विश्व प्रसिद्ध भविष्यवाणियां क्या है ? जीन डिक्सन ने भारत के विषय में क्या कहा ? एंडरसन ने भारत के विषय में क्या कहा ? गेरार्ड क्राइसे या प्रोफ़ेसर कीरो या नस्त्रदमस या आर्थर चार्ल्स क्लार्क ने भारत के विषय में क्या कहा ? भारत के विषय में कौन से भविष्यवक्ता ने क्या कहा ?
आज संसार की समस्याएं इतनी जटिल हो गई है कि मानव उसे अपनी बुद्धि और बल पर सुलझा नहीं सकता । विश्व शांति अब मनुष्य की ताकत के बाहर की बात हो गई है लेकिन हमें निराश होने की जरूरत नहीं है ।
कुछ ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि भगवान / खुदा धरती पर आ गया है । वह हमारी सहायक शक्तियों के साथ नवयुग की स्थापना के प्रयासों में जुटा हुआ है । वह दुनिया का उद्धारक ज्यादा देर तक पर्दे में के पीछे छिपा नहीं रह सकता । पुरानी सभ्यता का अंत होने का समय आ गया है और दिव्य संस्कृति का आगमन का समय आ चुका है । पुरातन युग का नाश और नए युग का उदय सुनिश्चित है।
जीन डिक्शन ( Jean Dixon ) के अनुसार एक ग्रामीण परिवार में एक महान आत्मा ने जन्म ले लिया है। जो महान आध्यात्मिक क्रांति का सूत्रपात संचालन करेगा । उसके साथ क्रियाशील आत्माओं की शक्ति होगी । जो संसार की विकृत वर्तमान परिस्थितियों को बदल डालेगी । यह जीन डिक्सन अमेरिका ही नहीं सारे विश्व में भविष्यवाणी के लिए विख्यात है।
एंडरसन के अनुसार एक ऐसे व्यक्ति ने जन्म लिया है। जिसकी अकेले की उत्पादित शक्ति किसी भी शक्ति संपन्न राष्ट्र के बराबर होगी । वह एक भाषा एक संस्कृति एक धर्म की आचार संहिता का सृजन करेगा ।
जब एंडरसन 8 वर्ष का था तभी उसने अपने बड़े भाई को लेकर एक भविष्यवाणी की थी उस दिन एंडरसन अपने घर में खेल रहा था । प्रथम युद्ध प्रारंभ हो चुका था । एंडरसन का बड़ा भाई नेल्सन कनाडा की सेना में कप्तान था । उसने अपनी मां का हाथ पकड़कर कमरे में ले गया और बोला देखो मां , भैया के चेहरे पर बंदूक की गोली लगी है और वह पृथ्वी पर गिर कर मर चुके हैं । उसकी मां ने उसे डांटा , चल मूर्ख , फिर कभी ऐसी बात अपनी मुख से मत निकालना। पर एंडरसन वह बात बार-बार कहता रहा ।
इस घटना के दो-तीन दिन बाद ही कनाडा से तार आया की नेल्सन की 1 नवंबर 1918 को गोली लगने से मृत्यु हो गई है ।
एंडरसन ने अपनी एक महत्वपूर्ण भविष्यवाणी में बताया कि आगामी वर्ष संसार के लिए महा विनाशक होंगे । एशिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश उत्पाद शुरू करेगा। जो आज आप प्रमाण देख रहे हैं कोरोना वायरस को जन्म देना ।
एंडरसन ने यह भी कहा था कि आने वाले दिनों में सभी देशों की राजनीतिक प्रधानों का अस्तित्व खतरे में रहेगा और उसका प्रभुत्व दिन प्रतिदिन घटता चला जाएगा । छोटे छोटे से तबके के सच्चे ,ईमानदार, न्याय , नीति ,उदारता ,त्याग और बलिदान को महत्त्व देने लगेंगे । संसार के तमाम संविधान के समानांतर एक मानवीय संविधान का निर्माण होगा। समाचार पत्रों में मुखपृष्ठ पर ऐसे समाचार छापे जाएंगे । जो आज नहीं छपा करता है।
उनका कहना था कि आज संसार धर्म संस्कृति के जिस स्वरूप की कल्पना भी नहीं करता उस धर्म का तेजी से विस्तार होगा और सारे संसार पर छा जाएगा । यह धर्म और संस्कृति भारत वर्ष की हो गई और वह मसीहा भी भारत वर्ष का होगा ।
युग परिवर्तन परमात्मा या खुदा की निजी इच्छा है । यह किसी के रोकने से नहीं रुकेगा । आज की वर्तमान परिस्थितियां बदलकर रहेगा । उसे कोई कितना भी रोकना चाहे , पर रोक नहीं सकता। कितना भी धन लगाए पर उस क्रांति को कोई रोक नहीं सकता । वो क्रांति होकर रहेगी । यही परमात्मा की इच्छा है ।
