पà¥à¤°à¥‡à¤® कà¥à¤¯à¤¾ है ? / भय और पà¥à¤°à¥‡à¤® में कà¥à¤¯à¤¾ अंतर है? / what is love ? /What is the difference between fear and love?

पà¥à¤°à¥‡à¤® कà¥à¤¯à¤¾ है ? पà¥à¤°à¥‡à¤® का बहà¥à¤¤ ही साधारण simple परिभाषा है जहां समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ नहीं होती है वहां पà¥à¤°à¥‡à¤® होता है और जहां समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती है वहां भय  होता है। पà¥à¤°à¥‡à¤® और भय में कà¥à¤¯à¤¾ अंतर है ? चलिà¤Â  पà¥à¤°à¥‡à¤® और अपà¥à¤°à¥‡à¤® के विषय में जानते हैं । दोनों में कà¥à¤¯à¤¾ अंतर है? दोनों में जमीन आकाश का अंतर है । जहां भय समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ को पैदा करती है। वही पà¥à¤°à¥‡à¤® सारी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को खतà¥à¤® करता है ।

भय  :–   जब से मनà¥à¤·à¥à¤¯ का धरती पर आगमन हà¥à¤† है , तब से लेकर आज तक मनà¥à¤·à¥à¤¯ का जीवन ,भय के केंदà¥à¤° पर खड़ा है।पूरा मनà¥à¤·à¥à¤¯ जाति भय, चिंता, दà¥à¤–, पीड़ा से पीड़ित है। मनà¥à¤·à¥à¤¯ हमेशा से भयभीत रहा है और भय, चिंता, दà¥à¤– और पीड़ा के ऊपर मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ का अपना जीवन खड़ा है । भय के कारण मनà¥à¤·à¥à¤¯ मंदिर , मसà¥à¤œà¤¿à¤¦, गिरजाघर, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ में पूजा अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ करता है। नमाज पढ़ा करता है। पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ करता है ।

जेलों में कैद सारी मानव जाति । कà¥à¤¯à¤¾ है जेल ? कैसा है जेल ?

भय  आदमी के भीतर कà¥à¤°à¥‹à¤§ और लोभ- लालच पैदा करता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह हमेशा सोचता रहता है। यह मिल जाठ। वह मिल जाà¤à¥¤ धन मिल जाà¤à¥¤ पद मिल जाà¤à¥¤ भगवान मिल जाà¤à¥¤ सà¥à¤µà¤°à¥à¤— मिल जाà¤à¥¤ ताकि किसी भी दà¥à¤– पीड़ा से बच जाà¤à¥¤ चिंता से बच जाà¤à¥¤

हमारा देश , हमारा राषà¥à¤Ÿà¥à¤°, हमारी देश भकà¥à¤¤à¤¿, हमारी राजनीति , हमारा धरà¥à¤® और हमारा फौज यह सब हमारे भय पर खड़ी है। अकाश में लहराता हमारा à¤à¤‚डा भय पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है। धरà¥à¤® या मजहब  सभी भय का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है।

मनà¥à¤·à¥à¤¯ जाति दो तरह से भय पैदा करते हैं। à¤à¤• भय को पैदा करती है ताकि लोगों का शोषण किया जा सके और फिर भय पैदा हो जाने पर उस भय को बचाने के लिठजड़ता पैदा की जाती है । ताकि आदमी भय से कहीं मर ना जाठ।

आप सैनिकों को ही देख लीजिà¤à¥¤ कोई भी सैनिक अभय को उपलबà¥à¤§ नहीं होता । सिरà¥à¤« उसकी बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ को जड़ किया जाता है। उसकी संवेदनाà¤à¤‚ कम कर दी जाती है । ताकि उसे भय का कोई बोध न हो । जड़ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ वाले लोग  भयभीत नहीं होते । तभी तो सैनिक, सैनिक को मारते हैं । हतà¥à¤¯à¤¾  करते समय उनके भीतर किसी भी तरह का दया धरà¥à¤® नहीं होता । संवेदनाà¤à¤‚ नहीं होती। हतà¥à¤¯à¤¾ ।  सैनिक भय का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है। भय से बचने के लिठसैनिकों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ किया गया है।

गांव की बेटी । à¤à¤• लड़की की दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• कहानी । The daughter of the village. Painful story of a girl

आज सारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का बागडोर भयभीत लोगों के हाथों में है। विशà¥à¤µ का कोई भी राजनीतिजà¥à¤ž  विशà¥à¤µ में शांति नहीं ला सकता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि राजनीति के सारा केंदà¥à¤° भय पर खड़ा है और न ही कोई धरà¥à¤®à¤—à¥à¤°à¥ विशà¥à¤µ में शांति ला सकता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि धरà¥à¤®à¤—à¥à¤°à¥ का केंदà¥à¤° भी भय पर खड़ा है। यही वजह है कि आज सारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ भय से तà¥à¤°à¤¾à¤¹à¤¿à¤®à¤¾à¤® कर रही है। भय की वजह से सारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ खंड खंड में बैठी हà¥à¤ˆ है।

जहां भय होता है , वहां घृणा पैदा होती है । जहां भय होता है , वहां हिंसा , कà¥à¤°à¥‹à¤§ और लोभ लालच पैदा होता है । जहां भय होता है , वहां नफरत पैदा  होती है । जहां भय होता है , वहां बीमारियां पैदा होती है । जहां भय होता है , वह नई नई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा होती रहती है । जहां भय होता है , वहां कोरà¥à¤Ÿ – कचहरी , थाना – पà¥à¤²à¤¿à¤¸ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है । कोरà¥à¤Ÿ – कचहरी , थाना – पà¥à¤²à¤¿à¤¸ यह सभी भय के आधार पर खड़ी है । भय सदा बीमारी को फैलाता है । भय आपको सदा निरà¥à¤§à¤¨ बनाठरखती है । जहां भय होता है , वहां सदा लोग भूख और बीमारी से मरते हैं ।जहां भय होता है , वहां बड़े-बड़े विनाशकारी हथियारों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है जैसे परमाणॠबम या हाइडà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ बम etc जहां भय होता है , वहां डॉकà¥à¤Ÿà¤° ,  वैदà¥à¤¯ , हकीम और हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² पैदा होने लगता है । आपके आसपास में डॉकà¥à¤Ÿà¤° है । हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² है । यह सब भय के कारण है । भय का आधार ही होता है कि आप सदा बीमारी , परेशानी  या दà¥à¤– चिंता से घिरे रहे । डॉकà¥à¤Ÿà¤° हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² का चकà¥à¤•र लगाते रहे ।थाना पà¥à¤²à¤¿à¤¸ , कोरà¥à¤Ÿ कचहरी का चकà¥à¤•र लगाते रहे । जहां भय होता है , वहां तलाक का जनà¥à¤® होता है । जहां भय होता है , वहां दहेज दानव पैदा होने लगते हैं ।

आज कोरोनावायरस का फैलने का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण हमारा भय है । किसी न  किसी रूप में हम सब भयभीत हैं । तभी आज कोरोनावायरस इतनी तेज गति से फैल रहा है । भय मनà¥à¤·à¥à¤¯ के शरीर की इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ पावर को कम कर देता है । भय यà¥à¤¦à¥à¤§ को जनà¥à¤® देता है । भय  बिना कारण यà¥à¤¦à¥à¤§ कराता है ।  जिस वजह से à¤à¤• देश दूसरे देश से लड़ता है । भाई – भाई आपस में लड़ते हैं । à¤à¤• पड़ोसी दà¥à¤¸à¤°à¥‡ पड़ोसी से लड़ता है । पति पतà¥à¤¨à¥€ आपस में लड़ते हैं । बाप बेटा आपस में लड़ते हैं । इस सब भय का अंग है । यह सब भय पर खड़ा है । किसी भी देश की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ सब भय पर खड़ी है ।

मैं आपसे कहना चाहता हूं कि ऊपर जो तसà¥à¤µà¥€à¤° कपलà¥à¤¸ का है । वह पà¥à¤°à¥‡à¤® का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• नहीं है । पà¥à¤°à¥‡à¤® जीवन देता है ,  जीवन लेता नहीं है । इन कपलà¥à¤¸ के बीच पà¥à¤°à¥‡à¤® का फूल कभी खिलता नहीं । कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह लोग पà¥à¤°à¥‡à¤® की वजह से आपस में जà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¥‡ नहीं हैं इनका जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ इनके शरीर की मैगà¥à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• फीलà¥à¤¡ की वजह से à¤à¤• दूसरे के करीब आते हैं । जैसे शरीर को भोजन की जरूरत पड़ती है ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार शरीर को सेकà¥à¤¸ की जरूरत पड़ती है । पà¥à¤°à¤•ृति का नियम अनà¥à¤¸à¤¾à¤° जनà¥à¤® और मृतà¥à¤¯à¥ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सदा  चलता रहे । इसलिठउनके शरीर की बनावट इस पà¥à¤°à¤•ार किया गया है ताकि कपलà¥à¤¸ आपस में संबंध सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ कर सकें और जनà¥à¤® मृतà¥à¤¯à¥ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ चलता रहे । लेकिन उनका यह पà¥à¤°à¥‡à¤® नहीं है । अगर उनका पà¥à¤°à¥‡à¤® होता तो आज अमेरिका में लगभग 40% लव मैरिज करने के बाद उनका तलाक हो जाता है । आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? जबकि तलाक भय का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है । विकसित देशों में लव मैरिज à¤à¤• दो साल के अंदर ही उनका   तलाक हो जाता है । आप यह कभी न सोचिठगा कि जो कपलà¥à¤¸ आपस में पà¥à¤°à¥‡à¤® करते हैं । उनके भीतर कभी पà¥à¤°à¥‡à¤® का फूल खिल नहीं सकता ।

पà¥à¤°à¥‡à¤® :- कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि अगर आदमी के अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® बहना शà¥à¤°à¥‚ हो जाठतो कà¥à¤¯à¤¾ होगा । कभी आपने यह सोचा । आपको à¤à¤• छोटी सी बात बताना चाहता हूं कि शायद आपको पà¥à¤°à¥‡à¤® का मतलब समठमें आ जाठ। पà¥à¤°à¥‡à¤® में कितनी ताकत है।

कल तक मालà¥à¤® नहीं था कि अणॠऔर परमाणॠकà¥à¤¯à¤¾ है ? पर आज à¤à¤¸à¥€ बात नहीं है । à¤à¤• छोटे से अणॠमें कितनी ऊरà¥à¤œà¤¾ होती है। à¤à¤• अणॠमें कितनी शकà¥à¤¤à¤¿ होती है । अगर हम अणॠका विसà¥à¤«à¥‹à¤Ÿ करते हैं तो उसमें अनंत शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का जनà¥à¤® होता है। à¤à¤• के छोटे से रेत के कण के अणॠमें इतनी ताकत है कि à¤à¤• बड़ा महानगर जैसे मà¥à¤‚बई , दिलà¥à¤²à¥€ जैसे शहर को नषà¥à¤Ÿ किया जा सकता है।

हाइडà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के à¤à¤• अणॠसे मà¥à¤‚बई जैसे महानगरों को कà¥à¤·à¤¨ भर में राख किया जा सकता है । तो आप समठसकते हैं कि à¤à¤• मनà¥à¤·à¥à¤¯ में कितनी ताकत हो सकती है जब पानी की à¤à¤• बूंद में या हाइडà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के अणॠमें इतनी ताकत है। तो मनà¥à¤·à¥à¤¯ के अंदर कितनी ताकत हो सकती है। जब उसके अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® बहना शà¥à¤°à¥‚ हो जाà¤à¥¤

