हृदय में जलाà¤, अपने घरों में जलाà¤à¤‚ ,अपने घरों के आस पास रहने वाले लोगों अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी दीपक को जलाà¤à¤‚ । कोरोना वायरस में इतना दम नहीं , इतनी उसकी औकात नहीं जो आपको छू सकें।

आप जानते हैं कि हम सब के अंदर अगर नेगेटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होती है तो हमारे शरीर के इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® कमजोर होता है ,लो होता है । वही अगर हमारे शरीर में पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होती हैं तो हमारे शरीर के इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® बहà¥à¤¤ मजबूत होता है, वह हाई लेवल में होता है। शरीर के सारे हारमोंस सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहता है। इस संकट की घड़ी में आप सबको माफ कर दे और अपने दिलों में पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी दीपक को चलाà¤à¤‚ आपके पास और कोई दूसरा रासà¥à¤¤à¤¾ नहीं है। न कोई दवा वैकà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग बनकर अभी आने वाला है और न आप कभी भी कोरोना वायरस से लड़कर जीत सकते तो हमारा भलाई इसी में है कि हम अपने अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी दीपक को जलाठऔर दूसरा कोई रासà¥à¤¤à¤¾ नहीं है कोरोनावायरस जैसा मौत आपके दरवाजे पर दसà¥à¤¤à¤• देने वाला है उसके आने से पहले हम सभी अपने अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी दीपक को जलाकर रखना होगा तो ही हम कोरोना वायरस से बच सकते हैं।

सावधान रहें ! नफरत,घृणा ,ईषà¥à¤°à¥à¤¯à¤¾ ,लोभ-लालच से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ही कोरोना वायरस का शिकार होता है /Be careful ! Hate, hatred, jealousy , anger, greed – the Crona virus hunts only the person who is greed

नफरत ,घृणा , ईरà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾, जलन, कà¥à¤°à¥‹à¤§ ,लोभ – लालच से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का ही शिकार करता है कोरोना वायरस। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि नेगेटिव उरà¥à¤œà¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® बहà¥à¤¤ ही कमजोर होता है। शरीर बीमारी से लड़ने के लिठà¤à¤‚टीबॉडी का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ नहीं कर पाता है शरीर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ विकसित नहीं कर पाता है। जिसके कारण à¤à¤¸à¥‡ ही वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ कोरोना वायरस का शिकार हो जाता हैं
सो , आपके साथ किस ने कà¥à¤¯à¤¾ किया , सब भà¥à¤²à¤¾ दे , सबको कà¥à¤·à¤®à¤¾ कर दे और सभी से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें । आंखों से दिखने वाले हर वसà¥à¤¤à¥ वो चाहे निरà¥à¤œà¥€à¤µ हो या सचिव, सभी से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें। दोसà¥à¤¤ हो , दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ हो ,सभी से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें ताकि आपका इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® मजबूत हो जाठऔर बीमारी से लड़ने के लिठआपके शरीर में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ विकसित हो जाठ।सिरà¥à¤« अचà¥à¤›à¤¾ खाना खाने से ही इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® मजबूत नहीं होता। अगर à¤à¤¸à¤¾ होता तो अमीर लोग कभी भी कोरोना वायरस का शिकार नहीं होते आप जानते हैं की आज अमीर और गरीब दोनों कोरोना वायरस के शिकार हो रहे हैं । à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकि आज इंसान लोभ-लालच से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होकर अपना जीवन गà¥à¤œà¤¾à¤° रहा है अपने दिल में हृदय में पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी दीपक को जलाठ,सबसे पà¥à¤°à¥‡à¤® करें ।ईशà¥à¤µà¤° के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बनाया गया हर पदारà¥à¤¥ , हर वसà¥à¤¤à¥ सभी जीवित है । इंसान के नजर में लोहा लकà¥à¤•ड़ ईट पतà¥à¤¥à¤° सभी मृत है , पर ईशà¥à¤µà¤°/ खà¥à¤¦à¤¾ के नजर में वो सभी जीवित है, जिसका असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ है । इसलिठआप सभी से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें।  नफरत और घृणा का शैतान शरीर के किसी भी कोने में न रहे। न कभी आप बीमार करेंगे और ना ही कभी कोई कोरोना वायरस आपको छू सकता है

नफरत ,घृणा ,कà¥à¤°à¥‹à¤§, लोभ लालच और ,पà¥à¤°à¥‡à¤® ,करà¥à¤£à¤¾ ,सेवा, दया ( नेगेटिव विचार/ पॉजिटिव विचार /नेगेटिव ऊरà¥à¤œà¤¾/ पॉजिटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ कैसे हमारे शरीर में काम करता है इस विषय में अधिक जानने के लिठनीचे दिठहà¥à¤ लिंक को ओपन करें (खोलें)। ‌।

https://bit.ly/2KhsoeE

कोरोना वायरस से बचना हो ,तो खà¥à¤¦ से करें पà¥à¤°à¥‡à¤®(Love yourself If you want to avoid the Corona virus)

कोरोना वायरस से बचना हो , तो खà¥à¤¦ से करें । कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ मनà¥à¤·à¥à¤¯ कोरोना वायरस से लड़कर कभी जीत नहीं सकता ? इसका कारण आप मानव का इतिहास उठाकर देखें । जब से मानव की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ धरती पर हà¥à¤ˆ है तभी से लेकर आज तक मानव लड़ता आ रहा है आज से 3000 वरà¥à¤· पूरà¥à¤µ मानव 5000 लड़ाइयां लड़ी , वहीं 5000 वरà¥à¤· पूरà¥à¤µ मानव 15000 लड़ाई लड़ी इससे और पीछे जाà¤à¤‚गे तो न जाने मानव ने कितनी लड़ाई लड़ी, जिसका हिसाब इतिहास में नहीं मिलेगा । मनà¥à¤·à¥à¤¯ का धरती पर आठहà¥à¤ लाखो वरà¥à¤· हो रहा है , लाखों वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से मनà¥à¤·à¥à¤¯ जर , जोरू और जमीन के लिठलड़ता आ रहा है और आज भी लड़ रहा है। इसका कà¥à¤¯à¤¾ मतलब हà¥à¤† , कि मानव जब से धरती पर आया है, तब से लेकर आज तक मानव नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ रहा? नकारातà¥à¤®à¤• उरà¥à¤œà¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ मानव का इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® हमेशा कमजोर रहता है पहले भी मानव मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार था। आज भी मानव मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार है।

जब भी मानव का इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® कमजोर होगा तो मानव को वायरस /जीवाणॠके हमलो का सामना करना पड़ेगा है। मानव और जीवाणॠ/ वायरस की लड़ाई में हमेशा मानव ही हारेगा और जीत वायरस की होगी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मानव का इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® बहà¥à¤¤ ही कमजोर है।वायरस से लड़ने के लिठहम सभी को अपने शरीर का इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® को बहà¥à¤¤ मजबूत करना पड़ेगा तो ही हम किसी भी पà¥à¤°à¤•ार के वायरस से जीत सकते हैं अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ वायरस से हम सब हार जाà¤à¤‚गे।

शरीर के हारमोंस की पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता का आधार :-

आप जानते हैं कि शरीर की वृदà¥à¤§à¤¿ मेटाबॉलिजà¥à¤® और इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® पर हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ का सीधा पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µ पड़ता है द अपोलो कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• की कंसलटेंट गाइनेकोलॉजिसà¥à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤° गà¥à¤‚जन कहती है, हम सब के शरीर में 230 पà¥à¤°à¤•ार के हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ होते हैं । जो शरीर की अलग-अलग कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं । कोशिका के मेटाबॉलिजà¥à¤® को बदलने के लिठहारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की छोटी सी मातà¥à¤°à¤¾ काफी होता है। à¤à¤• कोशिका से दूसरे कोशिका तक सिगà¥à¤¨à¤² पहà¥à¤‚चाने में केमिकल मैसेंजर की तरह हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ काम करता है आपको यह जानना बहà¥à¤¤ जरूरी है कि आपका शरीर 230 पà¥à¤°à¤•ार का हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ रिलीज करता कैसे हैं । जब आप नफरत ,कà¥à¤°à¥‹à¤§ ,ईरà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾ ,घृणा, लोभ- लालच से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होते हैं तो आपके अंदर नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होता है , जिसके कारण आपका शरीर सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¤¾ है । आपको बà¥à¤°à¤¾ महसूस (फील )होने लगता है । जिसे आपका शरीर हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ को रिलीज करना बंद कर देता है । जब आपका शरीर कà¥à¤·à¤£ भर के लिठअचà¥à¤›à¤¾ फील करता है , खà¥à¤¶à¥€ या आनंद को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है तो आपका शरीर कà¥à¤·à¤£ भर के लिठकà¥à¤› हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ को रिलीज करता है । जिससे आपका भोजन पचता है पर बीमारी से लड़ने के लिठशरीर के सारे हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ को à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ होना पड़ेगा, सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होना पड़ेगा । तभी आप कोरोना जैसे वायरस का सामना कर सकते हैं। नफरत , घृणा और लोभ लालच की उरà¥à¤œà¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ मानव का शरीर हमेशा मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर रहा । वहीं अगर आपके अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ है तो आपका शरीर सारे हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ को रिलीज करता है। जब आप खà¥à¤¶à¥€ और आनंद में रहते हैं तो आपका शरीर बाहर की तरफ फैलता है तो शरीर पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• कोशिका में और पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• अंगों में दबाव पड़ता है जिसके कारण शरीर हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ को रिलीज करता है। यह हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ आपके शरीर के अंदर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ गारà¥à¤¡ के रूप में काम करता है । शरीर के अंदर और बाहर किसी भी पà¥à¤°à¤•ार का वायरस या जीवाणॠका हमला होता है तो यह आपका सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ गारà¥à¤¡ उस हमले को रोकता है जिससे आप बीमार होने से बच जाते हैं। शरीर के अंदर वायरस का पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करना बहà¥à¤¤ दूर की बात है , वह आपके शरीर के आसपास भी नहीं पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर सकता तो वायरस जनित बीमारी होने का सवाल ही नहीं पैदा होता है । शरीर से निकलने वाली पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ उस वायरस को आपके शरीर से दूर रखती है।

