यह कहानी स्कॉटलैंड का राजा ब्रूस है । ब्रूस अपने शत्रु से पराजित होकर भागा भीगा फिर रहा था । उसके संगी साथ सब छूट गए थे । धन जन की बड़ी हानि हुई थी । जीवन पराजित और लांच्छी था । आप कह सकते हैं कि राजा ब्रूस की किसी प्रकार से जीवन बच गया था ।
शत्रु , ब्रूस की तलाश कर रहे थे । राजा ब्रूस अपनी प्राण बचाने के लिए इधर उधर भागा फिर रहे थे । मौत उसके सर पर मर्डर आ रही थी । उसकी स्थिति यह थी कि अब मरा की तब मारा।
राजा ब्रूस भागकर एक खोह में छिप गया । वहां वह अपनी मौत आने का प्रतीक्षा कर रहा था । आप अनुमान लगा सकते हैं कि उसकी मौत कैसी क्रूर होगी। उसके अंदर भावनाएं किस प्रकार की जन्म लेती होंगी। शत्रुओं की तलवार पल भर में उसका काम तमाम कर देगी। कितनी डरावना राजा ब्रूस का वो समय था ।
खोह में छिपा राजा ब्रूस मन ही मन छटपटा रहा था। उसकी आत्मा कहीं किसी आश्रय की तलाश में थी। कहीं उसे आसरा मिल जाए। ( 353 देशों के सैनिक जानवर और पशु है )
तभी उसने सामने एक दृश्य देखा, की एक छोटी सी नन्हीं सी मकड़ी को खोह के मुंह पर जाला बुनने का शतक प्रयास कर रही थी। बार-बार गिरती और बार-बार उठती और अपने शरीर को झाड़ कर उठ खड़ी होती फिर वो अपने नए उत्साह के साथ वापस जाला बनने का प्रयास करने लगती। जबकि मकड़ी के पास कोई आधार नहीं था। बिना आधार के मकड़ी का प्रयास व्यर्थ था। फिर भी मकरी बार-बार प्रयास करती और असफल हो जाती।
राजा ब्रूस को यह देख बड़ा आश्चर्य हुआ। उसने देखा कि मकड़ी जीना में सूत्र को अटका दिया है। फिर क्या था एक के बाद एक कितने सारे सूत्र अटक गए। मकड़ी ने अपना जाला बुनने लगी। थोड़ी देर में मकड़ी के पूरे प्रयास से खोह के मुंह पर जाला उनका तैयार कर दिया। शत्रु के सिपाही उसको के पास आए और खोह पर मकड़ी का जाला देखकर वापस लौट गए। सावधान रहे ! नफरत, घृणा, क्रोध, और लोभ लालच से ग्रसित व्यक्ति को कोरोनावायरस अपना शिकार बनाती है
राजा ब्रूस की आई हुई मौत वापस लौट गई। अब ब्रस एक गहरी सोच में पड़ गए। वह सोच रहे थे कि जब मकरी बार बार गिरकर भी निराश और हताश नहीं हुई, मैं तो मनुष्य हूं। हाथ पैर वाला आदमी हूं। मैं कैसे हार सकता हूं। मैं कैसे इतनी जल्दी निराश हो गया।
राजा ब्रूस ने अपने हार का मंथन किया और मकरी से जीवन जीने की नई प्रेरणा ली। राजा ब्रूस ने अपने बिछड़े हुए सभी संगी साथियों को इकट्ठा किया और उसने अपनी पूरी ताकत के साथ प्रयास किया। अंत में राजा ब्रूस की जीत हुई ।
यह कहानी हमें शिक्षा देता है कि हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए चाहे परिस्थितियां कितनी भी भयानक क्यों ना हो, हमें हार नहीं मानना चाहिए । हौसला और हिम्मत रखने वालों को ऊपर वाला नया रास्ता दिखा देता है। कठिनाई और समस्या से भागने वाले को कठिनाई और समस्या उसका सदा पीछा करता रहता है। सो आप अपने जीवन से हार न माने, अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अपनी आखिरी सांस तक, आप अपना प्रयास करें । आपका लक्ष्य खुद आप तक चल कर आप को सलाम करेगा ।
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