हम सब के भीतर पà¥à¤°à¥‡à¤® का बीज पड़ा हà¥à¤† है । वह बीज , बीज ही रह जाता है । अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ कभी नहीं हो पाता । कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसे भूमि , पानी और रोशनी नहीं मिल पाती है। उस पà¥à¤°à¥‡à¤® रà¥à¤ªà¥€ बीज के भीतर दरà¥à¤¦ , कसक और पीड़ा रह जाता है । जो उसे होना चाहिठथा , वह नहीं हो सका ।

जिस तरह पौधे पर फूल नहीं आता तो उस पौधे को देखिठकैसे वह मà¥à¤°à¤à¤¾à¤ सा कà¥à¤®à¥à¤¹à¤²à¤¾à¤ सा दिखता हैं । ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार आदमी के भीतर भी पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी बीज है। और वह अगर न खिले तो चिंतित हो जाता है। उसका चेहरे लटक जाता है । उसका पूरा वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ मà¥à¤°à¤à¤¾ जाता है। à¤à¤¸à¥‡ ही आज सारी मनà¥à¤·à¥à¤¯à¤¤à¤¾ का वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ मà¥à¤°à¤à¤¾ गया है ।

कभी आपने अपने आप से पूछा कि मेरी सबसे अधिक गहरी पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ कà¥à¤¯à¤¾ है ? कà¥à¤¯à¤¾ धन , पद , मोकà¥à¤· या परमातà¥à¤®à¤¾ । आपको इसका जवाब भीतर से आà¤à¤—ा सिरà¥à¤« पà¥à¤°à¥‡à¤® । पà¥à¤°à¥‡à¤®  दो और पà¥à¤°à¥‡à¤® लो । पà¥à¤°à¥‡à¤® देना ही मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ का जनà¥à¤®à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ अधिकार है ।

जिस दिन मनà¥à¤·à¥à¤¯ के अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® का पूरा फूल खिलता है। तो वह परमातà¥à¤®à¤¾ को उपलबà¥à¤§ हो जाता है । पà¥à¤°à¥‡à¤® परमातà¥à¤®à¤¾ का दà¥à¤µà¤¾à¤° है। लेकिन हमें कभी पà¥à¤°à¥‡à¤® का खà¥à¤¯à¤¾à¤² भी नहीं आता । पà¥à¤°à¥‡à¤® को कैसे विकसित करें । पà¥à¤°à¥‡à¤® का फूल खिलना बहà¥à¤¤ जरूरी है । पà¥à¤°à¥‡à¤® के बिना पूरी मनà¥à¤·à¥à¤¯à¤¤à¤¾ नषà¥à¤Ÿ हो सकती है ।

जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है , वहां आनंद और खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ है । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां शांति पैदा होती है । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां करà¥à¤£à¤¾ पैदा होती है । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां दया पैदा होती है । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां सौंदरà¥à¤¯ पैदा होता है । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां सà¥à¤µà¤°à¥à¤— जाने का रासà¥à¤¤à¤¾ मिल जाता है । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां सरहद का कोई दीवार नहीं होती । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां कभी यà¥à¤¦à¥à¤§ नहीं होता । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां डॉकà¥à¤Ÿà¤° , वैदà¥à¤¯ और हकीम दिखाई नहीं पड़ते । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है , वहां कोई हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² दिखाई नहीं पड़ता । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है , वहां थाना- पà¥à¤²à¤¿à¤¸ , कोरà¥à¤Ÿ – कचहरी नहीं हà¥à¤† करता । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां किसी पà¥à¤°à¤•ार का समसà¥à¤¯à¤¾ का जनà¥à¤® नहीं होता । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां मंदिर मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ की जरूरत नहीं पड़ती है ।

जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ चाहता है कि अपने जीवन में पà¥à¤°à¥‡à¤® का फूल खिलाना तो उसे पà¥à¤°à¥‡à¤® मांगने का खà¥à¤¯à¤¾à¤² छोड़ देना होगा । आपका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ हमेशा पà¥à¤°à¥‡à¤® देने का खà¥à¤¯à¤¾à¤² होना चाहिठ। आप पà¥à¤°à¥‡à¤® देते हैं तो आपको अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® का फूल खिलता है ।

पà¥à¤°à¥‡à¤® मांगने से पà¥à¤°à¥‡à¤® का बीज सिकà¥à¤¡à¤¼ जाता है । उसका बीज का खोल और अधिक कड़क हो जाता है । आप जानते हैं भीखमंगे से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ किसी का हà¥à¤°à¤¦à¤¯ सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¾ नहीं होता । जो मांगता है, वह सिकà¥à¤¡à¤¼ जाता है । जो पà¥à¤°à¥‡à¤® देता है या जो पà¥à¤°à¥‡à¤® देने के लिठअपना हाथ आगे बढ़ाता है तो उसका दिया हà¥à¤† पà¥à¤°à¥‡à¤® का दान कई गà¥à¤£à¤¾ बढ़ कर उसके पास वापस आ जाता है ।

आपने देखा होगा कि बीज जब अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ होता है तो कà¥à¤¯à¤¾ कहता है ? बीज अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ होता है । तो उसकी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ निकलती है । उसकी शाखाà¤à¤‚ बीज से बाहर की ओर निकलती आती है और फिर फूल खिलने लगता है । à¤à¤• बीज की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अंदर से बाहर की तरफ होती है । ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार आपको भी अपने अंदर का पà¥à¤°à¥‡à¤® बाहर की तरफ निकालना होगा । तो आपके अंदर का बीच का खोल टूट जाà¤à¤—ा फिर आपके अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® का रस बहना शà¥à¤°à¥‚ हो जाà¤à¥¤

पà¥à¤°à¥‡à¤® का पहला सूतà¥à¤° है कि आप पà¥à¤°à¥‡à¤® का दान करें । दूसरा सूतà¥à¤° है कि आप पà¥à¤°à¥‡à¤® का दान बिना शरà¥à¤¤ करें । हमने पà¥à¤°à¥‡à¤® दिया नहीं और हम पà¥à¤°à¥‡à¤® पाना चाहते है । इससे आपका पà¥à¤°à¥‡à¤® का बीज का खोल कभी टूट नहीं सकता । पà¥à¤°à¥‡à¤® का तीसरा सूतà¥à¤° है कि जब आप पà¥à¤°à¥‡à¤® किसी को देते हैं या किसी का सेवा मदद करते हैं तो आप उसका कृतजà¥à¤žà¤¤à¤¾ जाहिर करें तो इससे आपके अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® का बहाने का मौका मिलता है ।

मेरा कहने का मतलब कि आप किसी का मदद करते हैं या किसी का सेवा करते हैं तो उसके लिठआप कृतजà¥à¤žà¤¤à¤¾ जाहिर करें । यह नहीं कि वह आपको धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ दे। बलिक आप उसे धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ दें । मैं कृतजà¥à¤ž हूं। मैं अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ हूं । उसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपने अंदर अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ के भाव को अपने अंदर जागृत करें । आपके अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® की बीज चोट पहà¥à¤‚चती है । जिससे पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी बीच का खोल टूट जाता है और आपके जीवन में पà¥à¤°à¥‡à¤® का फूल खिलने लगता है और वह विकसित होने लगता है ।

जिस दिन पà¥à¤°à¥‡à¤® का à¤à¤°à¤¨à¤¾ आपके अंदर बहने लगा । उसी दिन आपको मालूम चलेगा कि भय कहीं भी नहीं है । पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤® की अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में या गैरमौजूदगी में आपके भीतर भय सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हो जाता है । यही आपका भय आपके तन , मन और धन सब को बीमार कर देता है । आंखों से न दिखने वाला कोरोनावायरस का आप शिकार हो जाते हैं और आपकी यूनिटी पावर कम हो जाता है और आप बीमार हो जाते हैं ।

पà¥à¤°à¥‡à¤® से भरा हृदय में भय का कोई सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ नहीं होता , भय से भरा हृदय में पà¥à¤°à¥‡à¤® का कोई सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ नहीं होता ।

जब आप अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® से भर जाते है तब आपको अपने हाथ में तलवार उठाने की कोई जरूरत नहीं होती । कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सब जगह आपको राम , खà¥à¤¦à¤¾, जीसस और वाहेगà¥à¤°à¥ दिखाई देने लगते हैं। वही आपके अंदर हृदय भय से भरा है तो सारा जगत आपको शतà¥à¤°à¥ नजर आने लगता हैं । आपके अंदर हà¥à¤°à¤¦à¤¯ पà¥à¤°à¥‡à¤® से भरा होता है तो सारा जगत आपको अपना मितà¥à¤° नजर आने लगता है ।

जो अंदर होता है वही बाहर आता है । आपके अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® है तो आप पà¥à¤°à¥‡à¤® का दान करेंगे । अगर आपके अंदर भय है, तो आप भय का दान करेंगे । आप जो अंदर है वही बाहर पà¥à¤°à¤—ट होता है


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जीवन की कठिनाइयों और सिर पर मंडराता मौत/सà¥à¤•ॉटलैंड का राजा रॉबरà¥à¤Ÿ बà¥à¤°à¥‚स/Life’s difficulties and death cruising on the head / King of Scotland Robert Bruce

यह कहानी सà¥à¤•ॉटलैंड का राजा बà¥à¤°à¥‚स है । बà¥à¤°à¥‚स अपने शतà¥à¤°à¥ से पराजित होकर भागा भीगा फिर रहा था । उसके संगी  साथ  सब छूट गठथे । धन जन की बड़ी हानि हà¥à¤ˆ थी । जीवन पराजित और लांचà¥à¤›à¥€ था । आप कह सकते हैं कि राजा बà¥à¤°à¥‚स की किसी पà¥à¤°à¤•ार से जीवन बच गया था ।

शतà¥à¤°à¥ , बà¥à¤°à¥‚स की तलाश कर रहे थे । राजा बà¥à¤°à¥‚स अपनी पà¥à¤°à¤¾à¤£ बचाने के लिठइधर उधर भागा फिर रहे थे । मौत उसके सर पर मरà¥à¤¡à¤° आ रही थी । उसकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ यह थी कि अब मरा की तब मारा।

राजा बà¥à¤°à¥‚स भागकर à¤à¤• खोह में छिप गया । वहां वह अपनी मौत आने का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ कर रहा था । आप अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगा सकते हैं कि उसकी मौत कैसी कà¥à¤°à¥‚र होगी। उसके अंदर भावनाà¤à¤‚ किस पà¥à¤°à¤•ार की जनà¥à¤® लेती होंगी। शतà¥à¤°à¥à¤“ं की तलवार पल भर में उसका काम तमाम कर देगी। कितनी डरावना राजा बà¥à¤°à¥‚स का वो समय था ।

खोह में छिपा राजा बà¥à¤°à¥‚स मन ही मन छटपटा रहा था। उसकी आतà¥à¤®à¤¾ कहीं किसी आशà¥à¤°à¤¯ की तलाश में थी। कहीं उसे आसरा मिल जाà¤à¥¤ ( 353 देशों के सैनिक जानवर और पशॠहै )