वायरस को भी टà¥à¤°à¥‡à¤µà¤²à¥à¤¸ करने के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है। वह ऊरà¥à¤œà¤¾ मानव शरीर से मिले या पशà¥-पकà¥à¤·à¥€, पेड़-पौधे से मिले । इस धरती के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• जीव/ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में वायरस होते हैं । बिना वायरस का ना धरती है, ना कोई पदारà¥à¤¥à¥¤ हवा – पानी में भी वायरस होते हैं।आप कà¥à¤› भी खाते हैं ,पीते हैं या सांस लेते हैं, उस रासà¥à¤¤à¥‡ से वायरस शरीर के अंदर पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाता है ।वह शरीर से बाहर तभी निकलता है ।जब आपके शरीर के अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ है और शरीर के सारे हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं तो वायरस शरीर के अंदर पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाने के बाद भी वह वायरस शरीर से बाहर आ जाता है ,कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वायरस को आपके शरीर के अंदर टà¥à¤°à¥ˆà¤µà¤² करने के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है । वायरस की ऊरà¥à¤œà¤¾ और आपकी ऊरà¥à¤œà¤¾ दोनों मेल नहीं खाती । इस कारण वायरस को ऊरà¥à¤œà¤¾ मिलने के कारण वह वायरस आपके शरीर से संडास के रासà¥à¤¤à¥‡ या मूतà¥à¤° के रासà¥à¤¤à¥‡ से बाहर निकल जाता है ।अगर किसी कारणवश शरीर के अंदर अटका रह गया तो आपका कà¥à¤› बिगाड़ नहीं सकता। उलà¥à¤Ÿà¤¾ उसे शरीर के लिठकाम करना पड़ेगा । शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठवायरस को काम करना पड़ेगा । आपके शरीर की सारी कोशिकाà¤à¤‚ ,अंग उस वायरस से काम करवायेगी जैसे जब घर में नौकर का पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ होता हैं तो घर का मालिक और घर के सारे सदसà¥à¤¯ उस नौकर से घर काम करवाते है । ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार आपके शरीर की सारी कोशिकाà¤à¤‚ और अंग उससे अपना काम करवाà¤à¤—ी।

आज तक मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ ने बीमारी/वायरस के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर काम किठहैं ,खोज किठहैं पर बीमारी के कारणों पर कोई खोज नहीं किठगठहैं । यही वजह है कि बीमारी या वायरस दिन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ बढ़ते जा रहे हैं डॉकà¥à¤Ÿà¤° हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤², वैध, हकीम बढ़ते जा रहे हैं पर बीमारी वही का वही मानव के सामने पहाड़ बनकर खड़ी है । अभी तक इंसानों पर हमला करने वाले खतरनाक वायरस जैसे मारबरà¥à¤— वायरस, इबोला वायरस ,सà¥à¤®à¥‰à¤² पॉकà¥à¤¸ वायरस , इनफà¥à¤²à¥à¤à¤‚जा वायरस ,रोटा वायरस ,à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ वायरस, रेबीज वायरस ,कोरोना वायरस यानी कोविड-19 वायरस है ।आपको पता है यूरोप का काली मौत किसे कहते हैं ? काली मौत यूरोप के इतिहास का à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ है । जिसमें 7.5 से लेकर 20 करोड़ लोगों की मृतà¥à¤¯à¥ हो गई थी । इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ सन 1346 से 1353 में हà¥à¤ˆà¥¤ यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का जीवाणॠहै । जो पà¥à¤²à¥‡à¤— के अलग-अलग रूप में होने के कारण है । जिसमें यूरोप में कà¥à¤² आबादी के 30% से ६०% लोगों की मौत हो गई थी । बà¥à¤²à¥ˆà¤• डेथ उस समय की आई हà¥à¤ˆ सबसे खतरनाक बीमारी थी। जिसका इलाज उस समय नामà¥à¤®à¤•िन था। आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚?

मनà¥à¤·à¥à¤¯ हजारों लाखों वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से वायरस और जीवाणॠसे लड़ रहा है पर हारता मनà¥à¤·à¥à¤¯ ही है आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ मनà¥à¤·à¥à¤¯ वायरस और जीवाणॠकी लड़ाई में हार जाता है इसका कारण सिरà¥à¤« à¤à¤• है । मनà¥à¤·à¥à¤¯ के अंदर , हृदय में नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ , नकारातà¥à¤®à¤• विचार 24 घंटे सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहता है । मैं यह मानता हूं कि कà¥à¤› कà¥à¤·à¤£ के लिठनकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾, सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ या पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ में बदल जाता है । लेकिन कà¥à¤› कà¥à¤·à¤£ या मिनट ही मनà¥à¤·à¥à¤¯ के अंदर नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ , सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ में बदलता है। बाकी समय नकारातà¥à¤®à¤• उरà¥à¤œà¤¾ ही सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहता है ।

अब आप हमें बताओ ,आप अपने दिल से पूछो फिर जवाब देना ।

१ :-मानव जितने भी यà¥à¤¦à¥à¤§ किठ, लड़ाई लड़ी है उस समय कौन सा ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ था नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ या सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾?

२ :-फिलà¥à¤®à¥‹à¤‚ में जो मारकाट ,हतà¥à¤¯à¤¾ ,बलातà¥à¤•ार दिखाया जाता है ।उसमें कौन सी ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहती है , नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ या सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾?

३ :-धरती और मानव का विनाश करने वाले परमाणॠहथियार ,रसायनिक हथियार ,जैविक हथियार कà¥à¤¯à¤¾ बताता है ? इसका निरà¥à¤®à¤¾à¤£ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हà¥à¤† ?कà¥à¤¯à¤¾ इससे पूरी मानव जाति का विनाश होगा या निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होगा?

४ :-ज़हर उगलने वाले राजनेता ,धारà¥à¤®à¤¿à¤• गà¥à¤°à¥, मà¥à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹- मौलवी ,पंडित – पà¥à¤°à¥‹à¤¹à¤¿à¤¤ ,संत , महातà¥à¤®à¤¾ कौन सी ऊरà¥à¤œà¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होते हैं। नकारातà¥à¤®à¤• उरà¥à¤œà¤¾ या सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾?

५ :-शादी के बाद तलाक हो जाता है । जबकि पैसों की कमी न होने पर भी तलाक हो जाता है । à¤à¤¸à¥‡ बहà¥à¤¤ से हीरो -हीरोइन ,उदà¥à¤¯à¥‹à¤—पति ,राजनेता आपको देखने को मिल जाà¤à¤‚गे । उनकी शादीशà¥à¤¦à¤¾ जिंदगी में तलाक जैसे वायरस पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाता है । इन लोगों के जीवन में पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ अलà¥à¤ª मातà¥à¤°à¤¾ में होती है। आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ?इन लोगों के जीवन में कौन सी ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ है ? नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ या सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ ? कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ अमेरिका में 40 से 50% आबादी के जीवन में तलाक जैसा वायरस पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाता है ? à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ?

६ :-धरà¥à¤® , जाति , भाषा , पà¥à¤°à¤¾à¤‚त और देशो के सरहदो के नाम पर कितने निरà¥à¤¦à¥‹à¤· लोग मारे गठहैं । इसका अपना पà¥à¤°à¤¾ इतिहास है। अब आप बताओ इसमें कौन सी ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ है? नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ या सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾?

७ :-बड़ी-बड़ी कंपनियां या बैंक कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ दिवालिया हो जाते हैं? इसके पीछे कà¥à¤¯à¤¾ कारण है ? इस कारण को जानने के लिठआपको उसके करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ ,अधिकारी और मालिकों के जीवन में à¤à¤¾à¤‚कना पड़ेगा ।तब आपको पता चल जाà¤à¤—ा ।कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बड़ी-बड़ी कंपनियां या बैंक दिवालिया हो जाते हैं ? उन में कौन सी ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ है ?लोभ- लालच , घृणा , नफरत या नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ है या सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं ?

जब हम सब के शरीर में नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होता है तो नà¤-नठसमसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना हम सब को करना पड़ता है । यही कारण है वायरस या जीवाणॠके सामने हम सबका शरीर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ टेक देता है । हार मान लेता है । à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ?

