पà¥à¤°à¥‡à¤® कà¥à¤¯à¤¾ है ? पà¥à¤°à¥‡à¤® का बहà¥à¤¤ ही साधारण simple परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ है जहां समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ नहीं होती है वहां पà¥à¤°à¥‡à¤® होता है और जहां समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती है वहां à¤à¤¯Â होता है। पà¥à¤°à¥‡à¤® और à¤à¤¯ में कà¥à¤¯à¤¾ अंतर है ? चलिà¤Â पà¥à¤°à¥‡à¤® और अपà¥à¤°à¥‡à¤® के विषय में जानते हैं । दोनों में कà¥à¤¯à¤¾ अंतर है? दोनों में जमीन आकाश का अंतर है । जहां à¤à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ को पैदा करती है। वही पà¥à¤°à¥‡à¤® सारी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को खतà¥à¤® करता है ।
à¤à¤¯ :– जब से मनà¥à¤·à¥à¤¯ का धरती पर आगमन हà¥à¤† है , तब से लेकर आज तक मनà¥à¤·à¥à¤¯ का जीवन ,à¤à¤¯ के केंदà¥à¤° पर खड़ा है।पूरा मनà¥à¤·à¥à¤¯ जाति à¤à¤¯, चिंता, दà¥à¤–, पीड़ा से पीड़ित है। मनà¥à¤·à¥à¤¯ हमेशा से à¤à¤¯à¤à¥€à¤¤ रहा है और à¤à¤¯, चिंता, दà¥à¤– और पीड़ा के ऊपर मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ का अपना जीवन खड़ा है । à¤à¤¯ के कारण मनà¥à¤·à¥à¤¯ मंदिर , मसà¥à¤œà¤¿à¤¦, गिरजाघर, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ में पूजा अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ करता है। नमाज पढ़ा करता है। पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ करता है ।
à¤à¤¯ आदमी के à¤à¥€à¤¤à¤° कà¥à¤°à¥‹à¤§ और लोà¤- लालच पैदा करता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह हमेशा सोचता रहता है। यह मिल जाठ। वह मिल जाà¤à¥¤ धन मिल जाà¤à¥¤ पद मिल जाà¤à¥¤ à¤à¤—वान मिल जाà¤à¥¤ सà¥à¤µà¤°à¥à¤— मिल जाà¤à¥¤ ताकि किसी à¤à¥€ दà¥à¤– पीड़ा से बच जाà¤à¥¤ चिंता से बच जाà¤à¥¤
हमारा देश , हमारा राषà¥à¤Ÿà¥à¤°, हमारी देश à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿, हमारी राजनीति , हमारा धरà¥à¤® और हमारा फौज यह सब हमारे à¤à¤¯ पर खड़ी है। अकाश में लहराता हमारा à¤à¤‚डा à¤à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है। धरà¥à¤® या मजहब सà¤à¥€ à¤à¤¯ का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है।
मनà¥à¤·à¥à¤¯ जाति दो तरह से à¤à¤¯ पैदा करते हैं। à¤à¤• à¤à¤¯ को पैदा करती है ताकि लोगों का शोषण किया जा सके और फिर à¤à¤¯ पैदा हो जाने पर उस à¤à¤¯ को बचाने के लिठजड़ता पैदा की जाती है । ताकि आदमी à¤à¤¯ से कहीं मर ना जाठ।
आप सैनिकों को ही देख लीजिà¤à¥¤ कोई à¤à¥€ सैनिक अà¤à¤¯ को उपलबà¥à¤§ नहीं होता । सिरà¥à¤« उसकी बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ को जड़ किया जाता है। उसकी संवेदनाà¤à¤‚ कम कर दी जाती है । ताकि उसे à¤à¤¯ का कोई बोध न हो । जड़ बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ वाले लोग à¤à¤¯à¤à¥€à¤¤ नहीं होते । तà¤à¥€ तो सैनिक, सैनिक को मारते हैं । हतà¥à¤¯à¤¾ करते समय उनके à¤à¥€à¤¤à¤° किसी à¤à¥€ तरह का दया धरà¥à¤® नहीं होता । संवेदनाà¤à¤‚ नहीं होती। हतà¥à¤¯à¤¾ । सैनिक à¤à¤¯ का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है। à¤à¤¯ से बचने के लिठसैनिकों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ किया गया है।