तभी उसने सामने à¤à¤• दृशà¥à¤¯ देखा, की à¤à¤• छोटी सी ननà¥à¤¹à¥€à¤‚ सी मकड़ी को खोह के मà¥à¤‚ह पर जाला बà¥à¤¨à¤¨à¥‡ का शतक पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर रही थी। बार-बार  गिरती और बार-बार उठती और अपने शरीर को à¤à¤¾à¤¡à¤¼ कर उठ खड़ी होती फिर वो अपने नठउतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ के साथ वापस जाला बनने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने लगती। जबकि मकड़ी के पास कोई आधार नहीं था। बिना आधार के मकड़ी का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ वà¥à¤¯à¤°à¥à¤¥ था। फिर भी मकरी बार-बार पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करती और असफल हो जाती।

राजा बà¥à¤°à¥‚स को यह देख बड़ा आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ हà¥à¤†à¥¤ उसने देखा कि मकड़ी  जीना में सूतà¥à¤° को अटका  दिया है।  फिर कà¥à¤¯à¤¾ था à¤à¤• के बाद à¤à¤• कितने सारे सूतà¥à¤° अटक गà¤à¥¤ मकड़ी ने अपना जाला बà¥à¤¨à¤¨à¥‡ लगी। थोड़ी देर में मकड़ी के पूरे पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ से खोह के मà¥à¤‚ह पर जाला उनका तैयार कर दिया। शतà¥à¤°à¥ के सिपाही उसको के पास आठऔर खोह पर मकड़ी का जाला देखकर वापस लौट गà¤à¥¤ सावधान रहे ! नफरत, घृणा, कà¥à¤°à¥‹à¤§, और लोभ लालच से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कोरोनावायरस अपना शिकार बनाती है

राजा बà¥à¤°à¥‚स की आई हà¥à¤ˆ मौत वापस लौट गई। अब बà¥à¤°à¤¸ à¤à¤• गहरी  सोच में पड़ गà¤à¥¤ वह सोच रहे थे कि जब मकरी बार बार गिरकर भी निराश और हताश नहीं हà¥à¤ˆ, मैं तो मनà¥à¤·à¥à¤¯ हूं। हाथ पैर वाला आदमी हूं। मैं कैसे हार सकता हूं। मैं कैसे इतनी जलà¥à¤¦à¥€ निराश हो गया।

राजा बà¥à¤°à¥‚स ने अपने  हार का मंथन किया और  मकरी से  जीवन जीने की नई पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ ली। राजा बà¥à¤°à¥‚स ने अपने बिछड़े हà¥à¤ सभी संगी साथियों को इकटà¥à¤ à¤¾ किया और उसने अपनी पूरी ताकत के साथ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया। अंत में राजा बà¥à¤°à¥‚स की जीत हà¥à¤ˆ ।

यह कहानी हमें शिकà¥à¤·à¤¾ देता है कि हमें कभी हार नहीं माननी चाहिठचाहे परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कितनी भी भयानक कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ना हो, हमें हार नहीं मानना चाहिठ। हौसला और हिमà¥à¤®à¤¤ रखने वालों को  ऊपर वाला  नया रासà¥à¤¤à¤¾ दिखा देता है। कठिनाई और समसà¥à¤¯à¤¾ से भागने वाले को कठिनाई और समसà¥à¤¯à¤¾ उसका सदा पीछा करता रहता है। सो आप अपने जीवन से हार न माने, अपने लकà¥à¤·à¥à¤¯ तक पहà¥à¤‚चने के लिठअपनी आखिरी सांस तक, आप अपना  पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें । आपका लकà¥à¤·à¥à¤¯ खà¥à¤¦ आप तक चल कर आप को सलाम करेगा ।

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सर आइज़क नà¥à¤¯à¥‚टन की मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤à¥‹à¤‚ का पहाड़ /हार नहीं मानना/Mountain of Sir Isaac Newton’s troubles / Not giving up

संसार के पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• सर आइज़क नà¥à¤¯à¥‚टन को कौन नहीं जानता। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गà¥à¤°à¤¹ ,नकà¥à¤·à¤¤à¥à¤° ,पà¥à¤°à¤•ाश और गà¥à¤°à¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤•रà¥à¤·à¤£ के संबंध में अदà¥à¤­à¥à¤¤ खोज की थी अपने अनà¥à¤¸à¤‚धान के लिठसरकार की ओर से महान यस पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया और सर की उपाधि से नà¥à¤¯à¥‚टन को घोषित किया गया

नà¥à¤¯à¥‚टन की मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤ उस समय की है जब नà¥à¤¯à¥‚टन की आयॠ50 वरà¥à¤· की थी 20 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से लगातार पà¥à¤°à¤•ाश के सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त को मालूम करने के लिठअथक परिशà¥à¤°à¤® कर रहे थे। दिन रात निरंतर लेखन का कारà¥à¤¯ कर रहे थे।

तभी à¤à¤• रात लिखते लिखते थक गठऔर उनके टेबल पर अनà¥à¤¸à¤‚धान की पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ें, आवशà¥à¤¯à¤• कागजात पतà¥à¤° बिखरे पड़े थे । टेबल पर लैंप जल रहा था , वही पास में उनका डायमंड नाम का कà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¾ अंगूठी के पास सो रहा था

20 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से तैयार किया गया अनà¥à¤¸à¤‚धान की सारी कागजात टेबल पर छोड़कर , कà¥à¤› देर के लिठबाहर घूमने चले गठ। जब वह वापस बाहर से घूम कर अपने में कमरे में आठतो वह जो वहां का दृशà¥à¤¯ देखे । उसे उनका होश उड़ गया ।

कोरोना वायरस से बचना है तो खà¥à¤¦ से करे पà¥à¤°à¥‡à¤®

20 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ का उनका कठिन परिशà¥à¤°à¤® राख के ढेर में बदल गया था। सब कà¥à¤› खतà¥à¤® हो चà¥à¤•ा था ।यह सब हà¥à¤†, उनका कà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¾ डायमंड की वजह से । कà¥à¤¤à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¾ टेबल पर चढ़ गया जिसके कारण टेबल पर रखे लैंप उलट कर गिर गया और टेबल पर अनà¥à¤¸à¤‚धान की सारी कागजात जो उसने 20 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से तैयार किया । सारे कागजात जल कर राख हो गई ।

आप जानते हैं 20 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ का कठोर शà¥à¤°à¤® कà¥à¤¯à¤¾ होता है ? अपनी सà¥à¤–-सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ को तà¥à¤¯à¤¾à¤— कर रात दिन à¤à¤• कर पà¥à¤°à¤•ाश के सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों पर कारà¥à¤¯ किठथे । जो पल भर में 20 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ का काम जल कर राख हो गया और कोई होता, तो मानसिक आघात से पागल हो जाता या नहीं तो वो अपने कà¥à¤¤à¥à¤¤à¥‡ को मृतà¥à¤¯à¥à¤¦à¤‚ड दे देता। पर नà¥à¤¯à¥‚टन à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› नहीं किया। नà¥à¤¯à¥‚टन ने अपनी मानसिक संतà¥à¤²à¤¨ को सà¥à¤¥à¤¿à¤° रखा ।

नà¥à¤¯à¥‚टन जानते हैं की कठिनाइयों से गà¥à¤œà¤°à¥‡ बिना कोई अपना लकà¥à¤·à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं कर सकता । कठिनाइयां मनà¥à¤·à¥à¤¯ को चमकाने और उसे तेजसà¥à¤µà¥€ बनाने के लिठआती है । नà¥à¤¯à¥‚टन ने अपने कà¥à¤¤à¥à¤¤à¥‡ के सिर पर अपना हाथ से थपथपाया और पà¥à¤¨à¤ƒ उसने अपने जोस और उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ के साथ फिर से समसà¥à¤¤ कारà¥à¤¯ किठऔर अंत में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पूरà¥à¤£ सफलता पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की।

नà¥à¤¯à¥‚टन की इस कहानी से यह सीख मिलती है कि कभी भी आप कठिनाइयों और परेशानियों से भागे नहीं आप अपने जीवन की कठिनाइयों और परेशानियों को सà¥à¤µà¥€à¤•ार करें आपको उस कठिनाइयां और परेशानियों में जरूर कोई न कोई रासà¥à¤¤à¤¾ मिल जाà¤à¤—ा ।

1 मिनट रà¥à¤•िठआपने नोटिस किया होगा की जिस समय नà¥à¤¯à¥‚टन के ऊपर मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤à¥‹à¤‚ का पहाड़ गिरा था ।उस वकà¥à¤¤ उनके बॉडीज में किस पà¥à¤°à¤•ार के à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बह रही थी ? अगर उनके बॉडीज में नेगेटिव à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बह रही होती तो नà¥à¤¯à¥‚टन किसी पागलखाने में भरà¥à¤¤à¥€ होते हैं या मृतà¥à¤¯à¥ देवता का भोजन बन गठहोते हैं लेकिन उनके बॉडी में सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ का फà¥à¤²à¥‹ हो रहा था इस वजह से उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 20 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ का काम जो पल भर में खतà¥à¤® हो गया था । फिर से वापस उस कारà¥à¤¯ को पूरà¥à¤£ किया । इसलिठआज नà¥à¤¯à¥‚टन का नाम है । जीवन का सारा खेल à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ का है । अगर आपने à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ को समठलिया तो कभी भी आप जीवन भर असफल नहीं होंगे न आपको कभी डॉकà¥à¤Ÿà¤° दवा की जरूरत पड़ेगी ।

353 जेलों में कैद सारी मानव जाति

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अति महतà¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤µà¤‚ à¤²à¤¾à¤²à¤š

à¤à¤• छोटे से कसà¥à¤¬à¥‡ में à¤à¤• दीनदयाल नामक à¤à¤• महतà¥à¤µà¤•ांकà¥à¤·à¥€ नवयà¥à¤µà¤• था जिसे उसके पिता ने पढ़ने के लिठबड़े शहरों में भेज दिया ताकि पर लिखकर महान कारà¥à¤¯ करें à¤à¤µà¤‚ अपने परिवार का नाम रोशन करें 

दीनदयाल चार सहपाठी  के साथ आगे की पढ़ाई की यातà¥à¤°à¤¾ आरंभ कर दिया पर घरेलू कारà¥à¤¯ में साथियों का सहयोग करने के बदले में दीनदयाल à¤à¥‚ठ बोल कर अपना समय गलत कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में खरà¥à¤š करने लगा जिसके कारण उसके सहपाठी ने हमेशा उससे नाराज ही रहते थे 

धीरे-धीरे इसी पà¥à¤°à¤•ार समय बीतने लगा पढ़ाई खतà¥à¤® करने के बाद नौकरी की तलाश जारी किया कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ तक नौकरी नहीं लगने के उपरांत उसके पिता ने उसकी शादी करवा दे शादी के बाद दीनदयाल ने अपनी पतà¥à¤¨à¥€ को अपने साथ बड़े शहर में किराठके मकान में रहने लगा à¤à¤µà¤‚ घर-घर बचà¥à¤šà¥‡ को टà¥à¤¯à¥‚शन पढ़ा कर अपना गà¥à¤œà¤¾à¤°à¤¾ भतà¥à¤¤à¤¾ काफी कटाई से करने लगा 

अपनी जात पात को बदलकर à¤à¤• à¤à¥‚ठ का सहारा लेकर à¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ कंपनी में नौकरी करने लगा इसी दौरान उसके यहां à¤à¤• पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ पैदा हो गई जिसे दीनदयाल चिंतित रहने लगा वह सोचने लगा कि उसके यहां à¤à¤• पà¥à¤¤à¥à¤° रूपी रतà¥à¤¨ पैदा  होता तो वह उसके नाम को रोशन करता 