अगर आप चाहते हैं कि कोई भी वायरस आपका कà¥à¤› ना बिगारे तो इसके लिठआपको अपने अंदर सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ या पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ का दीपक जलाना होगा । अभी तक हम सब नफरत , घृणा की ऊरà¥à¤œà¤¾ या लोभ लालच की ऊरà¥à¤œà¤¾ के साथ टà¥à¤°à¥‡à¤µà¤² ( यातà¥à¤°à¤¾) की जिसके वजह से मानव के जीवन में धरà¥à¤® ,जाति ,भाषा, पà¥à¤°à¤¾à¤‚त और देशों की सरहद की दीवार खड़ी हो गई । हिंदू , मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤®, सिख ,ईसाई या कोई और धरà¥à¤® के à¤à¤¸à¤¾ कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ है जो अपने ख़à¥à¤¦à¤¾ – अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ ,राम ,रहीम, नानक ,जीसस ,बà¥à¤¦à¥à¤§ ,महावीर और कृषà¥à¤£ से पà¥à¤¯à¤¾à¤° करने वाले या पà¥à¤°à¥‡à¤® करने वाला या खà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करने वाला है। à¤à¤¸à¥‡ बहà¥à¤¤ लोग मिल जाà¤à¤‚गे , जो कहेंगे मैं पà¥à¤°à¥‡à¤® करता हूं, अपने खà¥à¤¦à¤¾ से, पर वह सभी à¤à¥‚ठ बोलते हैं । न कोई अपने भगवान या खà¥à¤¦à¤¾ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करता है और न कोई खà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करता है ।अगर सभी धरà¥à¤® के मानने वाले लोग अपने-अपने भगवान से पà¥à¤°à¥‡à¤® करते या खà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करते हैं तो धरती पर इतना विनाशकारी हथियार जैसे परमाणॠहथियार, जैविक हथियार, रसायनिक हथियारों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ नहीं होता ।दवा और खादà¥à¤¯ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं में मिलावट का कारोबार नहीं होता । नकली वसà¥à¤¤à¥à¤“ं का कारोबार नहीं होता । हतà¥à¤¯à¤¾ ,भà¥à¤°à¥‚ण हतà¥à¤¯à¤¾ ,बलातà¥à¤•ार , घर-घर में मार-पीट , दहेज ,बड़ी बड़ी कंपनी /बैंक दिवालिया नहीं होते । धरà¥à¤® ,जाति ,भाषा , पà¥à¤°à¤¾à¤‚त और देशो की सरहद की दीवारें नहीं होती । कोई भी देश अपने लेबोरेटरी में कोरोना वायरस या जैविक हथियार का टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग नहीं करता। हम कांटा बोà¤à¤‚गे तो कांटा ही पैदा होगा । इंसान और कोरोना वायरस की इस लड़ाई में कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ इंसान हारता जा रहा है ? कà¥à¤¯à¤¾ आपको नहीं लगता कि हम सब नफरत , घृणा ,लोभ -लालच या नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ के साथ टà¥à¤°à¥‡à¤µà¤² कर रहे हैं।

आप जानते हैं कि जब पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ टà¥à¤°à¥ˆà¤µà¤² करती है, यातà¥à¤°à¤¾ करती है तो मानव के जीवन में आने वाली सारी समसà¥à¤¯à¤¾ को खतà¥à¤® कर देती है । वह समसà¥à¤¯à¤¾ चाहे किसी भी पà¥à¤°à¤•ार का कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो । पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ के सामने मानव की सारी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ टेक देती है । वो सारी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ के सामने हार मान जाती है। वहीं अगर नफरत ,घृणा ,ईरà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾ , लोभ-लालच की ऊरà¥à¤œà¤¾ जब टà¥à¤°à¥‡à¤µà¤² करती है ,यातà¥à¤°à¤¾ करती है तो मानव के जीवन में नितà¥à¤¯ नà¤-नठसमसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ लेकर आती रहती है ।आप अपने दिल से पूछो कà¥à¤¯à¤¾ मानव के जीवन में दिन-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ बढ़ती नहीं जा रही है?

कोरोना वायरस आज जिस रफà¥à¤¤à¤¾à¤° से पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में फैल रही है ।वायरस की गà¥à¤°à¤¾à¤« को रोक पाना डॉकà¥à¤Ÿà¤° और वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों के वश के बाहर हो गया है। वायरस से कोई भी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ लड़कर कभी जीत नहीं सकता ।वह चाहे अमीर हो या गरीब ।आज कोरोना का खौफ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के अंदर इतनी गहरी मानसिक तल पर बैठ गया है कि यह कभी भी किसी भी समय कोरोना का शिकार हो सकते हैं। इसे कोई विधाता भी नहीं बचा सकता । कोरोना वायरस  उसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का शिकार करता है । जो पहले से डरा हो । जो अपने दिल में डर भय की पूजा करता हो । जिस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को 24 घंटे  डर सताता हो।

आंखों से दिखने वाले शतà¥à¤°à¥ को आंखों से दिखने वाले हथियार से मारा जाता है पर आंखों से न दिखने वाले शतà¥à¤°à¥ को (जैसे वायरस ) आंखों से ना दिखने वाले हथियारों से मारा जाता है । डॉकà¥à¤Ÿà¤° का दवा गोली इंजेकà¥à¤¶à¤¨ ये आंखों से दिखने वाला हथियार है इस हथियार से हम कोरोना वायरस का शिकार नहीं कर सकते । हवा में घूमने वाले शतà¥à¤°à¥ वायरस को हवा में घूमने वाले हथियार जैसे पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ से मारा जा सकता है। कोरोना वायरस जिस रफà¥à¤¤à¤¾à¤° से पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में फैल रही है ।कोरोना के गà¥à¤°à¤¾à¤« को रोकने के लिठआपके पास बहà¥à¤¤ मजबूत हथियार है । जिसके पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से कोरोना आपके आसपास भी नहीं फटेगा । इसके लिठआप अपने अंदर ,हृदय में पà¥à¤°à¥‡à¤® की दीपक जलाना होगा । पà¥à¤°à¥‡à¤® के दीपक जलते ही डर ,भय ,कà¥à¤°à¥‹à¤§ ,घृणा ,लोभ-लालच कहां गायब हो जाà¤à¤—ा । उसे आप खोजने पर भी नहीं मिलेगा ।आपके पास दूसरा कोई रासà¥à¤¤à¤¾ नहीं है । जब डॉकà¥à¤Ÿà¤° और नरà¥à¤¸à¥‡ कोरोना का शिकार हो रहे हैं तो आम आदमी की कà¥à¤¯à¤¾ औकात जो कोरोनावायरस से लड़कर जीत सकें ।आज जो कोरोना से लड़कर जीत कर बाहर आ रहे हैं । वह उनकी पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ की वजह से वायरस  के ऊपर जीत हासिल कर रहे हैं । आप कितना भी दवा दारू – पीले इंजेकà¥à¤¶à¤¨ ले लो, डॉकà¥à¤Ÿà¤° हकीम के निगरानी में रहे ,फिर भी आप कोरोना वायरस के खौफ से नहीं बच सकते जब तक आपका इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® मजबूत नहीं होगा । इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® को मजबूत करने के लिठआप चाहे कà¥à¤› भी खाठ, हाथी ,घोड़ा खाठया काजू – पिसà¥à¤¤à¤¾ खाठफिर भी आपका इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® मजबूत नहीं होगा। जब आपके अंदर सकारातà¥à¤®à¤• विचार , सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ या पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होती तभी आपका इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® बहà¥à¤¤ मजबूत होता है । नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ या घृणा, नफरत ,लोभ – लालच की चकà¥à¤•ी हमेशा आपके दिमाग में चलते रहेंगे, आप उलà¥à¤Ÿà¤¾- सीधा सोचते रहेंगे, à¤à¤• दूसरे के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जहर उगलते रहेंगे तो कभी भी आपका इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® मजबूत नहीं होगा। आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ विशà¥à¤µ का सबसे शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ देश अमेरिका में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कोरोना वायरस का खौफ का पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µ है जबकि वहां धन दौलत की कमी नहीं है। यूरोपीय देशों में भी कोरोना वायरस बहà¥à¤¤ तेज गति के साथ फैल रहा है। इसका कारण आप वहां के नागरिकों के जीवन को देखें। वहां के नागरिकों के जीवन जीने की शैली को देखें तो आपको पता चल जाà¤à¤—ा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ अमेरिका में कोरोना वायरस की महामारी बहà¥à¤¤ तेज गति से फैल रही है। आज अमेरिका में लगभग 40% आबादी के जीवन में तलाक जैसे शैतान पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर गया है । लगभग अमेरिकी नागरिक के पास आरà¥à¤®à¥à¤¸ हथियार मिलेंगे । जिसके जीवन में पà¥à¤°à¥‡à¤® होता है , जो पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ से सराबोर होता है उसके जीवन में तलाक जैसे शैतान कभी पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ नहीं करता और ना ही उसे हथियारों की ज़रूरत पड़ती है जहां डर भय , घृणा ,नफरत हो ,लोभ- लालच हो या नकारातà¥à¤®à¤• उरà¥à¤œà¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ हो उसके जीवन में तलाक जैसे शैतान पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है और उसे ही हथियारों की ज़रूरत पड़ती है। कोरोना वायरस à¤à¤¸à¥‡ ही जगह पर खूब फलता फूलता है । वो देश कोई भी हो सकता है।

जिस देश के नागरिक नफरत ,घृणा ,लोभ- लालच की उरà¥à¤œà¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होते हैं उसे ही कोरोना वायरस या कोई भी वायरस अपना शिकार बनाता है पà¥à¤°à¤•ृति के नियम को समà¤à¥‡à¤‚ , उसके आकरà¥à¤·à¤£ को नियम को समà¤à¥‡à¤‚ , ऊरà¥à¤œà¤¾ के नियम को समà¤à¥‡à¤‚ तो कोरोना वायरस किसका शिकार करेगी , आपको पता चल जाà¤à¤—ा । जो जैसा सोचता है, वह वही चीज करता है, उसे वही चीज मिलता है ।अगर आप नकारातà¥à¤®à¤• सोचेंगे तो नकारातà¥à¤®à¤• कारà¥à¤¯ करेंगे और आपको नकारातà¥à¤®à¤• फल मिलेगा । वहीं अगर हम सकारातà¥à¤®à¤• सोचेंगे , सकारातà¥à¤®à¤• कारà¥à¤¯ करेंगे तो हमें सकारातà¥à¤®à¤• फल मिलेगा।