गिरार्ड क्राइस्ट के अनुसार एक प्रकाश उठ रहा है। जो वायुमंडल को भी शुद्ध करेगा और लोगों के अंतःकरण में समाये छल , कपट , घृणा और लोभ – लालच को भी शुद्ध करेगा । संसार एक सूत्र में बांधेगा और सर्वत्र अमन और शांति का राज होगी ।
इसी बीच संसार में भारी उथल-पुथल होगी । वायु दुर्घटनाएं इतनी अधिक होगी की बहुत कम लोग हवाई जहाज से यात्रा करेंगे । संसार के लोग उस मसीहा को देखेंगे और उसकी बात मानेंगे । सारे राजनीतिक नेता को एक मंच पर इकट्ठा होने को विवश होंगे । फिर संसार एक सूत्र में बंधता चला जाएगा । चारों तरफ अमन और शांति होगी । कहीं कोई हिंसा नहीं होगी , दमन , झूठ , फरेब , लोभ -लालच के लिए कोई स्थान न होगा।
आर्थर चार्ल्स क्लार्क के अनुसार वह समय आ गया है । जब संसार से वर्ण भेद , जातिभेद , लिंग भेद तथा राष्ट्रों के बीच भेदभाव मिट जाएगा। सारी दुनिया के लोग भाई भाई की तरह रहेंगे । सारी पृथ्वी पर एक धर्म , मानव धर्म की स्थापना होगा । आज जिस तरह से पृथ्वी के सारे देश बंटे हुए हैं । वह सारे देश एक हो जाएंगे । मानव का सोया हुआ अंतःकरण जागने को विवश हो जाएगा । आज जिन शक्तियों की ओर लोगों का ध्यान भी नहीं जाता। तब वह शक्तियां प्रत्येक मानव का शोध विषय बन जाएगा।
प्रोफ़ेसर हरा के अनुसार ऐसे किसी दिव्य पुरुष का जन्म भारतवर्ष में होगा। जिसकी आध्यात्मिक क्रांति की जड़ें बिना किसी लोक यश के भीतर ही भीतर जमता रहेगा और उसके बाद उसका प्रभुत्व सारे विश्व में छा जाएगा । उसके विचार इतना मानवतावादी और दूरदर्शी होगा कि सारा विश्व उसके कथन और विचारों को सुनने को बाध्य हो जाएगा ।
जूलबर्न के अनुसार इतिहास के सबसे समर्थ व्यक्ति का उत्तरण हो चुका है शीघ्र ही सारी दुनिया को बदल डालेगा। उसका ज्ञान क्रांति उठेगा और आंधी तूफान की तरह सारे विश्व में छा जाएगा।
श्री अइय्यर ने बताया कि कल्कि नाम का महापुरुष संपूर्ण आर्ष ग्रन्थों के उध्दार से लेकर सामान्य जीवन तक की सारी रीति नीति संबंधी नए विचारों का सृजन करेगा । पीछे इन्हीं विचारों को लोग अनुसरण करेंगे। वह गृहस्थ होगा । अतुल संपत्ति वाला होगा । फिर भी उसका रहन-सहन साधारण गृहस्थ जैसा होगा ।उसकी संपत्ति लोकमंगल के लिए होगे।
फ्रांस में जन्मे नॉस्त्रादमस के अनुसार विश्व विख्यात व्यक्ति का जन्म पूर्व देशों में होगा। यह अकेला ही अपने छोटे-छोटे सहयोगियों के द्वारा सारे संसार में तहलका मचा देगा। यह ऐतिहासिक महापुरुष एक ऐसे महा संघर्ष को जन्म देगा कि घर-घर गली गली मोहल्ले नगर नगर में अंतर्द्वंद छिड़ जाएगा। उसके बाद संसार में सर्वत्र मानवता का आधिपत्य होगा । लोग आसुरी वृत्तियों का परित्याग कर देंगे और संसार में सर्वत्र सुख शांति अमन का राज होगा।
जितने भी भविष्य वक्ताओं ने भविष्यवाणियां की है उनके अनुसार वह वही व्यक्ति होगा जो छल कपट राजनीति धार्मिक से कोई मतलब नहीं होगा उसका धर्म, मानव धर्म और प्रेम ग्रंथ होगा । उस प्रेम धर्म से सारी दुनिया जीता जा सकता है । आप जानते हैं कि सारा ब्रह्मांड एक सूत्र में बंधा है। जबकि धरती पर मनुष्य ने अपने आप को धर्म जाति भाषा प्रांत और देश के नाम पर अपने आपको बांट कर रखा हुआ है । सभी धर्म ,जाति , भाषा प्रांत, देशों और मनुष्यों को एक सूत्र में बांधने का मूल मंत्र है , वह है प्रेम । हम प्रेम सारी दुनिया को बांध सकते हैं । प्रेम के द्वारा ही हम ईश्वर को प्राप्त कर सकते हैं।
अगर आपको यह लेख /Article अच्छा लगे तो इसे लाइक करें , कॉमेंट्स करें । जितना हो सके इसे अपने दोस्तों को या सोशल मीडिया में शेयर करें ताकि लोगों में जागृति पैदा हो सके , लोगों का अंदर प्रेम की भावना बढ़ सके , सारी दुनिया एक हो सके, सारे देशों की सरहद खत्म हो सके । लोगों की आपसी लड़ाई – झगड़ा खत्म हो। आपने यहां तक पढ़ा उसके लिए Thank you ……..