उसका जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होने के कारण कंपनी के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में मन लगाकर काम नहीं करने के कारण उसे कंपनी से निकाल दिया गया इसी दौरान उसके यहां फिर से à¤à¤• और पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का जनà¥à¤® हà¥à¤†Â 

à¤à¤µà¤‚ बेरोजगार की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रहने के कारण वाह तंगी हालात से गà¥à¤œà¤° रहा था इसी बीच दीनदयाल के ससà¥à¤° जब अपनी पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के यहां आठà¤à¤µà¤‚ में के बाद उसे काफी दà¥à¤– हà¥à¤† उसने अपने संबंधों से उधार लेकर गà¥à¤œà¤¾à¤°à¤¾ भतà¥à¤¤à¤¾ हेतॠà¤à¤• गाड़ी खरीद को दे दी और समà¤à¤¾à¤¯à¤¾ कि ताकि परिवार से हो सके   उसके बाद उसके बाद दीनदयाल गाड़ी चला कर अपन अपना गà¥à¤œà¤¾à¤°à¤¾ भतà¥à¤¤à¤¾ उजाला करने लगा 

दीनदयाल की अचà¥à¤›à¥€ हालत होने के उपरांत जब उसे के ससà¥à¤° ने गाड़ी खरीदने के समय अपना दिया हà¥à¤† पैसा वापस मांगा तो वह रà¥à¤ªà¤¯à¤¾ को अपने संभलता कृपया अपने संबंधियों को लौटा सके तो दीनदयाल ने उस समय भी à¤à¥‚ठ बोलकर रà¥à¤ªà¤¯à¤¾ देने से इनकार कर दिया जिसके कारण ससà¥à¤° को काफी दà¥à¤– हà¥à¤† इसी दौरान दीनदयाल को दीनदयाल के यहां à¤à¤• पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का जनà¥à¤® हो गया 

उसके बाद का उसके बाद वह काफी चिंतित रहने लगा परिवार के खरà¥à¤š में बढ़ोतरी के उपरांत रात में भी किसी दà¥à¤•ान पर कारà¥à¤¯ करने लगा था कि घर की माली हालात और बेहतर हो सके और इसी तरह में बिकने लगा तीनों पà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के पढ़ाई सरकारी विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में जैसे-तैसे हो रही थी इसी दौरान उसके यहां à¤à¤• पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का जनà¥à¤® पà¥à¤£à¥‡ से दीनदयाल को काफी खà¥à¤¶à¥€ हà¥à¤ˆ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° देने के कारण उसकी तीनों पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ दिखने लगी और तीनों की पढ़ाई भी हो रही थी दीनदयाल के कोने में à¤à¤• और हो जाठतो दोनों मिलकर बाद में परिवार की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ हो सकती है

 उसके बाद उसकी पतà¥à¤¨à¥€ गरà¥à¤­à¤µà¤¤à¥€ हà¥à¤ˆ तो बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶ हà¥à¤† सारा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ उसकी उसकी पतà¥à¤¨à¥€ पर था अभी बचà¥à¤šà¤¾ हो गठउसकी आंख फिर से à¤à¤• पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का जनà¥à¤® हà¥à¤† जिसके बाद फिर से दीनदयाल उदास हो गया उसका मन उसका मन गाड़ी चलाने नहीं लगता था तब परिवार के कारण उसकी कार को बेचना पड़ गया जाता है कि

 भगवान पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• मनà¥à¤·à¥à¤¯ के भाग को जरूर खटखट आते हैं जब मनà¥à¤·à¥à¤¯ भगवान की सारी कà¥à¤› समठजाता है तो वह मनà¥à¤·à¥à¤¯ का विकास होना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है उसके बाद दीनदयाल की नौकरी फिर से उसी कंपनी में हो गई 

अचà¥à¤›à¥‡ दिन फिर वापस आने लगे फिर अति महतà¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤µà¤‚ लालच ने दीनदयाल का साथ नहीं छोड़ा बैंक से ऋण लेकर जमीन खरीदना à¤à¤µà¤‚ मकान बनवाने में सारा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगा दिया परिवार का परिवार का खानपान à¤à¤µà¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ की पढ़ाई लिखाई में जैसे तैसे हो रही थी परिवार के सभी सदसà¥à¤¯ कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤¿à¤¤ से दिखने लगी 

शà¥à¤°à¥‚ की तीनों पà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ विवाह योग हो गई पैसे के अभाव में विवाह नहीं हो पा रहा था इधर मकान भी आधे अधूरे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रहने के बावजूद भी दीनदयाल सपरिवार वहां रहने लगा वहां आसपास अचà¥à¤›à¥‡ मकान वाले उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपेकà¥à¤·à¤¿à¤¤ दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से देखने लगे इसी कारण उनकी सामाजिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ à¤¾ का भी होने लगा à¤à¤•

 तीसरे नंबर की लड़की भी गलत संगत के कारण भाग कर शादी कर ली दीनदयाल के ससà¥à¤° भी उसके बरà¥à¤¤à¤¾à¤µ के कारण उसका साथ छोड़ दिया दीनदयाल की सभी जमीनों को बेचकर सभी परियों की शादी नहीं होने उचित नहीं होने के कारण उनकी परिवार दीनदयाल को अपनी गलती का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ हो गया कि à¤à¥‚ठ बोलता à¤à¤µà¤‚ ना अपने ससà¥à¤° से वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° खराब करता à¤à¤µà¤‚ समायोजित कारà¥à¤¯ न करने के कारण उसकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿Â  बनी हà¥à¤ˆ है

विशà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ भविषà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ / भारत के पकà¥à¤· में भविषà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚/World Famous Predictions / Predictions in favor of India

विशà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ भविषà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ है ? जीन डिकà¥à¤¸à¤¨ ने भारत के विषय में कà¥à¤¯à¤¾ कहा ? à¤à¤‚डरसन ने भारत के विषय में कà¥à¤¯à¤¾ कहा ? गेरारà¥à¤¡ कà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡ या पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¼à¥‡à¤¸à¤° कीरो या नसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¦à¤®à¤¸ या आरà¥à¤¥à¤° चारà¥à¤²à¥à¤¸ कà¥à¤²à¤¾à¤°à¥à¤• ने भारत के विषय में कà¥à¤¯à¤¾ कहा ? भारत के विषय में कौन से भविषà¥à¤¯à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ ने कà¥à¤¯à¤¾ कहा ?

आज संसार की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ इतनी जटिल हो गई है कि मानव उसे अपनी बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ और बल पर सà¥à¤²à¤à¤¾ नहीं सकता । विशà¥à¤µ शांति अब मनà¥à¤·à¥à¤¯ की ताकत के बाहर की बात हो गई है लेकिन हमें निराश होने की जरूरत नहीं है ।

कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ संकेत मिल रहे हैं कि भगवान / खà¥à¤¦à¤¾ धरती पर आ गया है । वह हमारी सहायक शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ नवयà¥à¤— की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ में जà¥à¤Ÿà¤¾ हà¥à¤† है । वह दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का उदà¥à¤§à¤¾à¤°à¤• जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक परà¥à¤¦à¥‡ में के पीछे छिपा नहीं रह सकता । पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ सभà¥à¤¯à¤¤à¤¾ का अंत होने का समय आ गया है और दिवà¥à¤¯ संसà¥à¤•ृति का आगमन का समय आ चà¥à¤•ा है । पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤¨ यà¥à¤— का नाश और नठयà¥à¤— का उदय सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ है।

जीन डिकà¥à¤¶à¤¨ ( Jean Dixon ) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤• गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ परिवार में à¤à¤• महान आतà¥à¤®à¤¾ ने जनà¥à¤® ले लिया है। जो महान आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति का सूतà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¤ संचालन करेगा । उसके साथ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² आतà¥à¤®à¤¾à¤“ं की शकà¥à¤¤à¤¿ होगी । जो संसार की विकृत वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बदल डालेगी । यह जीन डिकà¥à¤¸à¤¨ अमेरिका ही नहीं सारे विशà¥à¤µ में भविषà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¥€ के लिठविखà¥à¤¯à¤¾à¤¤ है।

à¤à¤‚डरसन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने जनà¥à¤® लिया है। जिसकी अकेले की उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ शकà¥à¤¤à¤¿ किसी भी शकà¥à¤¤à¤¿ संपनà¥à¤¨ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के बराबर होगी । वह à¤à¤• भाषा à¤à¤• संसà¥à¤•ृति à¤à¤• धरà¥à¤® की आचार संहिता का सृजन करेगा ।

जब à¤à¤‚डरसन 8 वरà¥à¤· का था तभी उसने अपने बड़े भाई को लेकर à¤à¤• भविषà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¥€ की थी उस दिन à¤à¤‚डरसन अपने घर में खेल रहा था । पà¥à¤°à¤¥à¤® यà¥à¤¦à¥à¤§ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚भ हो चà¥à¤•ा था । à¤à¤‚डरसन का बड़ा भाई नेलà¥à¤¸à¤¨ कनाडा की सेना में कपà¥à¤¤à¤¾à¤¨ था । उसने अपनी मां का हाथ पकड़कर कमरे में ले गया और बोला देखो मां , भैया के चेहरे पर बंदूक की गोली लगी है और वह पृथà¥à¤µà¥€ पर गिर कर मर चà¥à¤•े हैं । उसकी मां ने उसे डांटा , चल मूरà¥à¤– , फिर कभी à¤à¤¸à¥€ बात अपनी मà¥à¤– से मत निकालना। पर à¤à¤‚डरसन वह बात बार-बार कहता रहा ।

इस घटना के दो-तीन दिन बाद ही कनाडा से तार आया की नेलà¥à¤¸à¤¨ की 1 नवंबर 1918 को गोली लगने से मृतà¥à¤¯à¥ हो गई है ।

à¤à¤‚डरसन ने अपनी à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ भविषà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¥€ में बताया कि आगामी वरà¥à¤· संसार के लिठमहा विनाशक होंगे । à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ का सबसे अधिक जनसंखà¥à¤¯à¤¾ वाला देश उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ करेगा। जो आज आप पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ देख रहे हैं कोरोना वायरस को जनà¥à¤® देना ।

à¤à¤‚डरसन ने यह भी कहा था कि आने वाले दिनों में सभी देशों की राजनीतिक पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ खतरे में रहेगा और उसका पà¥à¤°à¤­à¥à¤¤à¥à¤µ दिन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ घटता चला जाà¤à¤—ा । छोटे छोटे से तबके के सचà¥à¤šà¥‡ ,ईमानदार, नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ , नीति ,उदारता ,तà¥à¤¯à¤¾à¤— और बलिदान को महतà¥à¤¤à¥à¤µ देने लगेंगे । संसार के तमाम संविधान के समानांतर à¤à¤• मानवीय संविधान का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होगा। समाचार पतà¥à¤°à¥‹à¤‚ में मà¥à¤–पृषà¥à¤  पर à¤à¤¸à¥‡ समाचार छापे जाà¤à¤‚गे । जो आज नहीं छपा करता है।

उनका कहना था कि आज संसार धरà¥à¤® संसà¥à¤•ृति के जिस सà¥à¤µà¤°à¥‚प की कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ भी नहीं करता उस धरà¥à¤® का तेजी से विसà¥à¤¤à¤¾à¤° होगा और सारे संसार पर छा जाà¤à¤—ा । यह धरà¥à¤® और संसà¥à¤•ृति भारत वरà¥à¤· की हो गई और वह मसीहा भी भारत वरà¥à¤· का होगा ।