कोरोना वायरस मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठनेगेटिव à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ को लेकर टà¥à¤°à¥‡à¤µà¤² कर रहा है बाकी जीव-जनà¥à¤¤à¥ के लिठकोरोना वायरस पॉजिटिव à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ का काम कर रहा है। हम सब के आसपास जो सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° रूप से जीवन बिताने वाले जीवो को कोरोना वायरस कà¥à¤› बिगड़ती नहीं है पर मनà¥à¤·à¥à¤¯ के लिठकोरोना वायरस काल देवता/मृतà¥à¤¯à¥ देवता बना हà¥à¤† है । जिस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के अंदर कोरोना वायरस पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाता है तो उसे बहà¥à¤¤ बà¥à¤°à¤¾ फील होता है । हमें बà¥à¤°à¤¾ फील कब होता है ? जब हम किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अपशबà¥à¤¦ बोल दे या किसी को गाली बकते हैं तो हमें बà¥à¤°à¤¾ फील होता है इसका मतलब कà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤† अल – बल बकने वाला , गाली- गलौज करने वाला, मार – पीट करने वाला, जहर उगलने वाला यह सभी किसी न किसी रूप से नेगेटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ हैं कोरोनावायरस भी नेगेटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ के साथ टà¥à¤°à¥‡à¤µà¤² कर रहा है। अल बल बकने वाला / जहर उगलने वाला वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ या कोरोना वायरस दोनों नेगेटिव à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ हैं । दोनों à¤à¤• दूसरे को आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करता है । यह पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक नियम है । जिसे जो चाहिठउसे वह मिल जाता है।

आप जानते हैं कि चूहा, बिलà¥à¤²à¥€ को देखकर बिल में छà¥à¤ª जाता है पर आज इंसान कोरोनावायरस को देखकर बिल में छà¥à¤ªà¤¾ हà¥à¤† है ।मà¥à¤à¥‡ यह समठमें आता है कि चूहा बिलà¥à¤²à¥€ से छोटा है । अपनी जीवन बचाने के लिठचूहा बिल में छà¥à¤ª जाता है पर मà¥à¤à¥‡ यह समठमें नहीं आता कि इंसान कोरोना वायरस से लाखों गà¥à¤¨à¤¾ बड़ा है फिर भी कोरोना वायरस को देखकर इंसान आज बिल में छà¥à¤ªà¤¾ हà¥à¤† है ।आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? जबकि हम सब कोरोना वायरस को अपनी आंखों से देख नहीं सकते हैं फिर भी हम सब कोरोना वायरस के खौफ से इतना डर गठहैं । कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? हम सब कà¥à¤µà¤¾à¤°à¤‚टीन में रहे या आइसोलेशन में रहे। इससे कोरोना वायरस पर कोई फरà¥à¤• नहीं पड़ने वाला है । वहअपने ही रफà¥à¤¤à¤¾à¤° से बढ़ रहा है ।जो लोग कोरोना वायरस से मà¥à¤•à¥à¤¤ होकर घर आ रहे हैं।कà¥à¤¯à¤¾ पता कोरोना वायरस उसे फिर से शिकार बना ले । सरà¥à¤¦à¥€ खांसी भी वायरस बीमारी है इस बीमारी के लग जाने के बाद हम दवा खाते हैं, दवा खाने के बाद हमारा शरीर सरà¥à¤¦à¥€ खांसी से मà¥à¤•à¥à¤¤ हो जाता है लेकिन फिर भी सरà¥à¤¦à¥€ खांसी वापस आ जाता है । कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सरà¥à¤¦à¥€ खांसी का वायरस हमारे शरीर में सà¥à¤¸à¥à¤ªà¥à¤¤ अवसà¥à¤¥à¤¾ में पड़ा रहता है । ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार कोरोना वायरस हमारे शरीर के अंदर सà¥à¤¸à¥à¤ªà¥à¤¤ अवसà¥à¤¥à¤¾ में रहता है ।जब भी उसके शरीर के अंदर नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होगा तभी वो शरीर के अंदर कोरोना वायरस जागृत होने की पूरी संभावना रहती है।जो लोग कोरोना से ठीक हो कर घर आ रहे हैं, भूल कर भी à¤à¤¸à¤¾ ना सोचिà¤à¤—ा कि कोरोना से मà¥à¤•à¥à¤¤ हो गà¤à¥¤ कभी भी कोरोना वायरस वापस आ सकता है ।कोरोना वापस न आà¤, इसके लिठआप अपने अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ का दीपक जलाठरखें ।इतना धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि देश की रकà¥à¤·à¤¾ सैनिक करते हैं, कंपनी की रकà¥à¤·à¤¾ सिकà¥à¤¯à¥‹à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ करता है तो शरीर की रकà¥à¤·à¤¾ हारमोंस करता है हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ शरीर में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहे इसके लिठआपको अपने अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ेगी।

अगर आप चाहते हैं कि कोरोना वायरस आपके शरीर या आपके घर परिवार का कà¥à¤› भी ना बिगारे और आपके घर से दूर रहे तो इसके लिठआपको बिना पैसा खरà¥à¤š किठकोरोना वायरस को अपने घर से दूर भगा सकते हैं । वह आपका पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ या पà¥à¤°à¥‡à¤® के हथियार से कोरोना वायरस को वहां भगा सकते हैं ,जहां से वो आया है ।दवा या वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ से नहीं । कà¥à¤› देर के लिठदवा या वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ आपको कोरोना वायरस से मà¥à¤•à¥à¤¤ कर देगा पर हमेशा के लिठनहीं ।आपको अपने अंदर हृदय में पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी दीपक को जलाना होगा ।आपके पास दूसरा कोई रासà¥à¤¤à¤¾ नहीं बचा है जिससे आप कोरोना से लड़कर जीत सको । कोरोना से जीतने के लिठआपको पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी हथियार का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना पड़ेगा । आपके साथ किसने कà¥à¤¯à¤¾ ? वह सब आप भà¥à¤²à¤¾ दे , कà¥à¤·à¤®à¤¾ कर दे । ताकि आपके जीवन में खà¥à¤¶à¥€ और आनंद का बहार आ जाये । इसके लिठसबसे पहले आपको खà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करना होगा ।चाहे शरीर जैसा हो, बीमार हो ,अपाहिज हो। पहले खà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें। दूसरा अपने घर के सारे सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें ,चाहे बीमार माता-पिता हो ,बीमार पति हो ,बिमार पतà¥à¤¨à¥€ हो या बचà¥à¤šà¥‡ हो। सब से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें । तीसरा आपके घर के अंदर रखे पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सामान (जैसे लोहा लकà¥à¤•ड़ ,बरà¥à¤¤à¤¨ हांडी ,कपड़ा -लता ,ईंट – पतà¥à¤¥à¤° या खाने पीने की वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚ )से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें । मेरा कहने का मतलब कि घर के अंदर रखा कोई भी वसà¥à¤¤à¥ निरà¥à¤œà¥€à¤µ हो या सजीव हो ,आपके आंखों से जो भी दिखाई दे वह चाहे आपका घर का दीवाल ही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो, उससे भी पà¥à¤°à¥‡à¤® करें । जिसे आप महसूस कर सकते हैं वह हवा या पानी ही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ना हो पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वसà¥à¤¤à¥ या पदारà¥à¤¥ से आप पà¥à¤°à¥‡à¤® करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि परमातà¥à¤®à¤¾ के नजर में दिखने वाली , महसूस करने वाली हर वसà¥à¤¤à¥ /पदारà¥à¤¥ जीवित होता है । इंसान के नजर में लोहा लकà¥à¤•ड़ ईंट- पतà¥à¤¥à¤° यह सभी मृत वसà¥à¤¤à¥à¤ हैं। जो भी वसà¥à¤¤à¥ पदारà¥à¤¥ का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ धरती या बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚ड में है। वह सभी जीवित पदारà¥à¤¥ है सभी पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‰à¤¨ और नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥‰à¤¨ चकà¥à¤•र लगाता रहता है ।चौथा आपके आसपास रहने वाले पड़ोसियों से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें। चाहे आपका पड़ोसी आपके अपने जात धरà¥à¤® का हो या किसी और जात धरà¥à¤® का हो , सब से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें । पांचवा जो आपको जानने वाला हो या जिसे आप जानते हो , उससे पà¥à¤°à¥‡à¤® करें । इतना ही काम आपको करना है । बाकी सारा काम आपके अंदर जल रही पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ का दीपक करेगा । पहले पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी ऊरà¥à¤œà¤¾ को टà¥à¤°à¥ˆà¤µà¤² (यातà¥à¤°à¤¾) करने तो दीजिठ।आपने कभी सोचा नहीं होगा ,à¤à¤¸à¥€ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होगा ।मैंने यह कहीं नहीं कहा कि आप पà¥à¤°à¥‡à¤® में अपनी धन दौलत लà¥à¤Ÿà¤¾ दे ।आपको अपने धन दौलत किसी को नहीं देना है ।अगर आपके पास धन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है तो अपनी इचà¥à¤›à¤¾ अनà¥à¤¸à¤¾à¤° धन का दान कर सकते हैं पर धन का दान करने से आपको परेशानी होती है तो आप धन का दान न करें । सिरà¥à¤« सबसे पà¥à¤°à¥‡à¤® करें।