आज सारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का बागडोर à¤à¤¯à¤à¥€à¤¤ लोगों के हाथों में है। विशà¥à¤µ का कोई à¤à¥€ राजनीतिजà¥à¤ž विशà¥à¤µ में शांति नहीं ला सकता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि राजनीति के सारा केंदà¥à¤° à¤à¤¯ पर खड़ा है और न ही कोई धरà¥à¤®à¤—à¥à¤°à¥ विशà¥à¤µ में शांति ला सकता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि धरà¥à¤®à¤—à¥à¤°à¥ का केंदà¥à¤° à¤à¥€ à¤à¤¯ पर खड़ा है। यही वजह है कि आज सारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤¯ से तà¥à¤°à¤¾à¤¹à¤¿à¤®à¤¾à¤® कर रही है। à¤à¤¯ की वजह से सारी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ खंड खंड में बैठी हà¥à¤ˆ है।
जहां à¤à¤¯ होता है , वहां घृणा पैदा होती है । जहां à¤à¤¯ होता है , वहां हिंसा , कà¥à¤°à¥‹à¤§ और लोठलालच पैदा होता है । जहां à¤à¤¯ होता है , वहां नफरत पैदा होती है । जहां à¤à¤¯ होता है , वहां बीमारियां पैदा होती है । जहां à¤à¤¯ होता है , वह नई नई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा होती रहती है । जहां à¤à¤¯ होता है , वहां कोरà¥à¤Ÿ – कचहरी , थाना – पà¥à¤²à¤¿à¤¸ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है । कोरà¥à¤Ÿ – कचहरी , थाना – पà¥à¤²à¤¿à¤¸ यह सà¤à¥€ à¤à¤¯ के आधार पर खड़ी है । à¤à¤¯ सदा बीमारी को फैलाता है । à¤à¤¯ आपको सदा निरà¥à¤§à¤¨ बनाठरखती है । जहां à¤à¤¯ होता है , वहां सदा लोग à¤à¥‚ख और बीमारी से मरते हैं ।जहां à¤à¤¯ होता है , वहां बड़े-बड़े विनाशकारी हथियारों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है जैसे परमाणॠबम या हाइडà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ बम etc जहां à¤à¤¯ होता है , वहां डॉकà¥à¤Ÿà¤° , वैदà¥à¤¯ , हकीम और हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² पैदा होने लगता है । आपके आसपास में डॉकà¥à¤Ÿà¤° है । हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² है । यह सब à¤à¤¯ के कारण है । à¤à¤¯ का आधार ही होता है कि आप सदा बीमारी , परेशानी या दà¥à¤– चिंता से घिरे रहे । डॉकà¥à¤Ÿà¤° हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² का चकà¥à¤•र लगाते रहे ।थाना पà¥à¤²à¤¿à¤¸ , कोरà¥à¤Ÿ कचहरी का चकà¥à¤•र लगाते रहे । जहां à¤à¤¯ होता है , वहां तलाक का जनà¥à¤® होता है । जहां à¤à¤¯ होता है , वहां दहेज दानव पैदा होने लगते हैं ।
आज कोरोनावायरस का फैलने का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण हमारा à¤à¤¯ है । किसी न किसी रूप में हम सब à¤à¤¯à¤à¥€à¤¤ हैं । तà¤à¥€ आज कोरोनावायरस इतनी तेज गति से फैल रहा है । à¤à¤¯ मनà¥à¤·à¥à¤¯ के शरीर की इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ पावर को कम कर देता है । à¤à¤¯ यà¥à¤¦à¥à¤§ को जनà¥à¤® देता है । à¤à¤¯ बिना कारण यà¥à¤¦à¥à¤§ कराता है । जिस वजह से à¤à¤• देश दूसरे देश से लड़ता है । à¤à¤¾à¤ˆ – à¤à¤¾à¤ˆ आपस में लड़ते हैं । à¤à¤• पड़ोसी दà¥à¤¸à¤°à¥‡ पड़ोसी से लड़ता है । पति पतà¥à¤¨à¥€ आपस में लड़ते हैं । बाप बेटा आपस में लड़ते हैं । इस सब à¤à¤¯ का अंग है । यह सब à¤à¤¯ पर खड़ा है । किसी à¤à¥€ देश की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ सब à¤à¤¯ पर खड़ी है ।
मैं आपसे कहना चाहता हूं कि ऊपर जो तसà¥à¤µà¥€à¤° कपलà¥à¤¸ का है । वह पà¥à¤°à¥‡à¤® का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• नहीं है । पà¥à¤°à¥‡à¤® जीवन देता है , जीवन लेता नहीं है । इन कपलà¥à¤¸ के बीच पà¥à¤°à¥‡à¤® का फूल कà¤à¥€ खिलता नहीं । कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह लोग पà¥à¤°à¥‡à¤® की वजह से आपस में जà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¥‡ नहीं हैं इनका जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ इनके शरीर की मैगà¥à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• फीलà¥à¤¡ की वजह से à¤à¤• दूसरे के करीब आते हैं । जैसे शरीर को à¤à¥‹à¤œà¤¨ की जरूरत पड़ती है ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार शरीर को सेकà¥à¤¸ की जरूरत पड़ती है । पà¥à¤°à¤•ृति का नियम अनà¥à¤¸à¤¾à¤° जनà¥à¤® और मृतà¥à¤¯à¥ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सदा चलता रहे । इसलिठउनके शरीर की बनावट इस पà¥à¤°à¤•ार किया गया है ताकि कपलà¥à¤¸ आपस में संबंध सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ कर सकें और जनà¥à¤® मृतà¥à¤¯à¥ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ चलता रहे । लेकिन उनका यह पà¥à¤°à¥‡à¤® नहीं है । अगर उनका पà¥à¤°à¥‡à¤® होता तो आज अमेरिका में लगà¤à¤— 40% लव मैरिज करने के बाद उनका तलाक हो जाता है । आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? जबकि तलाक à¤à¤¯ का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• है । विकसित देशों में लव मैरिज à¤à¤• दो साल के अंदर ही उनका तलाक हो जाता है । आप यह कà¤à¥€ न सोचिठगा कि जो कपलà¥à¤¸ आपस में पà¥à¤°à¥‡à¤® करते हैं । उनके à¤à¥€à¤¤à¤° कà¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤® का फूल खिल नहीं सकता ।
पà¥à¤°à¥‡à¤® :- कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि अगर आदमी के अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® बहना शà¥à¤°à¥‚ हो जाठतो कà¥à¤¯à¤¾ होगा । कà¤à¥€ आपने यह सोचा । आपको à¤à¤• छोटी सी बात बताना चाहता हूं कि शायद आपको पà¥à¤°à¥‡à¤® का मतलब समठमें आ जाठ। पà¥à¤°à¥‡à¤® में कितनी ताकत है।
कल तक मालà¥à¤® नहीं था कि अणॠऔर परमाणॠकà¥à¤¯à¤¾ है ? पर आज à¤à¤¸à¥€ बात नहीं है । à¤à¤• छोटे से अणॠमें कितनी ऊरà¥à¤œà¤¾ होती है। à¤à¤• अणॠमें कितनी शकà¥à¤¤à¤¿ होती है । अगर हम अणॠका विसà¥à¤«à¥‹à¤Ÿ करते हैं तो उसमें अनंत शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का जनà¥à¤® होता है। à¤à¤• के छोटे से रेत के कण के अणॠमें इतनी ताकत है कि à¤à¤• बड़ा महानगर जैसे मà¥à¤‚बई , दिलà¥à¤²à¥€ जैसे शहर को नषà¥à¤Ÿ किया जा सकता है।
हाइडà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के à¤à¤• अणॠसे मà¥à¤‚बई जैसे महानगरों को कà¥à¤·à¤¨ à¤à¤° में राख किया जा सकता है । तो आप समठसकते हैं कि à¤à¤• मनà¥à¤·à¥à¤¯ में कितनी ताकत हो सकती है जब पानी की à¤à¤• बूंद में या हाइडà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के अणॠमें इतनी ताकत है। तो मनà¥à¤·à¥à¤¯ के अंदर कितनी ताकत हो सकती है। जब उसके अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® बहना शà¥à¤°à¥‚ हो जाà¤à¥¤
हम सब के à¤à¥€à¤¤à¤° पà¥à¤°à¥‡à¤® का बीज पड़ा हà¥à¤† है । वह बीज , बीज ही रह जाता है । अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ कà¤à¥€ नहीं हो पाता । कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसे à¤à¥‚मि , पानी और रोशनी नहीं मिल पाती है। उस पà¥à¤°à¥‡à¤® रà¥à¤ªà¥€ बीज के à¤à¥€à¤¤à¤° दरà¥à¤¦ , कसक और पीड़ा रह जाता है । जो उसे होना चाहिठथा , वह नहीं हो सका ।
जिस तरह पौधे पर फूल नहीं आता तो उस पौधे को देखिठकैसे वह मà¥à¤°à¤à¤¾à¤ सा कà¥à¤®à¥à¤¹à¤²à¤¾à¤ सा दिखता हैं । ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार आदमी के à¤à¥€à¤¤à¤° à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी बीज है। और वह अगर न खिले तो चिंतित हो जाता है। उसका चेहरे लटक जाता है । उसका पूरा वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ मà¥à¤°à¤à¤¾ जाता है। à¤à¤¸à¥‡ ही आज सारी मनà¥à¤·à¥à¤¯à¤¤à¤¾ का वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ मà¥à¤°à¤à¤¾ गया है ।
