
पेट की भूख से मरना पड़ेगा । आज हमारा भगवान, खुदा भी हमें बचाने नहीं आएगा , क्योंकि यह हमारा कर्मों का फल है। इसे हम सब को भोगना पड़ेगा। चाहे हम सब अपनी खुशी से या दुखी मन से अपने कर्मों के फलों को भोगे , पर अपने कर्मों के फलों को भोगना सभी को पड़ेगा।
एक रास्ता है कि हम सब न कोरोना वायरस के प्रकोप से मरेंगे और न पेट की भूख से मरेंगे। इसके लिए यह जानना जरूरी है कि हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण क्या है ? यह जानना महत्वपूर्ण नहीं कि कोरोना वायरस का जन्म किसने दिया । अमेरिका दिया या चाइना दिया। महत्वपूर्ण यह है कि कैसे हम सब कुरौना वायरस के कहर से बचें। जब कोरोना वायरस का जन्म धरती पर हो चुका है तो इससे बचने का रास्ता निकालना होगा न कि एक दूसरे की आलोचना या निंदा करने से रास्ता मिलेगा। किसने कोरोना वायरस को जन्म दिया, यह जानना हमारे लिए जरूरी नहीं, अगर जिंदा रहे तो बाद में भी हम इसकी जानकारी कर सकते हैं, खोज कर सकते हैं। किसने कोरोना वायरस को जन्म दिया । पर अभी जरूरी यह है कि कैसे हम सब कोरोना वायरस के खौफ से बचे , उसके कहर प्रकोप से बचे। जितना हम सब एक दूसरे का आलोचना करेंगे उतना ही हम सब अपना समय की बर्बादी करेंगे ।उससे अच्छा है कि हम सब मिलकर कोरोना वायरस के फैलाव के उस कारक को खोजे, ढूंढे, नहीं तो हम सब के शरीर की ऊर्जा ही कोरोना वायरस को फैलने में मदद करने लगेगी।
अगर हम सब किसी तरह से कोरोना वायरस के प्रकोप से किसी तरह से बच गए तो पेट की भूख से नहीं बच पाएंगे। कोरोना वायरस से भी खतरनाक वायरस पेट की भूख है। आज चारों तरफ लॉक डाउन है । लॉक डाउन की वजह सेअमीर और गरीब सब के सब बेहाल है ,असहाय है। अमीरों की कंपनियां बंद तोगरीबों की रोजगार बंद है । कब तक सरकार मदद करेगी? उनके पास भी अन्न- धन सब लिमिट में है ।कहां से सरकार अन्न धन को लाएगी ।अगर कंपनीयों को सरकार चालू करती है तो कोरोना वायरस उतना ही तेज गति से के साथ हमारे जीवन पर हमला करेगी। आज लगभग सभी देशों में लोग डाउन है। लोग अपने-अपने घरों में छिपे पड़े हैं फिर भी कोरोना वायरस अपनी गति के साथ बढ़ रहा है ।फैल रहा है । किसी भी देश की सरकार में इतनी हिम्मत नहीं कि कोरोना वायरस के फैलाव को रोक सके उसके प्रकोप को कमजोर कर सकें। दवा वैक्सीन तो नहीं। दवा वैक्सीन कब बनेगी, कब बाजारों में आएगी या मालूम नहीं। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दवा वैक्सीन बनेगी भी या नहीं ।यह किसी को मालूम नहीं। जब अभी एचआईवी या डेंगू जैसे वायरस की दवा या वैक्सीन बनी नहीं तो क्या पता कोरोना वायरस की दवा बनेगी भी या नहीं।
इसलिए हम सबको कोरोना वायरस की दवा या वैक्सीन के बनने का इंतजार नहीं करना होगा इंतजार कहीं ऐसा ना हो कितने लोगों की जिंदगी खा जाए ।आपके पास सिर्फ एक रास्ता बचा है। जिस रास्ते से चलकर आप कोरोना वायरस को अपने जीवन से निकाल कर बाहर कर सकते हैं। उसके प्रकोप को कमजोर और असहाय कर सकते हैं ।आप जानते हैं कि अगर हमारा शत्रु हमसे ज्यादा ताकतवर है । हम उससे लड़ नहीं सकते हैं तो सिर्फ एक ही रास्ता बचता है शत्रु को अपना दोस्त बना लेना । तो आप कहेंगे कि कोरोना वायरस को दोस्त कैसे बनाएं ? यह तो आंखों से दिखता नहीं जब आंखों से दिखता नहीं तो दोस्त कैसे बनाएं ? दोस्त बनाने के लिए वह आपके आंखों से दिखे या ना दिखे पर आपके हृदय में प्रेम रूपी ऊर्जा का दीपक को जलाना होगा। अपने जीवन में प्रेम के महत्व को देना होगा अपने घरों के आसपास प्रेम रूपी दीपक जलाना होगा। तभी हम सब कोरोना वायरस से लड़ कर जीत सकते हैं। अपने जीवन से दूर भगा सकते हैं।
आप जानते हैं कि ईश्वर ने, प्रकृति ने जो भी पदार्थ का निर्माण किया है। वह चाहे पेड़ पौधा हो, पशु – पक्षी, कीड़े मकोड़े , सूर्य – धरती , आग- पानी , हवा हो या मानव या कोरोना वायरस हो। हर पदार्थ में उसने नेगेटिव ऊर्जा या पॉजिटिव ऊर्जा दोनों समान रूप से उसका निर्माण किया है। जिस तरह की ऊर्जा हमारे शरीर के अंदर सक्रिय होती है उसी तरह की ऊर्जा हमारे आसपास मौजूद पदार्थों में सक्रिय होती है चाहे कोरोना वायरस ही क्यों ना हो ।अगर हमारे शरीर के अंदर नेगेटिव ऊर्जा सक्रिय है क्रोध नफरत लोभ लालच है तो हमारा नेगेटिव ऊर्जा बाहर मौजूद नेगेटिव ऊर्जा को आकर्षित करेगी । कोरोना वायरस के अंदर मौजूद नेगेटिव ऊर्जा को आकर्षित करेगी पर पॉजिटिव ऊर्जा को नहीं।आप खुद अपनी आंखों से देखो तो आपको पता चल जाएगा यही कोरोना वायरस पशु पक्षियों का शिकार नहीं करती अपना भोजन नहीं बनाती ।आखिर क्यों ? पशु-पक्षी भी जीवित जीवित पदार्थ है ।जैसे मानव जीवित पदार्थ है ।कोरोना वायरस पशु पक्षियों के ऊपर सवारी करती है पर उसे मारती नहीं। आखिर क्यों ?