अगर आपके घर परिवार का कोई सदसà¥à¤¯ बीमार है। वह भी सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हो जाà¤à¤—ा ।इसकी चिंता फिकà¥à¤° ना करें ।अगर आपका शरीर पहले से बीमार है वह चाहे कोई भी बीमारी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ना हो । जब आप सभी से पà¥à¤°à¥‡à¤® करने लगते हैं तो पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ बीमारी का गà¥à¤°à¤¾à¤« वाही रà¥à¤• जाà¤à¤—ा ,आगे नहीं बढ़ेगा और न ही कोई नई बीमारी आपके शरीर के अंदर पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करेगा । जब आप पूरà¥à¤£ रूप से पà¥à¤°à¥‡à¤® की समà¥à¤‚दर में डूब कर सराबोर जाà¤à¤‚गे तो पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ बीमारी भी आपके शरीर का साथ छोड़ देगा ।आप पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ को कभी भी हलà¥à¤•ा में न ले । धरती हो या बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚ड सभी जगह ऊरà¥à¤œà¤¾ है ।à¤à¤¸à¤¾ कोई जगह खाली नहीं ,जहां ऊरà¥à¤œà¤¾ का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ ना हो। जहां विनाश होता है वहां नेगेटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ का सहयोग होता है और जहां निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है वहां पॉजिटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ या पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ का सहयोग होता है ।

आज आपके सामने जो भी समसà¥à¤¯à¤¾ दिखता है ।वह समसà¥à¤¯à¤¾ कहां गायब हो जाà¤à¤—ा कि किसी के खोजने पर भी वो समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं मिलेगा । चाहे वह समसà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤› भी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो जैसे कोरोना वायरस की समसà¥à¤¯à¤¾/बेरोजगारी की समसà¥à¤¯à¤¾/जनसंखà¥à¤¯à¤¾ वृदà¥à¤§à¤¿ की समसà¥à¤¯à¤¾/खादà¥à¤¯ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं की समसà¥à¤¯à¤¾/दवा और खादà¥à¤¯ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं में मिलावट की समसà¥à¤¯à¤¾/नकली वसà¥à¤¤à¥à¤“ं की समसà¥à¤¯à¤¾/पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण की समसà¥à¤¯à¤¾/धरà¥à¤® जाति भाषा पà¥à¤°à¤¾à¤‚त और देशों की सरहदों की समसà¥à¤¯à¤¾/विनाशकारी परमाणॠहथियार, जैविक हथियार, रसायनिक हथियारों की समसà¥à¤¯à¤¾/गरीबी और भà¥à¤–मरी की समसà¥à¤¯à¤¾/सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾/परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ समसà¥à¤¯à¤¾/हतà¥à¤¯à¤¾ ,लूट ,नफरत घृणा , दहेज ,लोभ – लालच , भà¥à¤°à¥‚ण हतà¥à¤¯à¤¾, बलातà¥à¤•ार की समसà¥à¤¯à¤¾/भूत पà¥à¤°à¥‡à¤¤à¥‹à¤‚ की समसà¥à¤¯à¤¾ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤à¤®à¥‡à¤°à¤¾ कहने का मतलब कि मनà¥à¤·à¥à¤¯ के जीवन में आने वाली कोई भी समसà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ना हो वह सभी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ खतà¥à¤® हो जाà¤à¤—ा ना कोई भूखा मरेगा और ना कोई भूखा सोà¤à¤—ा । मानव के जीवन खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤² और आनंदमय हो जाà¤à¤—ा ।

अगर आपको पहले से कोई बीमारी है तो आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद ले ,योगा ,पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® की मदद ले ।पà¥à¤°à¥‡à¤® की शकà¥à¤¤à¤¿ को जितना हो सके उतना अपने और अपने आसपास के लोगों में बढ़ाà¤à¤‚ । डॉकà¥à¤Ÿà¤° ,योगा और पà¥à¤°à¥‡à¤® की शकà¥à¤¤à¤¿ इन तीनों में पà¥à¤°à¥‡à¤® की शकà¥à¤¤à¤¿ सबसे शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ है ।अगर आप सिरà¥à¤« डॉकà¥à¤Ÿà¤° और योगा का सहारा लेते हैं तो आप पूरà¥à¤£ रूप से अपनी बीमारी से लड़कर जीत नहीं सकते ।जब तक आपके अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ ना हो या आपका विचार सकारातà¥à¤®à¤• ना हो। जब शरीर में तकलीफ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाता है तोआप पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ के साथ बहà¥à¤¤ देर तक खड़ा नहीं रह सकते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर में तकलीफ होने से आपको न खाना अचà¥à¤›à¤¾ लगेगा न आपको रिशà¥à¤¤à¥‡ – नाते का वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° अचà¥à¤›à¤¾ लगेगा इसलिठआप पà¥à¤°à¥‡à¤® की शकà¥à¤¤à¤¿ ,डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद और योगा पà¥à¤°à¤£à¤¯à¤¾à¤® की मदद ले ।

आपके पास दूसरा कोई रासà¥à¤¤à¤¾ नहीं है । जो आप अपनी समसà¥à¤¯à¤¾ से लड़कर जीत सको ।आज कोरोना वायरस का खौफ इतना बढ़ गया है कि इंसान अपने आप को बिलों में छà¥à¤ªà¤¾ कर रखा हà¥à¤† है । आज मंदिर ,मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ गिरजा, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सब बंद है ।इस धरती के सारे देवी- देवता ,अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ -खà¥à¤¦à¤¾ ,परमातà¥à¤®à¤¾ ,ईशà¥à¤µà¤° , नानक ,बà¥à¤¦à¥à¤§ राम ,कृषà¥à¤£ ,महावीर सभी का सभी कोरोना वायरस के खौफ से वह भी अपने बनाठहà¥à¤ बिल में छà¥à¤ª गठहैं। आज मानव अकेला हो गया। पूरी मानव जाति का अगर कोई मदद कर सकता है तो वह खà¥à¤¦ मदद कर सकता है। मानव के पास à¤à¤• ही रासà¥à¤¤à¤¾ है à¤à¤• ही रासà¥à¤¤à¤¾ बचा है वह है उसकी पà¥à¤°à¥‡à¤® की शकà¥à¤¤à¤¿à¥¤ पà¥à¤°à¥‡à¤® की शकà¥à¤¤à¤¿ से ,पà¥à¤°à¥‡à¤® की हथियार से कोरोना जैसे वायरस को ही नहीं इस धरती के सारे वायरस को हम मार सकते हैं ।पà¥à¤°à¥‡à¤® की शकà¥à¤¤à¤¿ को आप कभी कमजोर न मानना । पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ , पूरा बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚ड काम करता है पà¥à¤°à¥‡à¤® की शकà¥à¤¤à¤¿ से । पà¥à¤°à¥‡à¤® की शकà¥à¤¤à¤¿ से निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है। नफरत और घृणा की शकà¥à¤¤à¤¿ से विनाश होता है।

कोरोना से भी खतरनाक वायरस जहर उगलने वाले मà¥à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹ – मौलवी , पंडित – पà¥à¤°à¥‹à¤¹à¤¿à¤¤ ,फादर धरà¥à¤®à¤—à¥à¤°à¥, राजनेता हैं । इनसे दूर रहें ।ये धरती के सबसे खतरनाक वायरस है जो हर समय जहर उगलते रहते हैं इनसे आप दूर रहें , तब तक , जब तक इनके अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ हिलोरे नहीं मारने लगती है ।पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ के समà¥à¤‚दर में जब तक ये लोग पूरà¥à¤£ रूप से डूब नहीं जाते हैं तब तक आप इनसे दूर रहें ।आप जानते हैं की जहर खाने से शरीर को हानि है ,जहर सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ से शरीर को हानि है और जहर बकने से भी शरीर को हानि है । इसलिठन जहर खाठ, न जहर सà¥à¤¨à¥‡ और न ही जहर बके । जहर खाने से शरीर के हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में बदलाव आता है ,जहर सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ से भी शरीर के हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में बदलाव आता है और जहर बकने से भी शरीर के हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में बदलाव आता है। पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक या सृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•रà¥à¤¤à¤¾ भी यही चाहती है कि पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• हो पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक को यही पसंद भी है इसलिठपà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक ने कोरोनावायरस जैसी बीमारी मानव के जीवन में डाल दिया ताकि मानव à¤à¤• हो सके ।यही वजह है कि धरती पर कोरोना वायरस का खौफ दिन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ बढ़ता जा रहा है। पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक के विरà¥à¤¦à¥à¤§ चलेंगे सबका सब यही पड़ा रह जाà¤à¤—ा ।अमेरिका, भारत ,चीन हो या कोई देश या धरà¥à¤®, जाति , मजहब सब यही पड़ा रह जाà¤à¤—ा । विरान हो जाà¤à¤—ी हमारी धरती । जब हम सब इतने छोटे कोरोनावायरस से लड़ नहीं सकते , जो आंखों से दिखता नहीं तो कोरोना वायरस का बाप à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ या उलà¥à¤•ापिंड से कैसे लड़ेंगे । अभी भी समय है अपने विचारों को बदलें ।नई दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करें ।मितà¥à¤°à¤¤à¤¾ पूरà¥à¤£ विचार को अपने जीवन में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ दें । नहीं तो जैसे पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक ने डायनासोर पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ को सदा के लिठधरती से गायब कर दिया , कहीं à¤à¤¸à¤¾ ना हो की सृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•रà¥à¤¤à¤¾ मानव जाति को भी हमेशा – हमेशा के लिठधरती से गायब कर दे।

