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योगा क्या है ?योगा करने से हमें क्या लाभ होगा ? क्या योगा सभी के लिए है? Benefits of yoga ? इन सभी सवालों का जवाब हम आप को विस्तार पूर्वक बताते हैं । इस लेख / आर्टिकल को पूरा पढ़ने के बाद फिर कभी आपको योगा के विषय में जानने की जरूरत नहीं पड़ेगी ।
योगा एक जीवन जीने की कला है । एक पूर्ण चिकित्सा पद्धति है । जैसे धर्म लोगों को खूंटे से बांधता है तो योगा सभी तरह के खूंटे से आजाद करता है। बाहरी विज्ञान की दुनिया में आइंस्टीन का नाम सर्वप्रथम है ठीक इसी प्रकार शरीर की भितरी विज्ञान की दुनिया में पंतजलि का नाम प्रथम है।
योगा एक अध्यात्मिक प्रक्रिया है । जिसमें शरीर , मन और आत्मा को एक साथ लाने का काम करता है। बहुत से लोग योगा और कसरत एक ही समझते हैं । पर दोनों में जमीन अकाश का अंतर है । दोनों का अपना अपना महत्व है । कसरत में आप सिर्फ शारीरिक प्रक्रिया करते हैं । लेकिन योगा से आप शारीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने की प्रक्रिया करते हैं । योगा करते समय आप अपने सांसों पर ध्यान लगाते हैं। पर कसरत करते समय आपको सांसो पर ध्यान नहीं लगाना पड़ता है।
कसरत , व्यायाम या एक्सरसाइज करने से हमारे शरीर की उर्जा का खपत बहुत तीव्र गति से होता है लेकिन योगा करने से शरीर की ऊर्जा का खपत (खर्च) धीरे-धीरेहोता है पर ऊर्जा का खर्च होता है
ऊपर लिखे सभी सिद्धांत आज से नहीं सैकड़ों – हजारों साल से है । पर क्या योगा करने से हम और आप स्वस्थ रह सकते हैं ? क्या योगा सभी लोगों के लिए है ? इन सवालों का जवाब आप अपने दिल से पूछो , आपको जवाब मिल जाएगा । अगर जवाब नहीं मिलता है तो आप को नीचे लिखे मिल जाएगा ।
आप अपने शरीर की गणित को समझने का प्रयास करें । अपने शरीर की विज्ञान को समझने का प्रयास करें । आपका शरीर आपसे क्या कहता है?
आपका शरीर पूर्ण रूप से तभी स्वस्थ रहेगा । जब आपके शरीर में प्रेम की ऊर्जा की मात्रा अत्यधिक रहेगी। जैसे प्रेम ,करुणा , दया , सेवा , मदद और छोटे बड़ों की सम्मान की भावना आप में है तो आप पूर्ण रूप से स्वस्थ रहेंगे ।आपको कोई भी योगा की जरूरत नहीं । आप जानते हैं कि आपके शरीर में 230 प्रकार का हारमोंस है पर यह 230 हारमोंस किन परिस्थिति में आपका शरीर हारमोंस को रिलीज करता है । यह हारमोंस आपका शरीर तभी रिलीज करता है जब आपके शरीर के अंदर प्रेम की ऊर्जा अत्यधिक मात्रा में सक्रिय होता है तो ही आप स्वस्थ रह सकते हैं