कà¤à¥€ आपने अपने आप से पूछा कि मेरी सबसे अधिक गहरी पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ कà¥à¤¯à¤¾ है ? कà¥à¤¯à¤¾ धन , पद , मोकà¥à¤· या परमातà¥à¤®à¤¾ । आपको इसका जवाब à¤à¥€à¤¤à¤° से आà¤à¤—ा सिरà¥à¤« पà¥à¤°à¥‡à¤® । पà¥à¤°à¥‡à¤® दो और पà¥à¤°à¥‡à¤® लो । पà¥à¤°à¥‡à¤® देना ही मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ का जनà¥à¤®à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ अधिकार है ।
जिस दिन मनà¥à¤·à¥à¤¯ के अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® का पूरा फूल खिलता है। तो वह परमातà¥à¤®à¤¾ को उपलबà¥à¤§ हो जाता है । पà¥à¤°à¥‡à¤® परमातà¥à¤®à¤¾ का दà¥à¤µà¤¾à¤° है। लेकिन हमें कà¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤® का खà¥à¤¯à¤¾à¤² à¤à¥€ नहीं आता । पà¥à¤°à¥‡à¤® को कैसे विकसित करें । पà¥à¤°à¥‡à¤® का फूल खिलना बहà¥à¤¤ जरूरी है । पà¥à¤°à¥‡à¤® के बिना पूरी मनà¥à¤·à¥à¤¯à¤¤à¤¾ नषà¥à¤Ÿ हो सकती है ।
जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है , वहां आनंद और खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ है । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां शांति पैदा होती है । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां करà¥à¤£à¤¾ पैदा होती है । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां दया पैदा होती है । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां सौंदरà¥à¤¯ पैदा होता है । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां सà¥à¤µà¤°à¥à¤— जाने का रासà¥à¤¤à¤¾ मिल जाता है । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां सरहद का कोई दीवार नहीं होती । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां कà¤à¥€ यà¥à¤¦à¥à¤§ नहीं होता । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां डॉकà¥à¤Ÿà¤° , वैदà¥à¤¯ और हकीम दिखाई नहीं पड़ते । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है , वहां कोई हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² दिखाई नहीं पड़ता । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है , वहां थाना- पà¥à¤²à¤¿à¤¸ , कोरà¥à¤Ÿ – कचहरी नहीं हà¥à¤† करता । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां किसी पà¥à¤°à¤•ार का समसà¥à¤¯à¤¾ का जनà¥à¤® नहीं होता । जहां पà¥à¤°à¥‡à¤® है, वहां मंदिर मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ की जरूरत नहीं पड़ती है ।
जो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ चाहता है कि अपने जीवन में पà¥à¤°à¥‡à¤® का फूल खिलाना तो उसे पà¥à¤°à¥‡à¤® मांगने का खà¥à¤¯à¤¾à¤² छोड़ देना होगा । आपका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ हमेशा पà¥à¤°à¥‡à¤® देने का खà¥à¤¯à¤¾à¤² होना चाहिठ। आप पà¥à¤°à¥‡à¤® देते हैं तो आपको अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® का फूल खिलता है ।
पà¥à¤°à¥‡à¤® मांगने से पà¥à¤°à¥‡à¤® का बीज सिकà¥à¤¡à¤¼ जाता है । उसका बीज का खोल और अधिक कड़क हो जाता है । आप जानते हैं à¤à¥€à¤–मंगे से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ किसी का हà¥à¤°à¤¦à¤¯ सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¾ नहीं होता । जो मांगता है, वह सिकà¥à¤¡à¤¼ जाता है । जो पà¥à¤°à¥‡à¤® देता है या जो पà¥à¤°à¥‡à¤® देने के लिठअपना हाथ आगे बढ़ाता है तो उसका दिया हà¥à¤† पà¥à¤°à¥‡à¤® का दान कई गà¥à¤£à¤¾ बढ़ कर उसके पास वापस आ जाता है ।