Note:-मैं उस पà¥à¤°à¥‡à¤® को नहीं कह रहा हूं ।जो à¤à¤• कपलà¥à¤¸ आपस में पà¥à¤°à¥‡à¤® करते हैं या पà¥à¤°à¥‡à¤® करते नजर आ जाते हैं ।वह कभी भी पà¥à¤°à¥‡à¤® नहीं करते ।वह उनके शरीर का मैगà¥à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• फीलà¥à¤¡ की वजह से दोनों à¤à¤• दूसरे के नजदीक आते हैं। à¤à¤• दूसरे को आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करते हैं। आपने कभी न कभी यह कहावत सà¥à¤¨à¥€ होगी कि “मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ बिना जिंदा नहीं रह सकता / सकती हूं”। इस कहावत का कà¥à¤¯à¤¾ मतलब होता है ?आपने कभी सोचा या इसे जानने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया , पà¥à¤°à¥‡à¤® जिंदगी देता है, जिंदगी लेता नहीं । पà¥à¤°à¥‡à¤® से जीवन को बल मिलता है , तो पà¥à¤°à¥‡à¤® में मरने वाली बात कहां से आ गई ।जैसे सिकà¥à¤•े के दो पहलू होता है ।ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार नेगेटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ का भी दो पहलू होता है । सिकà¥à¤•े का à¤à¤• पहलू लोगों को सीधा मार देता है तो सिकà¥à¤•ा का दूसरा पहलू लोगों को ललचा कर मारता है आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करके मारता है यानी नेगेटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ के आकरà¥à¤·à¤£ नियम के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° दोनों कपलà¥à¤¸ आपस में पà¥à¤°à¥‡à¤® करते हैं पर यह उनके लिठजहर है । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® होता है वहां जीवन होता है पà¥à¤°à¥‡à¤® का दूसरा नाम भी है ,उसके अपने सगे संबंधी भी हैं जैसे करà¥à¤£à¤¾ ,सेवा दया ,मदद ,दान और छोटे बड़ो का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤

पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ जोड़ा कहां छोटे बड़ों का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ करते हैं जहां à¤à¤•ांत दिखी वही पà¥à¤°à¥‡à¤® करने बैठ गये । न उनमें दया धरà¥à¤® होती है ना सेवा दया की भावना होती और न अपना मान समà¥à¤®à¤¾à¤¨ होता है आपने देखा होगा ,समाचार पतà¥à¤° में पढ़ा होगा कि अगर लड़की लड़के से मिलना बंद कर दे चाहे कारण कà¥à¤› भी हो लेकिन लड़का कà¥à¤¯à¤¾ करता है जिस लड़की से लड़का पà¥à¤¯à¤¾à¤° करता था उसी लड़की के ऊपर, चेहरे पर तेजाब या à¤à¤¸à¤¿à¤¡ फेंक देता है ।आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ?जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® होता है वहां यह सब होता नहीं है।

अगर पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ जोड़ा किसी कारण वश घर परिवार या समाज से भागकर मंदिर मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ या कोरà¥à¤Ÿ कचहरी में शादी कर लेते हैं , पर कà¥à¤› समय गà¥à¤œà¤° जाने के बाद उनका कà¥à¤¯à¤¾ हाल होता है यह आपको भी पता है उनका सारा पà¥à¤°à¥‡à¤® , मोहबà¥à¤¬à¤¤ सब खतà¥à¤® हो जाता है । à¤à¤• दूसरे के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जो आकरà¥à¤·à¤£ पहले था । वह सब आकरà¥à¤·à¤£ खतà¥à¤® हो जाता है ।à¤à¤• दूसरे के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उनका वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° à¤à¤¸à¤¾ हो जाता है मानो कई जनà¥à¤®à¥‹à¤‚ से à¤à¤• दूसरे का दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ हो। यहां तक कि वह आपस में मारामारी करने लगते हैं । उन दोनों के बीच तलाक जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा हो जाती है । कà¥à¤¯à¤¾ आप उसे पà¥à¤°à¥‡à¤® कहते हैं ? आप à¤à¤¸à¥‡ अनेकों हीरो – हीरोइन उदà¥à¤¯à¥‹à¤—पतियों और राजनेताओं को देखे होंगे , समाचार पतà¥à¤°à¥‹à¤‚ में सà¥à¤¨à¥‡ होंगे , उनके पास पैसों की कमी नहीं, फिर भी उनके जीवन में तलाक जैसा शैतान पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाता है ।आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा हो जाती है ? उनका पà¥à¤°à¥‡à¤® कहां गया ? इसका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण उनके जीवन में नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ का सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हो जाना । आप जानते हैं कि जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® होता है वहां मारामारी हतà¥à¤¯à¤¾ बलातà¥à¤•ार या नफरत घृणा नहीं होता ।जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ नफरत घृणा लोभ – लालच की वजह से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होता है वही मारा -मारी या तलाक जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा होती है। गंदगी और सफाई दोनों à¤à¤• साथ नहीं रह सकता ,रात और दिन दोनों à¤à¤• साथ नहीं रह सकता, नेगेटिव और पॉजिटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ दोनों à¤à¤• साथ किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के अंदर सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ नहीं हो सकता है । आप कभी भी यह न सोचिà¤à¤—ा कि पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ जोड़ा आपस में पà¥à¤°à¥‡à¤® करते हैं। नेगेटिव ऊरà¥à¤œà¤¾ की वजह से उनके शरीर के मैगà¥à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• फीलà¥à¤¡ के वजह से दोनों à¤à¤•-दूसरे के नजदीक जरूर आ जाते हैं, पर पूरी जिंदगी à¤à¤• साथ निभा नहीं पाते ।आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚? इस सवाल का जवाब आप खà¥à¤¦ खोजें।

Note:- ऊपर लिखे गठ( Independence Of Mother Earth ) ” धरती मां की आजादी ” की किताब का à¤à¤• अंश है यह किताब अभी तक पबà¥à¤²à¤¿à¤¶ नहीं हà¥à¤ˆ है। अगर आपको यह लेख /Article अचà¥à¤›à¤¾ लगे तो इसे  लाइक करें , कॉमेंटà¥à¤¸ करें । जितना हो सके इसे अपने दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को या सोशल मीडिया में शेयर करें ताकि  लोगों में जागृति पैदा हो सके , लोगों का अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® की भावना बढ़ सके , सारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• हो सके,  सारे देशों की सरहद खतà¥à¤® हो  सके । लोगों की आपसी लड़ाई – à¤à¤—ड़ा खतà¥à¤® हो सके ।

गांव की बेटी ( Village Daughter )

यह कहानी राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ की है जैसलमेर से करीब 18 किलोमीटर दूरी पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ कà¥à¤²à¤§à¤¾à¤° नाम का à¤à¤• छोटा सा गांव हैं सन 1291 के आसपास रहीस और मेहनती पालीवाल बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¤£à¥‹à¤‚ से 6०० गांव में बसे हà¥à¤ थे । माना जाता है कि कà¥à¤²à¤§à¤¾à¤° के आस पास 84 गांव थे और इन सभी में पालीवाल बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¤£ ही रहा करते थे यह लोग मेहनती ही नहीं बलिक बैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• तौर पर सशकà¥à¤¤ भी थे कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¥à¤²à¤§à¤°à¤¾ अवशेषों से सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होता है कि कà¥à¤²à¤§à¤¾à¤° के मकानों को वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• आधार से बनाया गया था ।

इसी गांव में à¤à¤• दीवान सालिम सिंह भी रहा करता था जिसकी बà¥à¤°à¥€ नजर पालीवाल बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¤£à¥‹à¤‚ पर पड़ी । उसे बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¤£ की लड़की पसंद आ गई । वह हरसंभव उसे पाने की कोशिश करने लगा जब उसकी सारी कोशिश नाकाम होने लगी तब सालिम सिंह ने गांव वालों को धमकी दी की या पूरà¥à¤£à¤®à¤¾à¤¸à¥€ तक वे उस लड़की को सौंप दे या फिर वह सà¥à¤µà¤¯à¤‚ उठाकर ले जाà¤à¤—ा गांव वालों के सामने à¤à¤• लड़की के समà¥à¤®à¤¾à¤¨ को बचाने की चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ थी वह चाहते तो लड़की की आहà¥à¤¤à¤¿ देकर कर अपना घर बचा सकते थे लेकिन उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दूसरा रासà¥à¤¤à¤¾ अपनाया । à¤à¤• रात 84 गांव के सभी बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¤£à¥‹à¤‚ ने बैठकर à¤à¤• निरà¥à¤£à¤¯ लिया कि वे रातों-रात इस गांव को खाली कर देंगे लेकिन उस लड़की को कà¥à¤› नहीं होने देंगे बस कà¥à¤¯à¤¾ था à¤à¤• ही रात में कà¥à¤²à¤§à¤°à¤¾ समेत आसपास के सभी गांव खाली हो गठ। जाते-जाते लोग इस गांव को शà¥à¤°à¤¾à¤ª दे गठकि इस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर कोई भी नहीं बस पाà¤à¤—ा जो भी यहां आà¤à¤—ा वह बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦ हो जाà¤à¤—ा ।