यà¥à¤— परिवरà¥à¤¤à¤¨ परमातà¥à¤®à¤¾ या खà¥à¤¦à¤¾ की निजी इचà¥à¤›à¤¾ है । यह किसी के रोकने से नहीं रà¥à¤•ेगा । आज की वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बदलकर रहेगा । उसे कोई कितना भी रोकना चाहे , पर रोक नहीं सकता। कितना भी धन लगाठपर उस कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति को कोई रोक नहीं सकता । वो कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति होकर रहेगी । यही परमातà¥à¤®à¤¾ की इचà¥à¤›à¤¾ है ।

गिरारà¥à¤¡ कà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¸à¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ाश उठ रहा है। जो वायà¥à¤®à¤‚डल को भी शà¥à¤¦à¥à¤§ करेगा और लोगों के अंतःकरण में समाये छल , कपट , घृणा और लोभ – लालच को भी शà¥à¤¦à¥à¤§ करेगा । संसार à¤à¤• सूतà¥à¤° में बांधेगा और सरà¥à¤µà¤¤à¥à¤° अमन और शांति का राज होगी ।

इसी बीच संसार में भारी उथल-पà¥à¤¥à¤² होगी । वायॠदà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤à¤‚ इतनी अधिक होगी की बहà¥à¤¤ कम लोग हवाई जहाज से यातà¥à¤°à¤¾ करेंगे । संसार के लोग उस मसीहा को देखेंगे और उसकी बात मानेंगे । सारे राजनीतिक नेता को à¤à¤• मंच पर इकटà¥à¤ à¤¾ होने को विवश होंगे । फिर संसार à¤à¤• सूतà¥à¤° में बंधता चला जाà¤à¤—ा । चारों तरफ अमन और शांति होगी । कहीं कोई हिंसा नहीं होगी , दमन , à¤à¥‚ठ , फरेब , लोभ -लालच के लिठकोई सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ न होगा।

आरà¥à¤¥à¤° चारà¥à¤²à¥à¤¸ कà¥à¤²à¤¾à¤°à¥à¤• के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° वह समय आ गया है । जब संसार से वरà¥à¤£ भेद , जातिभेद , लिंग भेद तथा राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‚ के बीच भेदभाव मिट जाà¤à¤—ा। सारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लोग भाई भाई की तरह रहेंगे । सारी पृथà¥à¤µà¥€ पर à¤à¤• धरà¥à¤® , मानव धरà¥à¤® की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ होगा । आज जिस तरह से पृथà¥à¤µà¥€ के सारे देश बंटे हà¥à¤ हैं । वह सारे देश à¤à¤• हो जाà¤à¤‚गे । मानव का सोया हà¥à¤† अंतःकरण जागने को विवश हो जाà¤à¤—ा । आज जिन शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की ओर लोगों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ भी नहीं जाता। तब वह शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• मानव का शोध विषय बन जाà¤à¤—ा।

पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¼à¥‡à¤¸à¤° हरा के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤¸à¥‡ किसी दिवà¥à¤¯ पà¥à¤°à¥à¤· का जनà¥à¤® भारतवरà¥à¤· में होगा। जिसकी आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति की जड़ें बिना किसी लोक यश के भीतर ही भीतर जमता रहेगा और उसके बाद उसका पà¥à¤°à¤­à¥à¤¤à¥à¤µ सारे विशà¥à¤µ में छा जाà¤à¤—ा । उसके विचार इतना मानवतावादी और दूरदरà¥à¤¶à¥€ होगा कि सारा विशà¥à¤µ उसके कथन और विचारों को सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ को बाधà¥à¤¯ हो जाà¤à¤—ा ।

जूलबरà¥à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इतिहास के सबसे समरà¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का उतà¥à¤¤à¤°à¤£ हो चà¥à¤•ा है शीघà¥à¤° ही सारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को बदल डालेगा। उसका जà¥à¤žà¤¾à¤¨ कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति उठेगा और आंधी तूफान की तरह सारे विशà¥à¤µ में छा जाà¤à¤—ा।

शà¥à¤°à¥€ अइयà¥à¤¯à¤° ने बताया कि कलà¥à¤•ि नाम का महापà¥à¤°à¥à¤· संपूरà¥à¤£ आरà¥à¤· गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥à¥‹à¤‚ के उधà¥à¤¦à¤¾à¤° से लेकर सामानà¥à¤¯ जीवन तक की सारी रीति नीति संबंधी नठविचारों का सृजन करेगा । पीछे इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ विचारों को लोग अनà¥à¤¸à¤°à¤£ करेंगे। वह गृहसà¥à¤¥ होगा । अतà¥à¤² संपतà¥à¤¤à¤¿ वाला होगा । फिर भी उसका रहन-सहन साधारण गृहसà¥à¤¥ जैसा होगा ।उसकी संपतà¥à¤¤à¤¿ लोकमंगल के लिठहोगे।

फà¥à¤°à¤¾à¤‚स में जनà¥à¤®à¥‡ नॉसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤¦à¤®à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° विशà¥à¤µ विखà¥à¤¯à¤¾à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का जनà¥à¤® पूरà¥à¤µ देशों में होगा। यह अकेला ही अपने छोटे-छोटे सहयोगियों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सारे संसार में तहलका मचा देगा। यह à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• महापà¥à¤°à¥à¤· à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ महा संघरà¥à¤· को जनà¥à¤® देगा कि घर-घर गली गली मोहलà¥à¤²à¥‡ नगर नगर में अंतरà¥à¤¦à¥à¤µà¤‚द छिड़ जाà¤à¤—ा। उसके बाद संसार में सरà¥à¤µà¤¤à¥à¤° मानवता का आधिपतà¥à¤¯ होगा । लोग आसà¥à¤°à¥€ वृतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का परितà¥à¤¯à¤¾à¤— कर देंगे और संसार में सरà¥à¤µà¤¤à¥à¤° सà¥à¤– शांति अमन का राज होगा।

जितने भी भविषà¥à¤¯ वकà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने भविषà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ की है उनके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° वह वही वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ होगा जो छल कपट राजनीति धारà¥à¤®à¤¿à¤• से कोई मतलब नहीं होगा उसका धरà¥à¤®, मानव धरà¥à¤® और पà¥à¤°à¥‡à¤® गà¥à¤°à¤‚थ होगा । उस पà¥à¤°à¥‡à¤® धरà¥à¤® से सारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जीता जा सकता है । आप जानते हैं कि सारा बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚ड à¤à¤• सूतà¥à¤° में बंधा है। जबकि धरती पर मनà¥à¤·à¥à¤¯ ने अपने आप को धरà¥à¤® जाति भाषा पà¥à¤°à¤¾à¤‚त और देश के नाम पर अपने आपको बांट कर रखा हà¥à¤† है । सभी धरà¥à¤® ,जाति , भाषा पà¥à¤°à¤¾à¤‚त, देशों और मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¤• सूतà¥à¤° में बांधने का मूल मंतà¥à¤° है , वह है पà¥à¤°à¥‡à¤® । हम पà¥à¤°à¥‡à¤® सारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को बांध सकते हैं । पà¥à¤°à¥‡à¤® के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही हम ईशà¥à¤µà¤° को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर सकते हैं।

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Best Motivational Ants Story 2020/ दो चीटियों की कहानी/Story of two ants .

Best Motivational Story 2020/ दो चीटियों की कहानी/Story of two ants .
यह दो चीटियां की कहानी है । à¤à¤• चींटी शकà¥à¤•र के ढेर पर रहती थी और दूसरी चींटी नमक के ढेर पर रहती थी।

à¤à¤• दिन अचानक मारà¥à¤— में दोनों चीटियों का मिलान हà¥à¤† । वह दोनों à¤à¤• दूसरे से मिलकर बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶ हà¥à¤ˆà¥¤ दोनों ने विदा होते समय à¤à¤• दूसरे को अपने घर आने का आमंतà¥à¤°à¤£ दिया । नमक वाली चींटी बोली , बहना मेरा सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ बड़ा ही रमà¥à¤¯ है । मैं वहां नमक के ढेर पर खूब मौज से रहती हूं । तà¥à¤® à¤à¤• दिन मेरे घर पर आवशà¥à¤¯ आना । मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ बहà¥à¤¤ सारा नमक दूंगी । शकà¥à¤•र वाली चींटी ने उसका पà¥à¤°à¥‡à¤® आगà¥à¤°à¤¹ सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया और मधà¥à¤° सà¥à¤µà¤° में बोली , ठीक है कल मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ घर पर अवशà¥à¤¯ आऊंगी । फिर दोनों वहां से अपने-अपने घर को चली गई ।

दूसरे दिन शकà¥à¤•र वाली चीटी मधà¥à¤° अभिलाषा के साथ अपनी सहेली के घर पर पहà¥à¤‚ची । नमक वाली चींटी ने उसका भाव भरा सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया । फिर थोड़ी देर तक बातचीत करके , नमक का टà¥à¤•ड़ा उसके आगे ला कर रख दी ।शकà¥à¤•र वाली चीटी ने जैसे ही अपनी जबान पर à¤à¤• नमक का टà¥à¤•ड़ा रखी । उसका मà¥à¤‚ह खारा खारा हो गया और उसने थूक दिया । वही बोली , बहना तà¥à¤®à¤¨à¥‡ मà¥à¤à¥‡ यह खरा खरा कà¥à¤¯à¤¾ खिला दिया । तà¥à¤® à¤à¤¸à¥€ चीज को खाकर जीवित कैसे रहती हो ? मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ मीठा जैसा शकà¥à¤•र खिलाऊंगी । तà¥à¥à¥à¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ मà¥à¤‚ह मीठा हो जाà¤à¤—ा । जो तà¥à¤¨à¥‡ कभी खाई नहीं होगी । नमक वाली चींटी बोली , बहना तà¥à¤® कà¥à¤¯à¤¾ बोलती हो ? कितना अचà¥à¤›à¤¾ हमारा भोजन है । नहीं , नहीं कल तà¥à¤® मेरे घर पर आओ । यह कह शकà¥à¤•र वाली चींटी अपने घर चलने के लिठतैयार हो गई और अपने घर चली गई ।


नमक वाली चींटी अपने मन सोची , यदि मà¥à¤à¥‡ वहां पर मेरी इचà¥à¤›à¤¾ के अनà¥à¤°à¥‚प भोजन नहीं मिला , तो मैं कà¥à¤¯à¤¾ करूंगी ? मैं तो भूखी रह जाउंगी । तो उसने अपनी मà¥à¤‚ह में नमक का à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा छà¥à¤ªà¤¾ ली और शकà¥à¤•र वाली चींटी के घर गयी ।


शकà¥à¤•र वाली चींटी ने नमक वाली चींटी का सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया । थोड़ी देर इधर उधर की बातचीत की और उसके सामने शकà¥à¤•र à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा ला कर रख दी । जब नमक वाली चींटी ने अपने मà¥à¤‚ह में शकà¥à¤•र का à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा रखी ।