आपने देखा होगा कि बीज जब अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ होता है तो कà¥à¤¯à¤¾ कहता है ? बीज अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ होता है । तो उसकी पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ निकलती है । उसकी शाखाà¤à¤‚ बीज से बाहर की ओर निकलती आती है और फिर फूल खिलने लगता है । à¤à¤• बीज की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अंदर से बाहर की तरफ होती है । ठीक इसी पà¥à¤°à¤•ार आपको à¤à¥€ अपने अंदर का पà¥à¤°à¥‡à¤® बाहर की तरफ निकालना होगा । तो आपके अंदर का बीच का खोल टूट जाà¤à¤—ा फिर आपके अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® का रस बहना शà¥à¤°à¥‚ हो जाà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤® का पहला सूतà¥à¤° है कि आप पà¥à¤°à¥‡à¤® का दान करें । दूसरा सूतà¥à¤° है कि आप पà¥à¤°à¥‡à¤® का दान बिना शरà¥à¤¤ करें । हमने पà¥à¤°à¥‡à¤® दिया नहीं और हम पà¥à¤°à¥‡à¤® पाना चाहते है । इससे आपका पà¥à¤°à¥‡à¤® का बीज का खोल कà¤à¥€ टूट नहीं सकता । पà¥à¤°à¥‡à¤® का तीसरा सूतà¥à¤° है कि जब आप पà¥à¤°à¥‡à¤® किसी को देते हैं या किसी का सेवा मदद करते हैं तो आप उसका कृतजà¥à¤žà¤¤à¤¾ जाहिर करें तो इससे आपके अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® का बहाने का मौका मिलता है ।
मेरा कहने का मतलब कि आप किसी का मदद करते हैं या किसी का सेवा करते हैं तो उसके लिठआप कृतजà¥à¤žà¤¤à¤¾ जाहिर करें । यह नहीं कि वह आपको धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ दे। बलिक आप उसे धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ दें । मैं कृतजà¥à¤ž हूं। मैं अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ हूं । उसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अपने अंदर अनà¥à¤—à¥à¤°à¤¹ के à¤à¤¾à¤µ को अपने अंदर जागृत करें । आपके अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® की बीज चोट पहà¥à¤‚चती है । जिससे पà¥à¤°à¥‡à¤® रूपी बीच का खोल टूट जाता है और आपके जीवन में पà¥à¤°à¥‡à¤® का फूल खिलने लगता है और वह विकसित होने लगता है ।
जिस दिन पà¥à¤°à¥‡à¤® का à¤à¤°à¤¨à¤¾ आपके अंदर बहने लगा । उसी दिन आपको मालूम चलेगा कि à¤à¤¯ कहीं à¤à¥€ नहीं है । पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤® की अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में या गैरमौजूदगी में आपके à¤à¥€à¤¤à¤° à¤à¤¯ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हो जाता है । यही आपका à¤à¤¯ आपके तन , मन और धन सब को बीमार कर देता है । आंखों से न दिखने वाला कोरोनावायरस का आप शिकार हो जाते हैं और आपकी यूनिटी पावर कम हो जाता है और आप बीमार हो जाते हैं ।
पà¥à¤°à¥‡à¤® से à¤à¤°à¤¾ हृदय में à¤à¤¯ का कोई सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ नहीं होता , à¤à¤¯ से à¤à¤°à¤¾ हृदय में पà¥à¤°à¥‡à¤® का कोई सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ नहीं होता ।
जब आप अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® से à¤à¤° जाते है तब आपको अपने हाथ में तलवार उठाने की कोई जरूरत नहीं होती । कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सब जगह आपको राम , खà¥à¤¦à¤¾, जीसस और वाहेगà¥à¤°à¥ दिखाई देने लगते हैं। वही आपके अंदर हृदय à¤à¤¯ से à¤à¤°à¤¾ है तो सारा जगत आपको शतà¥à¤°à¥ नजर आने लगता हैं । आपके अंदर हà¥à¤°à¤¦à¤¯ पà¥à¤°à¥‡à¤® से à¤à¤°à¤¾ होता है तो सारा जगत आपको अपना मितà¥à¤° नजर आने लगता है ।
जो अंदर होता है वही बाहर आता है । आपके अंदर पà¥à¤°à¥‡à¤® है तो आप पà¥à¤°à¥‡à¤® का दान करेंगे । अगर आपके अंदर à¤à¤¯ है, तो आप à¤à¤¯ का दान करेंगे । आप जो अंदर है वही बाहर पà¥à¤°à¤—ट होता है
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