कà¥à¤²à¤§à¤°à¤¾ गांव को कà¥à¤²à¤§à¤¾à¤°à¤¾ बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¤£à¥‹à¤‚ ने बसाया था लेकिन यहां का à¤à¤• राजा इतना कà¥à¤°à¥‚र था कि वह अपनी जनता को जीने की आजादी तक नहीं देता और मनमाफिक तरीके से उसका शोषण करता था वह उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मारता पीटता और अपने गà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‹à¤‚ की तरह रखा करता था । कà¥à¤²à¤§à¤°à¤¾ गांव पूरी तरह उजड गया है सिरà¥à¤« à¤à¤• लड़की की इजà¥à¤œà¤¤ बचाने के लिठपूरे गांव वालों ने मिलकर उस लड़की की इजà¥à¤œà¤¤ बचाने के लिठगांव छोड़ कर कहीं और चले गठआज भी उस जगह पर उनकी आतà¥à¤®à¤¾ भटकती नजर आती है उजड गई कà¥à¤²à¤§à¤°à¤¾ के गांव । वहां कà¥à¤› भी नहीं बचा , बस था तो विरान और बंजर भूमि । जब भी नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ अधिक से अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• बढ़ जाता है तो हमें भूत पà¥à¤°à¥‡à¤¤ के रूप में नजर आने लगता ।

कà¥à¤¯à¤¾ आपके गांव में भी बेटियां हैं ? कà¥à¤¯à¤¾ आप दूसरों की वहॠ/ बेटी की रकà¥à¤·à¤¾ के लिठगांव छोड़कर जा सकते हैं ? कà¥à¤¯à¤¾ आप दूसरों की वहॠ– बेटी को अपनी बेटी समà¤à¤¤à¥‡ हैं ? Yes/No

353 देशों के सभी सैनिक जानवर – पशॠके समान है /All military animals in 353 countries are like animals

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यà¥à¤¦à¥à¤§ का इतिहास उतना ही पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ है जितना की मानव जाति की कहानी है । जमींदारो की आपसी लडाई हो या राजा महाराजाओ की आपसी लडाई हो , फिर मारे जाते है सैनिक ।अनेक सभà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ का अभà¥à¤¯à¥à¤¦à¤¯ à¤à¤‚व विनाश हà¥à¤† परनà¥à¤¤à¥ सैनिको के साथ यà¥à¤§à¥à¤¦ कभी समापà¥à¤¤ नहीं हà¥à¤† । जैसे -जैसे सभà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ का विकाश हà¥à¤† वैसे – वैसे नवीन हथियारो का अविषà¥à¤•ार हà¥à¤† और यà¥à¤¦à¥à¤§ का  सà¥à¤µà¤°à¥‚प में भी परिवरà¥à¤¤à¤¨ आया । पहले के यà¥à¤¦à¥à¤§  में सिरà¥à¤« सैनिक ही à¤à¤• दà¥à¤¸à¤°à¥‡ सैनिक को मारा करते थे पर आज के यà¥à¤¦à¥à¤§ में सैनिक और आवाम दोनों मारे जाते है । पहले राजा अपनी गदà¥à¤¦à¥€ के लिठया अपने समà¥à¤°à¤¾à¤°à¤¾à¤œà¥à¤¯ के विसà¥à¤¤à¤¾à¤° के लिठसैनिको का कतà¥à¤² करवाया । अब राजनेता अपनी कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ के लिठसैनिको का कतà¥à¤² करवा रहे है । जैसे सैनिक इंसान नहीं पशॠहै । पशॠऔर जानवरो को जिस पà¥à¤°à¤•ार आज काटा जाता है वे पशॠन तो अपने बारे में और न अपने तकलीफ के बारे में किसी को कà¥à¤› बोल नहीं पाते और न उनमें विरोध करने की इतनी ताकत होती है । पशà¥à¤ इतनी असहाय , कमजोर और निरà¥à¤¬à¤² है । ठिक इसी पà¥à¤°à¤•ार सारे सैनिको की हालत है । जब भी जो कोई चाहा सैनिको को उतार दिया लडाई के मैंदान में मरने -मारने के लिठ। मरता है सैनिक , रोता विलखता उसका परिवार है पर देश में विजय जà¥à¤²à¥‚स निकाले जाते है । à¤à¤• तरफ मातम तो à¤à¤• तरफ खà¥à¤¶à¥€à¤¯à¤¾à¤‚ इसी को हम देश कहते है। कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ और गदà¥à¤¦à¥€ के लिठमरवा दिया जाता है सैनिको ।सबसे बडी बात की सैनिको को कोई और नहीं मारता बलà¥à¤•ि सैनिक ही सैनिक को मारता है । ये भी अजीब दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की रीत है । देश के नाम पर सैनिको को बली चढा देना ,कूरà¥à¤¬à¤¾à¤¨ कर देना । यह कैसा विधान है ?

आपको मालà¥à¤® है कि पà¥à¤°à¤¥à¤® विशà¥à¤µà¤¯à¥à¤¦à¥à¤§ में भाग लेने वाले दोनो पकà¥à¤·à¥‹ के 6.5 करोड सैनिको में से à¤à¤• करोड 30 लाख सैनिक मारे गठऔर 2 करोड 20 लाख सैनिक घायल हà¥à¤ , घयलो में 70 लाख सैनिक बिलकà¥à¤² पंगॠहो गठ। इसी पà¥à¤°à¤•ार दà¥à¤¸à¤°à¤¾ विशà¥à¤µà¤¯à¥à¤¦à¥à¤§ में दोनों पकà¥à¤·à¥‹ के लगभग 10 करोड सैनिक भाग लिया । इस यà¥à¤¦à¥à¤§ में रूस ने अपना 2.1 करोड सैनिक गवाà¤à¤‚ । चंगेज खान ने अपने कà¥à¤·à¥‡à¤°à¤«à¤² विसà¥à¤¤à¤¾à¤° के लिठउसने अपने समय की 11फीसदी आवादी का सफाया कर दिया , जो तकरीबन 4 करोड आवादी होती है । कारगील यà¥à¤¦à¥à¤§ , भारत -पाक यà¥à¤¦à¥à¤§ 1971 , भारत -चीन यà¥à¤¦à¥à¤§  , कोरिया यà¥à¤¦à¥à¤§  , वियतनाम यà¥à¤¦à¥à¤§ , इरान – इराक यà¥à¤¦à¥à¤§à¥‹à¤‚  लाखो सैनिक मारे गये । न जाने कितने यà¥à¤¦à¥à¤§ हà¥à¤ ,कितने सैनिक और आवाम मारे गये ।

अगर तृतिय विशà¥à¤µà¤¯à¥à¤¦à¥à¤§ हà¥à¤† तो कà¥à¤› भी नहीं बचेगा , न जलीय जीव , सà¥à¤¥à¤²à¥€à¤¯ जीव , और न ही आकाशीय जीव बचेगा ।à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ (i.i.s.s  2014 ) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आज पà¥à¤°à¥‡ विशà¥à¤µ में reserve force और regular reserve paramilitray सैनिको की संखà¥à¤¯à¤¾ लगभग 11,03,15,865 है । UN के 191 देशों में से 171 दशों का रिकारà¥à¤¡ है ।

1:- यà¥à¤¦à¥à¤§ को रोकने का उपाय ।

अगर आप नहीं चाहते है कि कोई यà¥à¤¦à¥à¤§ हो , à¤à¤• भी सैनिक मरे नहीं तो à¤à¤• ही रासà¥à¤¤à¤¾ है  कि आपके आस पास में कोई सैनिक है , आपके रिसà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° में सैनिक है , आपके बेटा -बेटी सैनिक है ,या पढोसी में कोई सैनिक है । उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आप समà¤à¤¾à¤ हथियार न उठाये । अगर हथियार उठाना ही है तो आतंकवाद के विरूदà¥à¤§ उठाये या धरती पर अमन और शानà¥à¤¤à¤¿ बनाये रखने के लिठहथियार उठाये । बाकी किसी भी यà¥à¤¦à¥à¤§ के लिठहथियार न उठाये । किसी भी देश के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤…धà¥à¤¯à¤•à¥à¤· सैनिको को हथियार उठाने को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करता है या दबाव डालता है तो सैनिक हथियार तभी उठाये जब उसका राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤…धà¥à¤¯à¤•à¥à¤· हथियार लेकर सबसे आगे खडा हो । पहले मरेगा राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤…धà¥à¤¯à¤•à¥à¤· बाद में सैनिक । जब भी राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤…धà¥à¤¯à¤•à¥à¤· की मरने बारी आà¤à¤—ी तभी ये सभी राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤…धà¥à¤¯à¤•à¥à¤· नये रासà¥à¤¤à¥‡ की तलाश करेंगे अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ नहीं ।

सैनिको को भी जिने का अधिकार हो । उनके अंदर भी दिल है, हà¥à¤µà¥ƒà¤¦à¤¯ है । उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ भी चोट लगती है तो दरà¥à¤¦ होता है उनका भी अपना à¤à¤• परिवार है वो भी à¤à¤• इंसान है कोई मशिन नहीं और  न ही वे पशॠहै ।

अगर आपको सैनिको से पà¥à¤°à¥‡à¤® है उनके बाल-बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से पà¥à¤°à¥‡à¤® है और आप खà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करते है , आपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करते है , और बचà¥à¤šà¥‹ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤  जीवन देना चाहते है तो आप इस मेसेज को अपने तक न रख कर अपने यार दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में शेयर करे । अब समय नहीं रहा सोने का । सो आप अपनी आंखे खोले । à¤à¤¸à¤¾ नहीं की समय हाथ से निकल जाठ। हम सब का विनाश सामने खडी है ।

2:- समय की मांग

353 देशों को जोडना और सभी 353 देशों के सैनिको को सिवील पà¥à¤²à¤¿à¤¸ में चेंज करना तो अपने आप 80/90 भà¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° कम हो जायेगा ।