यही कोरोना वायरस को जब मनुष्य दिख जाए तो मनुष्य को मारे बगैर छोड़ती नहीं पर पशु पक्षियों को छूती नहीं। क्यों? इसका क्या कारण है ? आप इसके पीछे छिपे कारणों को देखें ।मानव जीवन को देखें , पशु – पक्षियों के जीवन को देखें तो आपको पता चल जाएगा। क्यों कोरोना वायरस मनुष्य को छोड़ती नहीं और पशु-पक्षियों को छूती नहीं ।
धरती हो या ब्रह्मांड सभी जगहों पर ऊर्जा मौजूद है । ऐसा कोई खाली जगह नहीं जहां ऊर्जा का अस्तित्व न हो । यह आपको आंखों से दिखे या न दिखे पर उर्जा का अस्तित्व है। ऐसा कोई जगह नहीं जहां उर्जा मौजूद नहीं हो । सारा खेल ऊर्जा का है जीवन के लिए ऊर्जा की जरूरत पड़ती है तो मृत्यु के लिए भी ऊर्जा की जरूरत पड़ती है जीवन के लिए प्रेम की ऊर्जा की जरूरत पड़ती है तो मृत्यु के लिए नफरत क्रोध लोभ लालच की ऊर्जा की जरूरत पड़ती है।
हमें जीना है तो हमें अपने जीवन में अपने हृदय में प्रेम रूपी दीपक को जलाना होगा । मरने के लिए सिर्फ एक नकारात्मक विचार काफी है तो जीने के लिए एक सकारात्मक विचार काफी है। कब हम सबके घरों में कोरोनावायरस दखल दे, प्रवेश कर जाए इससे पहले हम सब को अपने अंदर प्रेम रूपी दीपक को अपने अंदर, अपने घरों के अंदर , अपने घरों के आस-पास रहने वाले लोगों के अंदर जलाएं । कोरोनावायरस हम सब का कुछ नहीं बिगाड़ सकती। वह प्राकृतिक के नियम के विरुद्ध नहीं चल सकता ।आपके अंदर प्रेम रूपी दीपक जलता है तो वह आपके आसपास मौजूद सभी पदार्थों में प्रेम रूपी दीपक जलेगा तभी तो आपका प्रेम रूपी ऊर्जा का दीपक आपके आसपास मौजूद प्रेम रूपी ऊर्जा को आकर्षित करेगी । इसके लिए आपके साथ कौन क्या किया । सब भुला दे ,सबको माफ कर दे और प्रेम रूपी दीपक को अपने हृदय में जलाए, अपने घरों में जलाएं ,अपने घरों के आस पास रहने वाले लोगों अंदर प्रेम रूपी दीपक को जलाएं । कोरोना वायरस में इतना दम नहीं , इतनी उसकी औकात नहीं जो आपको छू सकें।
आप जानते हैं कि हम सब के अंदर अगर नेगेटिव ऊर्जा सक्रिय होती है तो हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम कमजोर होता है ,लो होता है । वही अगर हमारे शरीर में प्रेम की ऊर्जा सक्रिय होती हैं तो हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम बहुत मजबूत होता है, वह हाई लेवल में होता है। शरीर के सारे हारमोंस सक्रिय रहता है। इस संकट की घड़ी में आप सबको माफ कर दे और अपने दिलों में प्रेम रूपी दीपक को चलाएं आपके पास और कोई दूसरा रास्ता नहीं है। न कोई दवा वैक्सिंग बनकर अभी आने वाला है और न आप कभी भी कोरोना वायरस से लड़कर जीत सकते तो हमारा भलाई इसी में है कि हम अपने अंदर प्रेम रूपी दीपक को जलाए और दूसरा कोई रास्ता नहीं है कोरोनावायरस जैसा मौत आपके दरवाजे पर दस्तक देने वाला है उसके आने से पहले हम सभी अपने अंदर प्रेम रूपी दीपक को जलाकर रखना होगा तो ही हम कोरोना वायरस से बच सकते हैं।