शकà¥à¤•र वाली चीटी ने पूछा कैसा सà¥à¤µà¤¾à¤¦ लगा ? नमक वाली चींटी ने कहा , कà¥à¤› भी नया सà¥à¤µà¤¾à¤¦ नहीं आया । जो मैं खाती थी वही सà¥à¤µà¤¾à¤¦ आया । मà¥à¤à¥‡ तो कà¥à¤› भी मीठा सà¥à¤µà¤¾à¤¦ नहीं आ रहा है । तà¥à¤® तो बता रही थी कि शकà¥à¤•र तो बहà¥à¤¤ मीठी होती है । शकà¥à¤•र वाली चींटी ने बोली , à¤à¤¸à¥‡ कैसे हो सकता है ? तà¥à¤® दोबारा खाओ तो तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ वह सà¥à¤µà¤¾à¤¦ मिलेगा । मीठी सà¥à¤µà¤¾à¤¦ मिलेगा । नमक वाली चींटी ने दो तीन बार खायी , फिर भी उसका सà¥à¤µà¤¾à¤¦ वैसा ही लगा । उसने बोली कोई नया सà¥à¤µà¤¾à¤¦ नहीं आया। तà¥à¤® कहती हो शकà¥à¤•र बहà¥à¤¤ मीठा लगता है । कहां मीठा लगता है ? शकà¥à¤•र वाली चींटी बहà¥à¤¤ गंभीर सोच में पड़ गई ।


थोड़ी देर बाद उसने पूछा, तà¥à¤® अपना मà¥à¤‚ह खोलो कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मà¥à¤à¥‡ लगता है कि तà¥à¤®à¤¨à¥‡ जरूर अपने मà¥à¤‚ह में कà¥à¤› दबायी हà¥à¤ˆ हो । जब उसने अपना मà¥à¤‚ह खोली । यह मà¥à¤‚ह में कà¥à¤¯à¤¾ रखी हो । उसे मà¥à¤‚ह से बाहर निकलो। अब तà¥à¤® यह शकà¥à¤•र खाओ । तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह शकà¥à¤•र जरà¥à¤° मीठा लगेगा ।


तब नमक वाली चीटी ने फिर से शकà¥à¤•र का टà¥à¤•ड़ा अपने मà¥à¤‚ह में रखा । शकà¥à¤•र का मीठा सà¥à¤µà¤¾à¤¦ चखने के बाद बोली , अहा ! कितना मिठा है ? à¤à¤¸à¥€ शककर की मिठास का आनंद मà¥à¤à¥‡ कभी नहीं मिला । अतः अब मैं भी तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ साथ यही रहूंगी।


यह कहानी कà¥à¤¯à¤¾ सिखाती है ? कहानी यह सिखाती है की कà¥à¤› भी पाने के लिठकà¥à¤› खोना पड़ता है । बिना मूलà¥à¤¯ चà¥à¤•ाठबिना कà¥à¤› मिलता नहीं । जब तक हम कà¥à¤› खोने को तैयार नहीं होंगे , तब तक हम कà¥à¤› पा नहीं सकते । इस बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚ड में हर चीज का अपना मूलà¥à¤¯ है । कà¥à¤› भी पाने के लिठआपको उसका मूलà¥à¤¯ चà¥à¤•ाना पड़ेगा। तभी आप पा सकते हैं यही जीवन का विधि विधान है ।

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Best Tips योगा कà¥à¤¯à¤¾ है / कà¥à¤¯à¤¾ योगा करने से हमें लाभ होगा /what is yoga  / Will we benefit from doing yoga

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योगा कà¥à¤¯à¤¾ है ?योगा करने से हमें कà¥à¤¯à¤¾ लाभ होगा ? कà¥à¤¯à¤¾ योगा सभी के लिठहै? Benefits of yoga ?  इन सभी सवालों का जवाब हम आप को विसà¥à¤¤à¤¾à¤° पूरà¥à¤µà¤• बताते हैं । इस लेख / आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल को पूरा पढ़ने के बाद फिर कभी आपको योगा के विषय में जानने की जरूरत नहीं पड़ेगी ।


योगा à¤à¤• जीवन जीने की कला है । à¤à¤• पूरà¥à¤£ चिकितà¥à¤¸à¤¾ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ है । जैसे धरà¥à¤® लोगों को खूंटे से बांधता है तो योगा सभी तरह के खूंटे से आजाद करता है। बाहरी विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में आइंसà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ का नाम सरà¥à¤µà¤ªà¥à¤°à¤¥à¤® है ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार शरीर की भितरी विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में पंतजलि का नाम पà¥à¤°à¤¥à¤® है।

योगा à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है । जिसमें शरीर , मन और आतà¥à¤®à¤¾ को à¤à¤• साथ लाने का काम करता है। बहà¥à¤¤ से लोग योगा और कसरत à¤à¤• ही समà¤à¤¤à¥‡ हैं । पर दोनों में जमीन अकाश का अंतर है । दोनों का अपना अपना महतà¥à¤µ है । कसरत में आप सिरà¥à¤« शारीरिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करते हैं । लेकिन योगा से आप शारीर, मन और आतà¥à¤®à¤¾ को à¤à¤• साथ लाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करते हैं । योगा करते समय आप अपने सांसों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाते हैं।  पर कसरत करते समय आपको सांसो पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं लगाना पड़ता है।
कसरत , वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®Â  या à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से हमारे शरीर की उरà¥à¤œà¤¾ का खपत बहà¥à¤¤ तीवà¥à¤° गति से होता है लेकिन योगा करने से शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ का खपत  (खरà¥à¤š) धीरे-धीरेहोता है पर ऊरà¥à¤œà¤¾ का खरà¥à¤š होता है
ऊपर लिखे सभी सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त आज से नहीं  सैकड़ों – हजारों साल से है । पर कà¥à¤¯à¤¾ योगा करने से हम और आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रह सकते हैं ? कà¥à¤¯à¤¾ योगा सभी लोगों के लिठहै ? इन सवालों का जवाब आप अपने दिल से पूछो , आपको जवाब मिल जाà¤à¤—ा । अगर जवाब नहीं मिलता है तो आप को नीचे लिखे मिल जाà¤à¤—ा ।

आप अपने शरीर की गणित को समà¤à¤¨à¥‡ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें । अपने शरीर की विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ को समà¤à¤¨à¥‡ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें । आपका शरीर आपसे कà¥à¤¯à¤¾ कहता है?


आपका शरीर पूरà¥à¤£ रूप से तभी सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहेगा । जब आपके शरीर में पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ की मातà¥à¤°à¤¾ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• रहेगी। जैसे पà¥à¤°à¥‡à¤® ,करà¥à¤£à¤¾ , दया , सेवा , मदद और छोटे बड़ों की समà¥à¤®à¤¾à¤¨ की भावना आप में है तो आप पूरà¥à¤£ रूप से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहेंगे ।आपको कोई भी योगा  की जरूरत नहीं । आप जानते हैं कि आपके शरीर में 230 पà¥à¤°à¤•ार का  हारमोंस है पर यह 230 हारमोंस किन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपका शरीर हारमोंस  को रिलीज करता है । यह हारमोंस आपका शरीर तभी  रिलीज करता है जब आपके शरीर के अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होता है  तो ही आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रह सकते हैं
अगर आपके शरीर के अंदर नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ है तो आप हमेशा बीमार पड़ते रहेंगे । जैसे कà¥à¤°à¥‹à¤§ ,गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ ,नफरत, ईरà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾ ,लोभ लालच की भावना आपके शरीर के अंदर सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ है तो आप हमेशा बीमार होते रहेंगे । बीमार शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ करने के लिठआपको योगा का सहारा लेना पड़ेगा। डॉकà¥à¤Ÿà¤° का सहारा लेना पड़ेगा । आप जानते हैं जब आपके शरीर में नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होता है तो शरीर हारमोंस रिलीज करने के सारे दरवाजे को लॉक कर देता है । बंद कर देता है । जिस वजह से शरीर हारमोंस को  नहीं करता है । इसके लिठहमें योगा या डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सहारा लेना पड़ता है । ताकि हम मैनà¥à¤¯à¥à¤…ल रूप से हारमोंस को शरीर से रिलीज करा सकें।

आपको अपने शरीर को ऊरà¥à¤œà¤¾ भोजन – पानी और सांस के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मिलती है । लगभग 10% ऊरà¥à¤œà¤¾ आपको भोजन- पानी से मिलता है और लगभग 90% ऊरà¥à¤œà¤¾ आपको सांसो के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मिलता है।

आपको कोई भी काम करने के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है ।  सांस लेने के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है , खाना खाने के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है, उठने , बैठने , सोने और चलने  के लिठया मेरे कहने का मतलब कि हर कारà¥à¤¯ के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है । यहां तक कि हम अगर सोचते हैं तो सोचने के लिठभी ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है । भोजन को पचाने के लिठभी ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है , हाथ- पाव हिलाने के लिठभी ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है। सांस लेने के लिठभी ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है अगर हमारे शरीर में पहले से ऊरà¥à¤œà¤¾ का सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° न हो तो हम सांस नहीं ले सकते ।

आपके शरीर को दो ही माधà¥à¤¯à¤® से ऊरà¥à¤œà¤¾ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है । à¤à¤• मà¥à¤‚ह दूसरा नाक। लेकिन ऊरà¥à¤œà¤¾ की खपत शरीर के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• अंगों से होती है । जबकि उरà¥à¤œà¤¾ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ का रासà¥à¤¤à¤¾ सिरà¥à¤« दो ही है ,और ऊरà¥à¤œà¤¾ की खपत का रासà¥à¤¤à¤¾ अनेकों है।
आपको अपने जीवन में अनेकों काम है सà¥à¤¬à¤¹ , उठना नहाना, धोना , काम पर जाना , काम करना , वापस घर आना , कà¥à¤› पासà¥à¤Ÿ या फà¥à¤¯à¥‚चर के बारे में सोचना या सोना। यहां तक कि आपको पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• कारà¥à¤¯ के लिठआपको ऊरà¥à¤œà¤¾ चाहिठ।अब सवाल यह पैदा होता है कि आप अपने शरीर को ऊरà¥à¤œà¤¾ कहां से देंगे जबकि ऊरà¥à¤œà¤¾ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ का रासà¥à¤¤à¤¾ सिरà¥à¤« दो है मà¥à¤‚ह और नाक । आप कितना खाना खाà¤à¤‚गे या आप  कितना सांस लेंगे । न आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सांस ले सकते हैं और न आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाना खा सकते हैं ।तो फिर आप अपने शरीर को ऊरà¥à¤œà¤¾ कहा देंगे? जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाओगे तो बीमार पड़ोगे और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सांस लोगे तो बीमार पड़ोगे। तो ऊरà¥à¤œà¤¾Â  कहां से लाओगे ।
आपके बैंकों खातों में पैसा न हो तो चल जाà¤à¤—ा लेकिन शरीर में उरà¥à¤œà¤¾ ना हो तो कभी नहीं चल पाà¤à¤—ा।

उसमें भी आप योगा करेंगे तो आपका कà¥à¤¯à¤¾ हाल होगा आप खà¥à¤¦ ही समठसकते हैं । योगा करने से शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾Â  खपत होती है । à¤à¤¸à¤¾ नहीं कि ऊरà¥à¤œà¤¾ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है। हां यह जरूर है कि ऊरà¥à¤œà¤¾ की खपत (खरà¥à¤š ) धीरे धीरे होती है ।
जैसे गाड़ी में तेल न हो तो आप लंबी यातà¥à¤°à¤¾ नहीं कर सकते । ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार जब शरीर में उरà¥à¤œà¤¾ का मातà¥à¤°à¤¾ अधिक न  हो तो आप कभी भी लंबी जीवन नहीं जी सकते और लंबे समय तक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ नहीं रह सकते।
आपके बैंक खातों में जितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पैसा होगा वह कभी भी अचà¥à¤›à¥‡ या बà¥à¤°à¥‡ कामों में आपका मदद कर सकता है ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार आपके शरीर में जितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‡à¤® की ऊरà¥à¤œà¤¾ जमा होगा तो वह आपके अचà¥à¤›à¥‡ या बà¥à¤°à¥‡ समय में (बीमारी में) या  हर à¤à¤• परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में ऊरà¥à¤œà¤¾ आपके शरीर को मदद  करेगा।  बीमारी से लड़ने के लिठभी आपकी ऊरà¥à¤œà¤¾ आपके शरीर को मदद करेगा।