( राषà¥à¤Ÿà¥à¤° पà¥à¤°à¥‡à¤® इंसानो की मौत है , धरती पà¥à¤°à¥‡à¤® इंसानो की जिनà¥à¤¦à¤—ी है )

( शैतानो के लिठदेश महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होता है , इंसानो के लिठधरती महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होता हे  )

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353 जेलो में कैद सारी मानव जाति / 353 All mankind imprisoned in jails

353 जेलो का मतलब 353 देश है ।गूगल रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आज इस धरती पर 353 देश और मानव की जनसंखà¥à¤¯à¤¾ लगभग 7.5 अरब है । जैसे -जैसे मानव विकास करता जा रहा है वैसे -वैसे वे अपने लिठछोटे छोटे जेल का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करता जा रहा है यानी की छोटे छोटे देश का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करता जा रहा है ।

1 :-जेल दो पà¥à¤°à¤•ार के है

वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ मे जेल दो पà¥à¤°à¤•ार के है । पहला जेल अपराधीयों के लिठबनाया गया है । जिसमें जेलर और पूलिस दोनो होते है । दूसारा जेल इंसाने अपने लिठबनाया है । जिसे देश कहते है । इस जेल में कोई जेलर और पूलिस नहीं होता है फिर भी कोई कैदी जेल तोडकर बाहर भाग नहीं पाता । जिस जेल में पूलिस और जेलर दोनों है वहां कैदी जेल तोडकर बाहर भाग जाते है । पर इंसान इतना कमजोर कैसे हो गया ? जबकि पूरी धरती इंसानो की है । फिर इंसान कमजोर और असहाय हो गया है ।आज हर देश की सरहद की दीवारें इतनी मजबà¥à¤¤ है कि किसी भी देश के गरीब मजदूर नागरिक को अपनी रोजी रोटी के लिठअपने देश के अलावा किसी दूसरे देशों मे जा नही सकता । भले ही वो गरीब मजदूर भूखा – पà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤¾ मर जाठकà¥à¤¯à¥‹à¤•ीं पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• देश की सरहद और दीवारे अपने यहां आने की इजाजत नहीं देती है । इसे आप कà¥à¤¯à¤¾ कहेंगे जेल ?

2:-धरती माॅ की आजादी

जब हमारी धरती माॅ आजाद नहीं हà¥à¤ˆ तो उसकी बेटीयां कैसे आजाद हो सकती है । धरती माॅ का आजाद होने का मतलब है कि सभी देशों का सरहद मिट जाना यानी की सरहद का खतà¥à¤® हो जाना। कोई भी मनà¥à¤·à¥à¤¯ किसी भी देश में बेरोक टोक के आ जा सके । आप जानते है की 353 देशों की माॅ को जनà¥à¤® देने वाली हमारी धरती माॅ ही है । पर कोई धरती माॅ की जयकारा नहीं करता वो कोई मनà¥à¤·à¥à¤¯ हो , राजनीतिक पारà¥à¤Ÿà¥€ के कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ हो ,धारà¥à¤®à¥€à¤• या समाजीक संगठन के कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ हो ,पर कोई धरती माॅ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ कृतà¥à¤œà¥à¤žà¤¤à¤¾ जाहीर नहीं करता ।भारतवासी भारत माता की जयकारा करते है , अमेरिकावासी अमेरिका का ,जापानवासी जपान का , चीनीवासी चीन का , वो चाहे किसी भी देश का नागरिक हो वह अपने ही देश की माॅ का जयकारा करता है पर धरती माॅ की नहीं ।अगर सभी मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ के अंदर धरती माॅ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ समà¥à¤®à¤¾à¤¨ , आदर और कृतà¥à¤œà¥à¤žà¤¤à¤¾ होती तो पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• देशों की उसकी अपनी सरहद नहीं होती और न ही इतने अधिक विनाशकारी हथियार और परमाणॠबंम का अविषà¥à¤¯à¤•ार होता ।

3:- बाजार का खà¥à¤²à¤¨à¤¾

आज का मानव समाज अपने लिठसà¥à¤– सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ के सारे चिजों का बाजारो को खोलता जा रहा है पर अपने लिठसारे चिजों की बाजार का बंध करता जा रहा है ।आप देखो , पेड – पोधो , पशॠ– पकà¥à¤·à¥€, किडे – मकोडे हर चिज का बाजार खà¥à¤²à¤¾ है । कà¥à¤› भी खरीद सकते है , निरà¥à¤œà¥€à¤µ वसà¥à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤‚ , सजिव वसà¥à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤‚ कà¥à¤› भी खरीद सकते है । किसी भी देश की सजिव और निरà¥à¤œà¥€à¤µ वसà¥à¤¤à¥à¤¯à¥‡ आराम से किसी और देशों में बिक रहें है । कहीं कोई रोक टोक नहीं । पर मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹ के लिठपाबंदी लगी हà¥à¤ˆ है । गरीब मजदà¥à¤° अपना देश छोड कर किसी और देशों में अपनी रोजी रोटी के लिठजा नहीं सकते । इसे आप कà¥à¤¯à¤¾ कहेंगे जेल ?

4:- उदà¥à¤¯à¥‹à¤—पति , समाजीक , धारà¥à¤®à¥€à¤• , राजनीतिक संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨

à¤à¤• उदà¥à¤¯à¤—पति अपने कारोबार के लिठà¤à¤• देश से दूसरे जा रहे है, अपने कारोबार को बढाने के लिठ। उदà¥à¤¯à¥‹à¤—पतियो के लिठबाजार खà¥à¤²à¤¾ है । समाजीक संगठन और धारà¥à¤®à¥€à¤• संगठनो के लिठबाजार खà¥à¤²à¤¾ है , ये अपनी सेवा जनता को पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर रहे ,अपनी सेवा को दे रहे है । इस धरती के सारे राजनीतिक नेताओं जैसे सांप सà¥à¤‚घ गया है ।ये अपने देश के बाहर निकलना ही नहीं चाहते । कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ के लिठराजनीतिक नेता देशों को ,राजà¥à¤¯à¥‹ को , जाति , भाषा और पà¥à¤°à¤¾à¤‚तो को बाटते जा रहे , à¤à¤• दूसरे से लडा रहे है जैसे इन नेताओ के पास कोई काम ही नहीं । हम जितने बटे रहेंगे । हम सब का विनाश का कारण राजनीति बनेगी । इस धरती के सारे राजनीतिक नेताये इतने कमजोर और असहाय हो गये , जैसे की ये नेता न हो कर गाय- भैंस , पशॠ– पकà¥à¤·à¥€ ,किडे – मकौडे हो गये है । पशॠ– पकà¥à¤·à¥€ जैसे असहाय और कमजोर होते है , वैसे आज के राजनीतिक नेता असहाय और कमजोर हो गये है । कà¥à¤¯à¤¾ राजनीतिक नेताओ का करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ नहीं होता कि सारे मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹ के लिठबाजार खà¥à¤²à¤µà¤¾à¤¯à¥‡ ?

5:- मोदी जी

मैंने सà¥à¤¨à¤¾ है कि मोदी जी की सिना 56 इंच का है ।पर आप बताये , जो जेल का कैदी हो उसका सिना 56 इंच का कैसे हो सकता है ? कैदीयों की कोई सिना नहीं होता, बिना सिना के कैदी पैदा होते है और मर जाते है । मोदी जी अगर आपका सिना 56 इंच का है तो सरहद की दीवारे तोड कर दिखाये ।

भाई से लड कर , भाई को भगाकर इसे आजादी नहीं कहते । जो भी देश के नागरिक अपने आपको आजाद मानते ,या अपने आपको आजाद समà¤à¤¤à¥‡ है , वो गलत समà¤à¤¤à¥‡ है सिरà¥à¤« कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ आजाद हà¥à¤ˆ है । हिंदà¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨ कल भी गà¥à¤²à¤¾à¤® था ,आज भी गà¥à¤²à¤¾à¤® है ।सबसे शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ देश अमेरिका कल भी गà¥à¤²à¤¾à¤® था आज भी गà¥à¤²à¤¾à¤® है । लगभग सभी देशो को गà¥à¤²à¤¾à¤® बनाने वाला देश इंगलैंड कल भी गà¥à¤²à¤¾à¤® था आज भी गà¥à¤²à¤¾à¤® है । इस धरती के सभी 353 देश कल भी गà¥à¤²à¤¾à¤® थे और आज भी गà¥à¤²à¤¾à¤® है । अगर कोई दश अपने आपको गà¥à¤²à¤¾à¤® नहीं मनता तो वो अपने देश के गरीब नागरिक को किसी दà¥à¤¸à¤°à¥‡ देशों में भेज कर देखे तो आपको अपनी वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता का जà¥à¤žà¤¾à¤¨ हो जायेगा । आज भी राजाओ की शासन पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ सभी देशों में जीवित है। लोकतंतà¥à¤° पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ लोगो से काफी दूर है । आजादी का मतलब है कि न तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ कोई गà¥à¤²à¤¾à¤® बना सके और न तà¥à¤® किसी को गà¥à¤²à¤¾à¤® बना सको । जहां मरà¥à¤œà¥€ अपनी रोजी रोटी के लिठगरीब मजदà¥à¤° जा सके ,तो समà¤à¥‹ मानव समाज 353 जेलो से आजाद है ।

( राषà¥à¤Ÿà¥à¤° पà¥à¤°à¥‡à¤® इस धरती के विनाश का बडा परमाणॠबंम है ।धरती पà¥à¤°à¥‡à¤® ,धरती के कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ का सबसे बडा परमाणॠबंम है । )

। धरती माॅ की आजादी ।