अगर आपके शरीर के अंदर नकारात्मक ऊर्जा अत्यधिक मात्रा में सक्रिय है तो आप हमेशा बीमार पड़ते रहेंगे । जैसे क्रोध ,गुस्सा ,नफरत, ईर्ष्या ,लोभ लालच की भावना आपके शरीर के अंदर सक्रिय है तो आप हमेशा बीमार होते रहेंगे । बीमार शरीर को स्वस्थ करने के लिए आपको योगा का सहारा लेना पड़ेगा। डॉक्टर का सहारा लेना पड़ेगा । आप जानते हैं जब आपके शरीर में नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय होता है तो शरीर हारमोंस रिलीज करने के सारे दरवाजे को लॉक कर देता है । बंद कर देता है । जिस वजह से शरीर हारमोंस को नहीं करता है । इसके लिए हमें योगा या डॉक्टर की सहारा लेना पड़ता है । ताकि हम मैन्युअल रूप से हारमोंस को शरीर से रिलीज करा सकें।
आपको अपने शरीर को ऊर्जा भोजन – पानी और सांस के द्वारा मिलती है । लगभग 10% ऊर्जा आपको भोजन- पानी से मिलता है और लगभग 90% ऊर्जा आपको सांसो के द्वारा मिलता है।
आपको कोई भी काम करने के लिए ऊर्जा की जरूरत पड़ती है । सांस लेने के लिए ऊर्जा की जरूरत पड़ती है , खाना खाने के लिए ऊर्जा की जरूरत पड़ती है, उठने , बैठने , सोने और चलने के लिए या मेरे कहने का मतलब कि हर कार्य के लिए ऊर्जा की जरूरत पड़ती है । यहां तक कि हम अगर सोचते हैं तो सोचने के लिए भी ऊर्जा की जरूरत पड़ती है । भोजन को पचाने के लिए भी ऊर्जा की जरूरत पड़ती है , हाथ- पाव हिलाने के लिए भी ऊर्जा की जरूरत पड़ती है। सांस लेने के लिए भी ऊर्जा की जरूरत पड़ती है अगर हमारे शरीर में पहले से ऊर्जा का स्टोर न हो तो हम सांस नहीं ले सकते ।
आपके शरीर को दो ही माध्यम से ऊर्जा की प्राप्ति होती है । एक मुंह दूसरा नाक। लेकिन ऊर्जा की खपत शरीर के प्रत्येक अंगों से होती है । जबकि उर्जा की प्राप्ति का रास्ता सिर्फ दो ही है ,और ऊर्जा की खपत का रास्ता अनेकों है।
आपको अपने जीवन में अनेकों काम है सुबह , उठना नहाना, धोना , काम पर जाना , काम करना , वापस घर आना , कुछ पास्ट या फ्यूचर के बारे में सोचना या सोना। यहां तक कि आपको प्रत्येक कार्य के लिए आपको ऊर्जा चाहिए ।अब सवाल यह पैदा होता है कि आप अपने शरीर को ऊर्जा कहां से देंगे जबकि ऊर्जा की प्राप्ति का रास्ता सिर्फ दो है मुंह और नाक । आप कितना खाना खाएंगे या आप कितना सांस लेंगे । न आप ज्यादा सांस ले सकते हैं और न आप ज्यादा खाना खा सकते हैं ।तो फिर आप अपने शरीर को ऊर्जा कहा देंगे? ज्यादा खाओगे तो बीमार पड़ोगे और ज्यादा सांस लोगे तो बीमार पड़ोगे। तो ऊर्जा कहां से लाओगे ।
आपके बैंकों खातों में पैसा न हो तो चल जाएगा लेकिन शरीर में उर्जा ना हो तो कभी नहीं चल पाएगा।
उसमें भी आप योगा करेंगे तो आपका क्या हाल होगा आप खुद ही समझ सकते हैं । योगा करने से शरीर की ऊर्जा खपत होती है । ऐसा नहीं कि ऊर्जा की प्राप्ति होती है। हां यह जरूर है कि ऊर्जा की खपत (खर्च ) धीरे धीरे होती है ।
जैसे गाड़ी में तेल न हो तो आप लंबी यात्रा नहीं कर सकते । ठीक इसी प्रकार जब शरीर में उर्जा का मात्रा अधिक न हो तो आप कभी भी लंबी जीवन नहीं जी सकते और लंबे समय तक स्वास्थ्य नहीं रह सकते।