आप जानते हैं कि इस धरती पर मनà¥à¤·à¥à¤¯ को छोड़कर कोई भी पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ योगा नहीं करता सिरà¥à¤« मनà¥à¤·à¥à¤¯ ही है जो अपने शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठयोगा करता है। पशॠ,पकà¥à¤·à¥€ , पेड़ पौधे या कीड़े मकोड़े कोई भी योगा नहीं करता,  अपने शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठ। फिर भी वह सब सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है।  उनका कोई डॉकà¥à¤Ÿà¤° हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² नहीं। आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है ?  मनà¥à¤·à¥à¤¯ योगा करता है,।  फिर भी आज मनà¥à¤·à¥à¤¯ बीमार है । डॉकà¥à¤Ÿà¤° की  हर गली मोहलà¥à¤²à¥‡ या चौराहे पर  कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• मिल जाà¤à¤—ा , हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² मिल जाà¤à¤‚गे । à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚? ? कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब से मनà¥à¤·à¥à¤¯ धरती पर आया है तभी से लेकर आज तक मनà¥à¤·à¥à¤¯ नकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ रहा है जर, जोरू और जमीन के लिठसदियों से लड़ता रहा और लड़ता आ रहा है । पà¥à¤°à¥‡à¤® कà¥à¤¯à¤¾ होता है ? आज मानव पà¥à¤°à¥‡à¤® का मतलब ही भूल चà¥à¤•ा है ।यही वजह है कि आज सारा मनव तंतà¥à¤° बीमार हो चà¥à¤•ा है।

अगर आप अपने जीवन में आखरी समय तक सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहना चाहते हैं तो 3 सूतà¥à¤°à¥€à¤¯ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को अपने जीवन में धारण करें पहला खà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें, दà¥à¤¸à¤°à¤¾ अपन परिवार के सारे सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें, तीसरा आपके पड़ोस में रहने वाले सभी पड़ोसी  से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें ।वह चाहे किसी भी जात धरà¥à¤® का कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो । सभी से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें तो आप कभी भी बीमार नहीं पड़ेंगे। अगर आप बीमार हैं तो आप तीन सूतà¥à¤°à¥€à¤¯ कारà¥à¤¯à¥‹ को अपने जीवन में धारण करे तो बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦ ही आप बीमारी से मà¥à¤•à¥à¤¤ हो जाà¤à¤‚गे ।  चाहे वह बीमारी कैसा भी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो ।

Note :- अगर आप बीमार हैं तो सबसे पहले आप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° के संपरà¥à¤• में रहे और दूसरा  अपने जीवन में तीन  सूतà¥à¤°à¥€à¤¯  कारà¥à¤¯à¥‹ (जैसे खà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¥‡à¤® , परिवार के सारे सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से पà¥à¤°à¥‡à¤® और अपने सारे पड़ोसियों से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें ) को अपने जीवन में धारण करें तो बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦ ही आप अपने सारी बीमारियों से मà¥à¤•à¥à¤¤ हो जाà¤à¤‚गे ।

अगर आप लंबी जीवन जीना चाहते है। सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहना चाहते है तो योगा आपके लिठयोगा किसी काम का नहीं और न ही बीमार लोगों के लिठयोगा उपयोगी है ।  हम योगा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करूं ? किस लिठयोगा करूं ?  योगा करने के लिठभी हमें ऊरà¥à¤œà¤¾ की जरूरत पड़ती है। योगा करने में ऊरà¥à¤œà¤¾ की खपत होती है ।जब हम बिना मतलब का किसी को ₹1 नहीं देते हैं तो हम अपने शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ बिना मतलब का कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ खरà¥à¤š करू कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यही शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ हमारी जीवन है


बैंक में पैसा न हो तो आप कंगाल हो जाà¤à¤‚गे और आपके शरीर में ऊरà¥à¤œà¤¾ न हो तो आपका शरीर बेकार हो जाà¤à¤—ा।

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पाप या पà¥à¤£à¥à¤¯ कà¥à¤¯à¤¾ है / पाप या पà¥à¤£à¥à¤¯ का काम कोई नहीं करता , बलà¥à¤•ि अपने आप होता है /What is sin or virtue /Nobody does sin or virtuous action, but it happens on its own

पाप और पà¥à¤£à¥à¤¯ हमारे मन का भाव है जिस पà¥à¤°à¤•ार देव करà¥à¤® और दानव करà¥à¤® होते हैं या जिस पà¥à¤°à¤•ार से सà¥à¤– दà¥à¤– का अनà¥à¤­à¤µ हम लोगों को होता है । यह सब मन का भाव है । पाप और पà¥à¤£à¥à¤¯ का सरल परिभाषा है कि जो काम हम खà¥à¤²à¥‡à¤†à¤® करते हैं वह पà¥à¤£à¥à¤¯ करà¥à¤® है और जो काम हम छिप कर करते हैं वह पाप करà¥à¤® है ।

लेकिन पाप या पà¥à¤£à¥à¤¯ का करà¥à¤® कोई करता नहीं , वह अपने आप होता है ।इसे आप समà¤à¤¨à¥‡ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें कोई भी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पाप करà¥à¤® नहीं करता । जैसे चोर चोरी नहीं करता । वह अपने आप होता है। अपराधी हतà¥à¤¯à¤¾ या रेप नहीं करता । वह होता है । इसको आप समà¤à¥‡à¤‚ कि आपका दिमाग ऑटोमेटिक है वह आपसे काम करवाता है और आप काम करते हैं । जैसे कà¥à¤°à¥‹à¤§ या गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आपको आता है । यह कà¥à¤°à¥‹à¤§ या गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ अपने आप आता है । आप कà¥à¤°à¥‹à¤§ या गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ करते नहीं । कà¥à¤°à¥‹à¤§ या गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आपके बस में नहीं था । अगर बस में होता तो आप कà¥à¤°à¥‹à¤§ या गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ नहीं करते । कोई हतà¥à¤¯à¤¾ नहीं करता । à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है ?

जब तक आपकी आतà¥à¤®à¤¾ सोई हà¥à¤ˆ है , मूरà¥à¤›à¤¿à¤¤ है । अगर चितà¥à¤¤ की दशा मूरà¥à¤›à¤¿à¤¤ है , चेतना सोई है । à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जो भी काम करेगा वह पाप ही करेगा । à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को आप गाली दो तो बदले में वह भी आपको गाली से जवाब देगा । यह भी हो सकता है कि वह आपके ऊपर हाथ भी छोड़ दे । अगर उसके बस में होता तो उसे रोक सकता था । गाली देने से बच सकता था । पर à¤à¤¸à¤¾ नहीं होता । उसके बस में नहीं था । उसको सामने वाला गाली दिया तो बदलें में उसने भी उसको गाली दिया । कोई सोच विचार करके किसी को गाली नहीं देता है । यह अपने आप होता है। इसे कोई करता नहीं । करना या होना , दोनों के बीच जमीन आसमान की दूरी है । यह अपने आप होता हैं जब भी चित की दशा मूरà¥à¤›à¤¿à¤¤ हो या आतà¥à¤®à¤¾ सोई हो à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जो भी काम करेगा वह पाप ही काम करेगा । भले ही वह हजारों लोगों को खाना खिलाता हो, दान करता हो , मंदिर मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ बनवाया हो। आपको दिखने में लगेगा कि वह अचà¥à¤›à¤¾ काम करता है पर उसका पाप का बाप उसके अंदर ही छà¥à¤ªà¤¾ रहता है। यस का , नाम का , धन दौलत का पाप उसके अंदर छिपा होता है । यह मंदिर मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ के दीवारों पर उसका नाम लिखा आपको देखने को मिल जाà¤à¤—ा । अखबारों में , टेलीविजन पर उसका नाम आपको दिख जाà¤à¤—ा ।
ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार कोई भी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जैसे संत महातà¥à¤®à¤¾ पà¥à¤£à¥à¤¯ का काम नहीं करता उससे पà¥à¤£à¥à¤¯ का काम अपने आप होता हैं । कोई करता नहीं । सà¥à¤•रात को जहर दिया गया । उसने हंसते हंसते सà¥à¤µà¥€à¤•ार किया । उसके बदले में उसने जवाब नहीं दिया । जीसस को सूली पर चढ़ा दिया गया । उनसे अंतिम इचà¥à¤›à¤¾ पूछी गई । उसने कहा , हे परमातà¥à¤®à¤¾ इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤·à¤®à¤¾ कर दें ।इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह पता नहीं, यह कà¥à¤¯à¤¾ काम कर रहे हैं । जिसकी चितà¥à¤¤ की दशा अमूरà¥à¤›à¤¿à¤¤ हो , चेतना जागृत हो , à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से जो भी काम होगा , वह पà¥à¤£à¥à¤¯ का काम ही होगा । उनसे à¤à¤¸à¥‡ ही कारà¥à¤¯ अपने आप होते हैं । उसके लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ को सोचना विचारना नहीं पड़ता । आपने सà¥à¤¨à¤¾ होगा यूनान का गà¥à¤°à¤œà¤¿à¤à¤ª नाम का à¤à¤• फकीर था उसे बाजार में पकड़ कर हजारों गालियां दी गई । पर उसने गाली का जवाब नहीं दिया।उसने कहा इसका जवाब मैं कल दूंगा । उन लोगों ने कहा मैं अभी आपको गाली देता हूं आप कल जवाब देंगे इसका कà¥à¤¯à¤¾ मतलब हà¥à¤† । उसने कहा अगर जरूरत हà¥à¤ˆ तो इसका जवाब दूंगा । अगर जरूरत नहीं हà¥à¤ˆ तो इसका जवाब नहीं दूंगा ।

या आप महावीर के जीवन को देखें तो आपको बहà¥à¤¤ कà¥à¤› समठमें आने लगेगा । महावीर को पतà¥à¤¥à¤°à¥‹à¤‚ से मारा गया फिर भी उसने पतà¥à¤¥à¤°à¥‹à¤‚ का जवाब नहीं दिया । बà¥à¤¦à¥à¤§ करà¥à¤£à¤¾ के पà¥à¤œà¤¾à¤°à¥€ थे । उनके करà¥à¤® से करà¥à¤£à¤¾ बहा करती थी । à¤à¤¸à¥‡ लोगों की आतà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚ जागृत होती है । जिन लोगों का चित अमूरà¥à¤›à¤¿à¤¤ होता है । उनसे à¤à¤¸à¥‡ करà¥à¤® अपने आप होते हैं । उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ करना नहीं पड़ता ।
आप जानते होंगे कि महातà¥à¤®à¤¾ गांधी जी ने à¤à¤• बार à¤à¤• गाय के बछड़े को जहर दिया ।आपको लगता होगा कि उसने पाप किया । गाय के बछड़े को मारने का पाप गांधी को लगा , लेकिन आप उनके अंतरà¥à¤®à¤¨ में à¤à¤¾à¤•र देखे तो आपको पता चलेगा कि वह बछड़ा बहà¥à¤¤ तकलीफ में था। उसे बचाठजाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल था। गांधी जी के बस में नहीं था कि बछड़े को बचा सके । इसलिठउसने बछड़े को जहर दिया ताकि उसकी तकलीफ कम हो जाठ। अब आप इसे कà¥à¤¯à¤¾ कहेंगे कि गांधी जी ने पाप किया । आपको दिखने में लगेगा कि गांधी जी ने पाप करà¥à¤® किया । लेकिन वह पà¥à¤£à¥à¤¯ करà¥à¤® था। आतà¥à¤®à¤¾ की जागृत अवसà¥à¤¥à¤¾ में किया गया कोई भी करà¥à¤® पà¥à¤£à¥à¤¯ करà¥à¤® ही होता है ।
आतà¥à¤®à¤¾ की जागृत अवसà¥à¤¥à¤¾ में à¤à¤¸à¥‡ कारà¥à¤¯ होता है , कोई करता नहीं। चितà¥à¤¤ की दशा जागृत हो तो à¤à¤¸à¥‡ करà¥à¤® अपने आप होते हैं । इसे करना नहीं पड़ता । जिस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का चित जागृत अवसà¥à¤¥à¤¾ में होता है । वह चाहे जो भी काम करेगा , वह पà¥à¤£à¥à¤¯ करà¥à¤® ही करेगा ।

अगर आप इसे बदलना चाहे तो आप ऊपर लेवल से कभी नहीं बदल सकते हैं । आपको बहà¥à¤¤ गहरे में जाना होगा। आतà¥à¤®à¤¾ के लेवल पर जाना होगा तो ही आप पाप को पà¥à¤£à¥à¤¯ में बदल सकते हैं । जैसे आपने आम का पेड़ लगाया तो आपको आम का फल ही मिलेगा , सेव का नहीं ।आप चाहे कितना भी उस पेड़ का सेवा करें । उस पेड़ से आपको आम ही मिलेगा , सेव नहीं । सेव के लिठआपको बहà¥à¤¤ गहरे में जाना होगा । बीच के रूप में जाना होगा । सेब का बीज आपको लगाना होगा तभी आपको सेव का फल मिलेगा। कोई भी महान कारà¥à¤¯ आतà¥à¤®à¤¾ की जागृत अवसà¥à¤¥à¤¾ में होती है चितà¥à¤¤ की अमूरà¥à¤›à¤¿à¤¤ अवसà¥à¤¥à¤¾ में ही पूरा होता है ।
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गांधीजी के तीन भूत और 142 करोड़ मूरà¥à¤¦à¥‹ का देश चीन/ Gandhi’s three ghosts and 142 crore dead country of China

 

मेरे दोसà¥à¤¤, आप कैसे हो ? मैं आशा करता हूं कि आप सभी लोग अचà¥à¤›à¥‡ होंगे ।
गांधीजी के तीन बंदर या तीन भूत कà¥à¤¯à¤¾ है और 142 करोड़ों मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹ का देश चाइना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है । तो चलिठइस विषय पर आपसे अपनी मन की बात करता हूं । आप जानते हैं गांधीजी के तीन बंदर या तीन भूत है ।  जो न बà¥à¤°à¤¾ देखता है ,  न बà¥à¤°à¤¾ सà¥à¤¨à¤¤à¤¾ है और न बà¥à¤°à¤¾ बोलता है। पà¥à¤°à¤•ृति या ईशà¥à¤µà¤° ने मनà¥à¤·à¥à¤¯ को आंख , कान और मà¥à¤‚ह किस लिठदिया है । इसलिठदिया है अगर कहीं पर किसी समय अचà¥à¤›à¥‡ कारà¥à¤¯ हो रहे हो , पà¥à¤£à¥à¤¯ कारà¥à¤¯ हो रहे हो , या सेवा , मदद का कारà¥à¤¯ हो रहे हो या लोग आनंद और खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मना रहे हो इस कà¥à¤·à¤£ को लंबा करने के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक ने मà¥à¤‚ह दिया ताकि आप सभी लोग अपने मà¥à¤‚ह के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ और भी लोगों तक इस खà¥à¤¶à¥€ को पहà¥à¤‚चा सको ,  कानों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दूसरे लोगों को सà¥à¤¨à¤¾ सको , आंखों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लोगों को अचà¥à¤›à¥‡ कारà¥à¤¯ दिखा सको । लेकिन आज मनà¥à¤·à¥à¤¯ बिना आंख , कान , मà¥à¤‚ह के पैदा होने लगे हैं यही कारण है कि आज मनà¥à¤·à¥à¤¯ गांधीजी के तीन बंदरों के समान हो गठहैं ।  न अचà¥à¤›à¤¾ देखना चाहते हैं , न अचà¥à¤›à¤¾ बोलना चाहते हैं और न अचà¥à¤›à¤¾Â  सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ चाहते हैं । इसका उलà¥à¤Ÿà¤¾ ही आज का मनà¥à¤·à¥à¤¯ अपना कारà¥à¤¯ करता है । बà¥à¤°à¤¾ देखना , बà¥à¤°à¤¾ सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ , बà¥à¤°à¤¾ बोलना आज के मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ का जनà¥à¤®à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ अधिकार बन गया है । आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚? खà¥à¤¦à¤¾ ने आंख , कान और मà¥à¤‚ह मनà¥à¤·à¥à¤¯ को कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ दिया है। आप खà¥à¤¦ सोचो ,  विचार करो ।
और हां दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ 142 करोड़ मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ का देश चाइना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है ?  आज पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में कोरोनावायरस का खौफ की  महामारी दिन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ बढ़ रही है । कोरोनावायरस ने अब तक ४.५ लाख से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोगों का जीवन खा गई और लगभग  9५ लाख से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोग इस बीमारी से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हैं। चारों तरफ डर और भय का माहौल बना हà¥à¤† है। लोग अपने अपने घरों में छिपे हà¥à¤ हैं । सारे उदà¥à¤¯à¥‹à¤— धंधे बंद पड़ी है । मंदिर मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ के सारे देवी , देवताओं , अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ , जीसस और  नानक सभी भागे हà¥à¤ हैं । सभी देवी ,देवता अपने अपने घरों में छिपे हà¥à¤ हैं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? आज कà¥à¤› देशों की सरकार ने अपने यहां लॉकडाउन को खोल दिया है । लॉकडाउन खà¥à¤²à¤¨à¥‡ से कोरोनावायरस बहà¥à¤¤ तेज गति से बढ़ रहा है ।जैसे जंगल में आग फैलता है । वैसे ही आज कोरोनावायरस चारों तरफ फैल रहा है।  इस वायरस का जनà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ कौन है ? आप सभी जानते हैं । चीन कोरोनावायरस का जनà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ है । शी जिनपिंग की सरकार ने कोरोनावायरस को पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक आपदा कहती है । अगर  कोरोनावायरस पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक आपदा है तो कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चाइना अपने लैब को किसी देश को जांच करने नहीं देती ? कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चाइना कोरोनावायरसना का डाटा विशà¥à¤µ से छà¥à¤ªà¤¾à¤ रखी? आज पूरी मानव जाति डर और भय के साठमें अपनी जिंदगी गà¥à¤œà¤¾à¤°à¤¨à¥‡ को मजबूर हैं । चीन की 142 करोड जनता की आंख , कान और मà¥à¤‚ह होते हà¥à¤ भी चाइना का à¤à¤• भी नागरिक अपने देश की सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ विरोध नहीं किया । इसका कà¥à¤¯à¤¾ मतलब होता है , यही न कि चाइना देश के लोग मà¥à¤°à¥à¤¦à¤¾ हैं उनमें जान नहीं और न उनमें मानवता के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¥‡à¤® संवेदनाà¤à¤‚ नहीं या चाइना की जनता अपनी सरकार से डरती है , डरपोक कायर है । जबकि कोरोनावायरस से चीन में भी हजारों लोग मारे गà¤à¥¤ अगर यही कोरोनावायरस का जनà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ कोई और देश होता तो चीन में भी लाखों लोग मरते फिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ चीन की जनता चà¥à¤ª बैठी है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ अपने देश की सरकार के विरà¥à¤¦à¥à¤§ आवाज तक नहीं उठाती। कà¥à¤¯à¤¾ वे मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ हैं ? कà¥à¤¯à¤¾ चीन की जनता शकà¥à¤¤à¤¿à¤¹à¥€à¤¨ है। अगर आज मानव की मानवता जीवित रहती है तभी मानव धरती पर लंबे समय तक उसका असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ बना रह सकता है , अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ नहीं । जैसे धरती से डायनासोर पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ गायब हो गठ, ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार मानव भी धरती से गायब हो जाà¤à¤—ा । अभी भी समय है जागो , अपनी आंखें खोलो , अपने चारों तरफ देखो कà¥à¤¯à¤¾ हो रहा है। अगर कहीं गलत होता है तो उसका विरोध करें और अचà¥à¤›à¤¾ होता है तो उसे अपने अंदर गà¥à¤°à¤¹à¤£ करें । उसका पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° करें , उसे अपना सहयोग दें , उसका समरà¥à¤¥à¤¨ करें । ताकि मानव की मानवता जीवित रहे और चाइना वासियों में भी जन जागृति पैदा हो । अगर कहीं बà¥à¤°à¥‡ कारà¥à¤¯ होते हो तो उस कारà¥à¤¯à¥‹ का आप विरोध करें ।बà¥à¤°à¥‡ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपना विरोध पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करे ।

अगर आप गलत कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ का विरोध करना नहीं चाहते हैं और अचà¥à¤›à¥‡ कारà¥à¤¯à¥‹ या विचारों को गà¥à¤°à¤¹à¤£ करना नहीं चाहते हैं तो आप न करें । सिरà¥à¤« खà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें , अपने परिवार से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें और अपने आसपास के लोगों से पà¥à¤°à¥‡à¤® करें । सिरà¥à¤« आप इतना ही करें तो मानव कि मानवता अपने आप जीवित होने लगेगी । आपका पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ ही आपका सारा कारà¥à¤¯ कर देगी । जहां आप नहीं पहà¥à¤‚च सकते हैं , वहां आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ पहà¥à¤‚च जाà¤à¤—ी । अगर आपको अमेरिका जाना हो तो आपको पैसा , विजà¥à¤œà¤¾ या पासपोरà¥à¤Ÿ की जरूरत होगी , तभी आप अमेरिका जा सकते हैं अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ नहीं। लेकिन अगर आपके पà¥à¤°à¥‡à¤® की उरà¥à¤œà¤¾ को अमेरिका जाना हो या किसी देश में टà¥à¤°à¥ˆà¤µà¤² करना हो तो उसे न पैसों की जरूरत , न विजà¥à¤œà¤¾ की जरूरत , न पासपोरà¥à¤Ÿ की जरूरत है और न कोई भी भौतिक पदारà¥à¤¥ की जरूरत है। यह चारों तरफ है धरती के हर जगह , हरेक पदारà¥à¤¥à¥‹ में है । à¤à¤¸à¤¾ कोई जगह ख़ाली नहीं जहां उरà¥à¤œà¤¾ का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ न हो ।धरती हो या बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚ड सभी जगह ऊरà¥à¤œà¤¾ का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ है à¤à¤¸à¤¾ कोई जगह खाली नहीं जहां ऊरà¥à¤œà¤¾ का असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ न हो । इसके लिठआपके शरीर में सकारातà¥à¤®à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ का सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होना बहà¥à¤¤ जरूरी है ।

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मौत कब आती है ?(When does death come? )

जिंदगी और मौत का फासला जमीन और आसमान के समान है । à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अपनी मौत को बà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ पड़ता है और बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को मौत बिन बà¥à¤²à¤¾à¤ आती है । Yes या No