आपके बैंक खातों में जितना ज्यादा पैसा होगा वह कभी भी अच्छे या बुरे कामों में आपका मदद कर सकता है ठीक इसी प्रकार आपके शरीर में जितना ज्यादा मात्रा में प्रेम की ऊर्जा जमा होगा तो वह आपके अच्छे या बुरे समय में (बीमारी में) या हर एक परिस्थिति में ऊर्जा आपके शरीर को मदद करेगा। बीमारी से लड़ने के लिए भी आपकी ऊर्जा आपके शरीर को मदद करेगा।
आप जानते हैं कि इस धरती पर मनुष्य को छोड़कर कोई भी प्राणी योगा नहीं करता सिर्फ मनुष्य ही है जो अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योगा करता है। पशु ,पक्षी , पेड़ पौधे या कीड़े मकोड़े कोई भी योगा नहीं करता, अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए । फिर भी वह सब स्वस्थ है। उनका कोई डॉक्टर हॉस्पिटल नहीं। आखिर क्यों स्वस्थ है ? मनुष्य योगा करता है,। फिर भी आज मनुष्य बीमार है । डॉक्टर की हर गली मोहल्ले या चौराहे पर क्लीनिक मिल जाएगा , हॉस्पिटल मिल जाएंगे । ऐसा क्यों? ? क्योंकि जब से मनुष्य धरती पर आया है तभी से लेकर आज तक मनुष्य नकारात्मक ऊर्जा से ग्रसित रहा है जर, जोरू और जमीन के लिए सदियों से लड़ता रहा और लड़ता आ रहा है । प्रेम क्या होता है ? आज मानव प्रेम का मतलब ही भूल चुका है ।यही वजह है कि आज सारा मनव तंत्र बीमार हो चुका है।
अगर आप अपने जीवन में आखरी समय तक स्वस्थ रहना चाहते हैं तो 3 सूत्रीय कार्यों को अपने जीवन में धारण करें पहला खुद से प्रेम करें, दुसरा अपन परिवार के सारे सदस्यों से प्रेम करें, तीसरा आपके पड़ोस में रहने वाले सभी पड़ोसी से प्रेम करें ।वह चाहे किसी भी जात धर्म का क्यों न हो । सभी से प्रेम करें तो आप कभी भी बीमार नहीं पड़ेंगे। अगर आप बीमार हैं तो आप तीन सूत्रीय कार्यो को अपने जीवन में धारण करे तो बहुत जल्द ही आप बीमारी से मुक्त हो जाएंगे । चाहे वह बीमारी कैसा भी क्यों न हो ।
Note :- अगर आप बीमार हैं तो सबसे पहले आप अपने डॉक्टर के संपर्क में रहे और दूसरा अपने जीवन में तीन सूत्रीय कार्यो (जैसे खुद से प्रेम , परिवार के सारे सदस्यों से प्रेम और अपने सारे पड़ोसियों से प्रेम करें ) को अपने जीवन में धारण करें तो बहुत जल्द ही आप अपने सारी बीमारियों से मुक्त हो जाएंगे ।
अगर आप लंबी जीवन जीना चाहते है। स्वस्थ रहना चाहते है तो योगा आपके लिए योगा किसी काम का नहीं और न ही बीमार लोगों के लिए योगा उपयोगी है । हम योगा क्यों करूं ? किस लिए योगा करूं ? योगा करने के लिए भी हमें ऊर्जा की जरूरत पड़ती है। योगा करने में ऊर्जा की खपत होती है ।जब हम बिना मतलब का किसी को ₹1 नहीं देते हैं तो हम अपने शरीर की ऊर्जा बिना मतलब का क्यों खर्च करू क्योंकि यही शरीर की ऊर्जा हमारी जीवन है
बैंक में पैसा न हो तो आप कंगाल हो जाएंगे और आपके शरीर में ऊर्जा न हो तो आपका शरीर बेकार हो जाएगा।
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